{"_id":"59418fd74f1c1bfb038b4628","slug":"12-village-in-dark","type":"story","status":"publish","title_hn":" बारह गांव में चौदह दिन से अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारह गांव में चौदह दिन से अंधेरा
lalitpur
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। विभागीय लापरवाही के चलते बांसी क्षेत्र के बारह गांवों में आंधी व बारिश से चौदह दिन पूर्व बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी जो अब तक सुचारु नहीं हो सकी है, विभागीय प्रणाली के चलते चौदह दिन बाद भी अब तक हाइटेंशन लाइनें नहीं सुधारी जा सकी हैं, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में रहकर किसी प्रकार रातें गुजारना पड़ रहीं हैं।
प्रदेश शासन द्वारा भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश जारी कर रखे हों, लेकिन बिजली विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में फाल्ट सुधारने में लापरवाही की जा रही है। इसका खामियाजा आम ग्रामीण उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश शासन द्वारा फाल्ट होने पर तत्काल सुधारने और ट्रांसफार्मर खराब होने पर 48 से 72 घंटे में बदलने के निर्देश भी जारी किए हैं। लेकिन, हाइटेंशन लाइनों के फाल्ट ही जब दो सप्ताह तक ही नहीं सुधारे जा रहे हैं, तो ट्रांसफार्मर व अन्य बड़े फाल्ट सही करने का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। चौदह दिन पूर्व दो जून को आई आंधी व बारिश में कई गांवों की बिजली दर्जनों खंभे व हाइटेंशन विद्युत लाइनें टूट गईं थीं। इस क्षेत्र की बिजली सामान्य होने में करीब चार से पांच दिन का समय लगा था, लेकिन चौदह दिन बीतने के बाद भी बांसी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारह गांवों में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। इसके लिए आए दिन ग्रामीणों द्वारा बिजली विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जा रही है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुधार में अब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। बांसी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत आने वाले ग्राम अड़वाहा, खजरा, डुलावन, गहराव, चंदावली, चंदावली, चुनगी, हर्षपुर समेत करीब एक दर्जन गांव में अब भी बिजली आपूर्ति लगातार प्रभावित चल रही है। वहीं, ग्राम कारीटोरन, इमलिया में बिजली की आंखमिचौनी का खेल दिन भर चलने से ग्रामीणों ने स्थाई समाधान की मांग भी की है।
शटडाउन बंद करने से समस्या
ललितपुर। बांसी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत विद्युत लाइनमैन के शटडाउन बंद कर दूसरे सब स्टेशनों के लाइनमैन से काम कराने के चलते विद्युत समस्या हुई है। दूसरे क्षेत्र के लाइनमैन से काम कराने के चलते क्षेत्र की सही जानकारी के अभाव में फाल्ट नहीं सुधारे जा रहे हैं और दर्जनों गांवों की दो सप्ताह बाद भी बिजली आपूर्ति प्रभावित चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश शासन द्वारा भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश जारी कर रखे हों, लेकिन बिजली विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में फाल्ट सुधारने में लापरवाही की जा रही है। इसका खामियाजा आम ग्रामीण उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश शासन द्वारा फाल्ट होने पर तत्काल सुधारने और ट्रांसफार्मर खराब होने पर 48 से 72 घंटे में बदलने के निर्देश भी जारी किए हैं। लेकिन, हाइटेंशन लाइनों के फाल्ट ही जब दो सप्ताह तक ही नहीं सुधारे जा रहे हैं, तो ट्रांसफार्मर व अन्य बड़े फाल्ट सही करने का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। चौदह दिन पूर्व दो जून को आई आंधी व बारिश में कई गांवों की बिजली दर्जनों खंभे व हाइटेंशन विद्युत लाइनें टूट गईं थीं। इस क्षेत्र की बिजली सामान्य होने में करीब चार से पांच दिन का समय लगा था, लेकिन चौदह दिन बीतने के बाद भी बांसी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारह गांवों में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। इसके लिए आए दिन ग्रामीणों द्वारा बिजली विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जा रही है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुधार में अब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। बांसी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत आने वाले ग्राम अड़वाहा, खजरा, डुलावन, गहराव, चंदावली, चंदावली, चुनगी, हर्षपुर समेत करीब एक दर्जन गांव में अब भी बिजली आपूर्ति लगातार प्रभावित चल रही है। वहीं, ग्राम कारीटोरन, इमलिया में बिजली की आंखमिचौनी का खेल दिन भर चलने से ग्रामीणों ने स्थाई समाधान की मांग भी की है।
विज्ञापन
शटडाउन बंद करने से समस्या
ललितपुर। बांसी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत विद्युत लाइनमैन के शटडाउन बंद कर दूसरे सब स्टेशनों के लाइनमैन से काम कराने के चलते विद्युत समस्या हुई है। दूसरे क्षेत्र के लाइनमैन से काम कराने के चलते क्षेत्र की सही जानकारी के अभाव में फाल्ट नहीं सुधारे जा रहे हैं और दर्जनों गांवों की दो सप्ताह बाद भी बिजली आपूर्ति प्रभावित चल रही है।
विज्ञापन