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वाणिज्यकर विभाग करेगा 1355 व्यापारियों का सत्यापन
Updated Wed, 22 Nov 2017 03:14 AM IST
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वाणिज्यकर विभाग करेगा 1355 व्यापारियों का सत्यापन
ललितपुर।
जीएसटी लागू होने के बाद रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों को जीएसटी काउंसिल से घटी हुई पेनल्टी देनी होगी। व्यापारियों पर अब 50 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पेनल्टी लगाई जाएगी। पहले यह पेनल्टी सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से वाणिज्यकर विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले जिले के 1355 व्यापारियों के व्यापार स्थल का भी सत्यापन किया जाएगा।
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने का समय शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इसके तहत व्यापारियों को जीएसटी आर1 और जीएसटी आर3 के लिए रिटर्न दाखिल करना है। व्यापारियों के लिए विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल न करने पर अतिरिक्त समय का मौका भी दिया गया, लेकिन बहुत से व्यापारियों ने अंतिम तिथि निकलने के बाद भी रिटर्न दाखिल नहीं किया। जिसके चलते ऐसे व्यापारियों की सूची तैयार कर वाणिज्यकर विभाग ललितपुर के लिए भेजी गई है। इसके तहत जिले में ऐसे 1355 व्यापारी हैं जिन्होंने सितंबर माह का रिटर्न अंतिम तिथि निकलने के बाद भी दाखिल नहीं किया है। ऐसे सभी व्यापारियों को रिटर्न दाखिल कराकर पेनल्टी भी भरनी होगी। यह पेनल्टी जीएसटी लागू होने के दौरान 100 रुपये केंद्र और सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से राज्य स्तर पर लगाने का प्रावधान किया गया था, लेकिन गत दिनों जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों पर लगने वाली यह पेनल्टी घटाकर केंद्र व राज्य स्तर पर 25-25 रुपये प्रति दिन के हिसाब से कुल 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देनी होगी। इसके साथ ही वाणिज्यकर विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों के व्यापार स्थल की भी जांच करेगी कि व्यापारियों का व्यापार चल भी रहा है कि नहीं। व्यापार स्थल की जांच कर विभाग द्वारा जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
यह है रिटर्न दाखिल की प्रक्रिया
व्यापारियों द्वारा भरा जाने वाला रिटर्न अब ऑन लाइन ही भरा जाता है। जिसके चलते अब यदि किसी व्यापारी ने एक महीने से अधिक का रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो उस व्यापारी को सबसे पहले उस पहले महीने का रिटर्न दाखिल करना होगा और उस महीने की पैनाल्टी भी ऑन लाइन भरनी होगी। इसके बाद ही उससे अगले महीने का रिटर्न भरने का फार्म ऑनलाइन खुल सकेगा। यदि पहले महीने का रिटर्न नहीं भरा गया है तो अगले महीने का रिटर्न फार्म ऑनलाइन खुलेगा ही नहीं।
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सितंबर माह में रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 1355 व्यापारियों की सूची मिली है। इन सभी व्यापारियों को जीएसटी काउंसिल द्वारा निर्धारित पबऋाल्टी देनी होगी, जो अब पहले से कम करते हुए केंद्र व राज्य स्तर पर 25-25 रुपये कर दी गई है। इन व्यापारियों के व्यापार स्थल का सत्यापन मौके पर जाकर करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
प्रवीण श्रोतीय, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग।
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ललितपुर।
जीएसटी लागू होने के बाद रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों को जीएसटी काउंसिल से घटी हुई पेनल्टी देनी होगी। व्यापारियों पर अब 50 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पेनल्टी लगाई जाएगी। पहले यह पेनल्टी सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से वाणिज्यकर विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले जिले के 1355 व्यापारियों के व्यापार स्थल का भी सत्यापन किया जाएगा।
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने का समय शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इसके तहत व्यापारियों को जीएसटी आर1 और जीएसटी आर3 के लिए रिटर्न दाखिल करना है। व्यापारियों के लिए विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल न करने पर अतिरिक्त समय का मौका भी दिया गया, लेकिन बहुत से व्यापारियों ने अंतिम तिथि निकलने के बाद भी रिटर्न दाखिल नहीं किया। जिसके चलते ऐसे व्यापारियों की सूची तैयार कर वाणिज्यकर विभाग ललितपुर के लिए भेजी गई है। इसके तहत जिले में ऐसे 1355 व्यापारी हैं जिन्होंने सितंबर माह का रिटर्न अंतिम तिथि निकलने के बाद भी दाखिल नहीं किया है। ऐसे सभी व्यापारियों को रिटर्न दाखिल कराकर पेनल्टी भी भरनी होगी। यह पेनल्टी जीएसटी लागू होने के दौरान 100 रुपये केंद्र और सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से राज्य स्तर पर लगाने का प्रावधान किया गया था, लेकिन गत दिनों जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों पर लगने वाली यह पेनल्टी घटाकर केंद्र व राज्य स्तर पर 25-25 रुपये प्रति दिन के हिसाब से कुल 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देनी होगी। इसके साथ ही वाणिज्यकर विभाग द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों के व्यापार स्थल की भी जांच करेगी कि व्यापारियों का व्यापार चल भी रहा है कि नहीं। व्यापार स्थल की जांच कर विभाग द्वारा जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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यह है रिटर्न दाखिल की प्रक्रिया
व्यापारियों द्वारा भरा जाने वाला रिटर्न अब ऑन लाइन ही भरा जाता है। जिसके चलते अब यदि किसी व्यापारी ने एक महीने से अधिक का रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो उस व्यापारी को सबसे पहले उस पहले महीने का रिटर्न दाखिल करना होगा और उस महीने की पैनाल्टी भी ऑन लाइन भरनी होगी। इसके बाद ही उससे अगले महीने का रिटर्न भरने का फार्म ऑनलाइन खुल सकेगा। यदि पहले महीने का रिटर्न नहीं भरा गया है तो अगले महीने का रिटर्न फार्म ऑनलाइन खुलेगा ही नहीं।
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सितंबर माह में रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 1355 व्यापारियों की सूची मिली है। इन सभी व्यापारियों को जीएसटी काउंसिल द्वारा निर्धारित पबऋाल्टी देनी होगी, जो अब पहले से कम करते हुए केंद्र व राज्य स्तर पर 25-25 रुपये कर दी गई है। इन व्यापारियों के व्यापार स्थल का सत्यापन मौके पर जाकर करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
प्रवीण श्रोतीय, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग।