{"_id":"5a7a117d4f1c1b4d588b72ff","slug":"121517949309-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्य: प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर छात्रा परीक्षा से रही वंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्य: प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर छात्रा परीक्षा से रही वंचित
Updated Wed, 07 Feb 2018 03:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर छात्रा परीक्षा से रही वंचित
ललितपुर।
प्रवेश पत्र नहीं मिलने के कारण हाईस्कूल की एक छात्रा बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। छात्रा ने नाराहट पुलिस को तहरीर देकर लापरवाह विद्यालय के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की मांग की है। वहीं, पीड़ित खुद को जिस विद्यालय की छात्रा बता रही है उस विद्यालय को माध्यमिक शिक्षा परिषद से कोई मान्यता भी नहीं है।
शासन व जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी माध्यमिक शिक्षा विभाग जनपद में संचालित हो रहे बिना मान्यता के हाईस्कूलों व इंटरमीडिएट कॉलेजों को बंद नहीं करा पा रहा है। यह कॉलेज बेहतर पढ़ाई व्यवस्था का लालच देकर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलते हैं और बच्चों का अटैचमेंट अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालय में करा देते हैं। इसी खेल के फेर में थाना नाराहट के ग्राम डोंगरा कला में रहने वाली रानी पुत्री मुन्नालाल के जीवन के दो वर्ष खराब हो गए हैं। पीड़ित के अनुसार वह क्षेत्र में संचालित मां विंध्यश्वरी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की छात्रा है। उसने यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन उसका प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण वह परीक्षा से वंछित हो गई है। ऐसा इस छात्रा के साथ पहली बार नहीं हुआ है, विगत वर्ष भी इस छात्रा के साथ ऐसा ही हुआ था। छात्रा के पिता मुन्नालाल ने बताया कि वह विद्यालय में हर माह 300 रुपये का मासिक शुल्क अदा करता आ रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में तीन सौ से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और यह सभी छात्र-छात्राएं जिला मुख्यालय पर संचालित एक निजी इंटर कॉलेज में अटैच हैं। पीड़िता ने नाराहट पुलिस, जिलाधिकरी व जिला विद्यालय निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
यह घटना पीड़ित छात्रा रानी के साथ दूसरी बार गठित हुई है। विगत वर्ष भी उसका बोर्ड परीक्षा को प्रवेश पत्र नहीं मिला था और वह परीक्षा से वंचित हो गई थी। उस दौरान भी पीड़िता ने जिला प्रशासन व जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन विभाग और जिला प्रशासन ने समय बीतने के साथ ही मामले का ठंडे बस्ते में डाल दिया था। यदि विभाग व प्रशासन उसी दौरान इस गैर मान्यता विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करके इस अवैध विद्यालय को बंद करा देता तो शायद इस तरह की घटना की पुर्न:वृत्ति नहीं होगी।
विज्ञापन
सख्त कार्रवाई होगी
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों और गैर मान्यता के विद्यालय संचालित करने वालों को खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। डोंगरा कला के इस मामले की जानकारी हुई है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
- वीरेंद्र कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।
विज्ञापन
ललितपुर।
प्रवेश पत्र नहीं मिलने के कारण हाईस्कूल की एक छात्रा बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। छात्रा ने नाराहट पुलिस को तहरीर देकर लापरवाह विद्यालय के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने की मांग की है। वहीं, पीड़ित खुद को जिस विद्यालय की छात्रा बता रही है उस विद्यालय को माध्यमिक शिक्षा परिषद से कोई मान्यता भी नहीं है।
शासन व जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी माध्यमिक शिक्षा विभाग जनपद में संचालित हो रहे बिना मान्यता के हाईस्कूलों व इंटरमीडिएट कॉलेजों को बंद नहीं करा पा रहा है। यह कॉलेज बेहतर पढ़ाई व्यवस्था का लालच देकर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलते हैं और बच्चों का अटैचमेंट अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालय में करा देते हैं। इसी खेल के फेर में थाना नाराहट के ग्राम डोंगरा कला में रहने वाली रानी पुत्री मुन्नालाल के जीवन के दो वर्ष खराब हो गए हैं। पीड़ित के अनुसार वह क्षेत्र में संचालित मां विंध्यश्वरी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की छात्रा है। उसने यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन उसका प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण वह परीक्षा से वंछित हो गई है। ऐसा इस छात्रा के साथ पहली बार नहीं हुआ है, विगत वर्ष भी इस छात्रा के साथ ऐसा ही हुआ था। छात्रा के पिता मुन्नालाल ने बताया कि वह विद्यालय में हर माह 300 रुपये का मासिक शुल्क अदा करता आ रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में तीन सौ से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और यह सभी छात्र-छात्राएं जिला मुख्यालय पर संचालित एक निजी इंटर कॉलेज में अटैच हैं। पीड़िता ने नाराहट पुलिस, जिलाधिकरी व जिला विद्यालय निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
यह घटना पीड़ित छात्रा रानी के साथ दूसरी बार गठित हुई है। विगत वर्ष भी उसका बोर्ड परीक्षा को प्रवेश पत्र नहीं मिला था और वह परीक्षा से वंचित हो गई थी। उस दौरान भी पीड़िता ने जिला प्रशासन व जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन विभाग और जिला प्रशासन ने समय बीतने के साथ ही मामले का ठंडे बस्ते में डाल दिया था। यदि विभाग व प्रशासन उसी दौरान इस गैर मान्यता विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करके इस अवैध विद्यालय को बंद करा देता तो शायद इस तरह की घटना की पुर्न:वृत्ति नहीं होगी।
विज्ञापन
सख्त कार्रवाई होगी
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों और गैर मान्यता के विद्यालय संचालित करने वालों को खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। डोंगरा कला के इस मामले की जानकारी हुई है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
- वीरेंद्र कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।