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बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास पर जोर
Updated Wed, 06 Sep 2017 02:04 AM IST
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बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास पर जोर
ललितपुर। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास पर बल दिया।
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने कहा कि बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास की जरूरत है। बीएसए अंबरीश कुमार ने कहा कि रिटायरमेंट के पश्चात शिक्षक सामाजिक कार्यक्रमों जैसे कुपोषण, स्वच्छता आदि से जुड़कर समाज हित में कार्य कर सकते हैं। डीएम मानवेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में सीखते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने फूलों की बर्बादी को रोकने के लिए स्वागत में एक पुष्प और एक प्रेरक पुस्तक देने का शासनादेश जारी किया है। जिसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। वास्तव में पुस्तक ही हमारी सच्ची मित्र होती है। मेरे मस्तिष्क में गुरुओं के प्रति सम्मान है। उन्होंने कार्य व्यवहार के माध्यम से एक आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान शिक्षकों से किया। डायट प्राचार्य जेपी राजपूत ने डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान रिटायरमेंट हो चुके शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, गीता और उनका माल्यार्पण कर सम्मान किया। जिला एवं ब्लाक इकाइयों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम में हरीराम खरे, रामकुमार पाठक, चंद्र प्रताप सिंह, सरमनलाल, पवन स्वरूप पटैरिया, असद खान, आलोक स्वामी, विनय रजक, सर्वोदय झां, संतोष रजक, नरेश कुमार, राजेश जैन, कमल कुशवाहा, आशीष मिश्रा, कैलाश नारायण तिवारी, शालिकराम शर्मा उपस्थित रहे। संचालन आलोक श्रीवास्तव ने किया। अंत में संगठन के जिला मंत्री अरुण गोस्वामी ने सभी का आभार प्रकट किया।
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ललितपुर। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास पर बल दिया।
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने कहा कि बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास की जरूरत है। बीएसए अंबरीश कुमार ने कहा कि रिटायरमेंट के पश्चात शिक्षक सामाजिक कार्यक्रमों जैसे कुपोषण, स्वच्छता आदि से जुड़कर समाज हित में कार्य कर सकते हैं। डीएम मानवेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में सीखते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने फूलों की बर्बादी को रोकने के लिए स्वागत में एक पुष्प और एक प्रेरक पुस्तक देने का शासनादेश जारी किया है। जिसका अक्षरश: पालन किया जाएगा। वास्तव में पुस्तक ही हमारी सच्ची मित्र होती है। मेरे मस्तिष्क में गुरुओं के प्रति सम्मान है। उन्होंने कार्य व्यवहार के माध्यम से एक आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान शिक्षकों से किया। डायट प्राचार्य जेपी राजपूत ने डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान रिटायरमेंट हो चुके शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, गीता और उनका माल्यार्पण कर सम्मान किया। जिला एवं ब्लाक इकाइयों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम में हरीराम खरे, रामकुमार पाठक, चंद्र प्रताप सिंह, सरमनलाल, पवन स्वरूप पटैरिया, असद खान, आलोक स्वामी, विनय रजक, सर्वोदय झां, संतोष रजक, नरेश कुमार, राजेश जैन, कमल कुशवाहा, आशीष मिश्रा, कैलाश नारायण तिवारी, शालिकराम शर्मा उपस्थित रहे। संचालन आलोक श्रीवास्तव ने किया। अंत में संगठन के जिला मंत्री अरुण गोस्वामी ने सभी का आभार प्रकट किया।
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