{"_id":"594932394f1c1b75588b499c","slug":"11497969209-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेज नंबर दो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेज नंबर दो
Updated Tue, 20 Jun 2017 08:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शौचालयों में अवैध कब्जा, किसान व्यापारी परेशान
ललितपुर। गल्ला मंडी में बनाए गए शौचालय बंद होने से किसान व व्यापारी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। कुछ शौचालयों पर तो अवैध रुप से कब्जा कर लिया गया है।
एक ओर जहां पूरे देश में खुले में शौच से मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है, वहीं गल्ला मंडी में तीन-तीन शौचालय निर्मित होने के बाद भी लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। गल्ला मंडी में एक शौचालय मुख्य गेट के पास और एक मंडी परिसर के मध्य में स्थित है। वहीं, एक काफी पुराना शौचालय पुलिस चौकी के पास बना हुआ है। यह सभी मंडी में व्यापार करने वाले व्यापारियों व यहां आने वाले किसानों के उपयोग के लिए बनाए गए थे। गेट के पास बने शौचालय के एक कमरे में हमेशा ही ताला जड़ा रहता है, जबकि मंडी के मध्य में बनाए गए पूरे शौचालयों में ताले लगे रहते हैं। यह आधुनिक सुविधा युक्त शौचालय लाखों रुपए की कीमत से कुछ वर्ष पूर्व बनाया गया गया था, लेकिन उक्त शौचालय के निर्माण के शुभारंभ के बाद से ही इसमें ताला जड़ा हुआ है। अब तो यह स्थिति बन गई है कि इस शौचालय के बाहरी भाग में भी कुछ मजदूरों द्वारा सामान रखकर कब्जा जमा लिया है। वहीं, मंडी परिसर में ही स्थित पुलिस चौकी के पास बने शौचालय पर भी कब्जा कर लिया गया है और इसके एक कमरे में ताला जड़कर इसकी दीवार पर पुलिस हैडक्वार्टर लिख दिया गया है। अब ऐसी स्थिति में मंडी में निर्मित सभी शौचालय बंद पड़े हुए हैं।ं सरकारी परिसर में शौचालयों में जड़े ताले शासन के शौच मुक्त अभियान को पलीता लगा रहे हैं।
---बॉक्स---
शोपीस बने दिव्यांगों के शौचालय
ललितपुर। विकास भवन परिसर में कृषि विभाग की ओर दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप युक्त शौचालय का निर्माण किया गया था। लेकिन, दुर्भाग्य कि लाखों रुपए की लागत से बनाया गया यह शौचालय आज भी बंद पड़ा हुआ है, जबकि यहां स्थित बैंक, समाज कल्याण विभाग व अन्य विभागों में रोजाना दर्जनों दिव्यांग विभागीय कार्यों से पहुंचते हैं, लेकिन शौचालय बंद होने से दिव्यांगों के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, जिला चिकित्सालय परिसर में भी दिव्यांगों के लिए बनाया गया शौचालय का शुभारंभ नहीं हो सका है, जिससे यहां भी दिव्यांगों को परेशान होना पड़ता है। सरकारी विभागों में दिव्यांगों के लिए यह शौचालय जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते मात्र शोपीस बन कर रह गए हैं।
विज्ञापन
इनका कहना है-
गल्ला मंडी परिसर में शौचालय बंद होने का मामला जानकारी में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय व्यापारियों व किसानों की सुविधा के लिए शौचालय शुरु कराए जाएंगे।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी।
ललितपुर। गल्ला मंडी में बनाए गए शौचालय बंद होने से किसान व व्यापारी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। कुछ शौचालयों पर तो अवैध रुप से कब्जा कर लिया गया है।
एक ओर जहां पूरे देश में खुले में शौच से मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है, वहीं गल्ला मंडी में तीन-तीन शौचालय निर्मित होने के बाद भी लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। गल्ला मंडी में एक शौचालय मुख्य गेट के पास और एक मंडी परिसर के मध्य में स्थित है। वहीं, एक काफी पुराना शौचालय पुलिस चौकी के पास बना हुआ है। यह सभी मंडी में व्यापार करने वाले व्यापारियों व यहां आने वाले किसानों के उपयोग के लिए बनाए गए थे। गेट के पास बने शौचालय के एक कमरे में हमेशा ही ताला जड़ा रहता है, जबकि मंडी के मध्य में बनाए गए पूरे शौचालयों में ताले लगे रहते हैं। यह आधुनिक सुविधा युक्त शौचालय लाखों रुपए की कीमत से कुछ वर्ष पूर्व बनाया गया गया था, लेकिन उक्त शौचालय के निर्माण के शुभारंभ के बाद से ही इसमें ताला जड़ा हुआ है। अब तो यह स्थिति बन गई है कि इस शौचालय के बाहरी भाग में भी कुछ मजदूरों द्वारा सामान रखकर कब्जा जमा लिया है। वहीं, मंडी परिसर में ही स्थित पुलिस चौकी के पास बने शौचालय पर भी कब्जा कर लिया गया है और इसके एक कमरे में ताला जड़कर इसकी दीवार पर पुलिस हैडक्वार्टर लिख दिया गया है। अब ऐसी स्थिति में मंडी में निर्मित सभी शौचालय बंद पड़े हुए हैं।ं सरकारी परिसर में शौचालयों में जड़े ताले शासन के शौच मुक्त अभियान को पलीता लगा रहे हैं।
विज्ञापन
---बॉक्स---
शोपीस बने दिव्यांगों के शौचालय
ललितपुर। विकास भवन परिसर में कृषि विभाग की ओर दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप युक्त शौचालय का निर्माण किया गया था। लेकिन, दुर्भाग्य कि लाखों रुपए की लागत से बनाया गया यह शौचालय आज भी बंद पड़ा हुआ है, जबकि यहां स्थित बैंक, समाज कल्याण विभाग व अन्य विभागों में रोजाना दर्जनों दिव्यांग विभागीय कार्यों से पहुंचते हैं, लेकिन शौचालय बंद होने से दिव्यांगों के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, जिला चिकित्सालय परिसर में भी दिव्यांगों के लिए बनाया गया शौचालय का शुभारंभ नहीं हो सका है, जिससे यहां भी दिव्यांगों को परेशान होना पड़ता है। सरकारी विभागों में दिव्यांगों के लिए यह शौचालय जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते मात्र शोपीस बन कर रह गए हैं।
विज्ञापन
इनका कहना है-
गल्ला मंडी परिसर में शौचालय बंद होने का मामला जानकारी में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय व्यापारियों व किसानों की सुविधा के लिए शौचालय शुरु कराए जाएंगे।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी।