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बूचड़खाने की जगह खोलें गौशाला

Mon, 04 Dec 2017 01:13 AM IST
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:13 AM IST
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बूचड़खाने की जगह खोलें गौशाला
बूचड़खाने की जगह खोलें गोशाला
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ललितपुर। झांसी में खोले गए बूचड़खाना के विरोध में करुणा इंटरनेशनल ने अपना तीव्र विरोध दर्ज कराते हुए प्रदेश सरकार से मांग की है कि आधुनिक स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति वापिस ली जाए।

करुणा इंटरनेशनल केंद्र मड़ावरा की एक बैठक सेवानिवृत्त प्रवक्ता रमेशचंद्र जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई, इसमें उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि गो हत्या के कारण ही पृथ्वी पर भूकंप आ रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग भी पशुधन की कटाई का दुष्परिणाम है। यदि हमें जलवायु परिवर्तन पर काबू पाना है तो पशुओं का वध रोकना होगा। बूचड़खाना बुंदेलखंड के लिए और अधिक आपदाएं लेकर आएगा। यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो पवित्र झांसी की भूमि अपवित्र हो जायेगी। सरकार बूचड़खाने की जगह गोशालाएं खोलें, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़े व गो हत्या रुक सके । डा. सुनील संचय ने बताया कि झांसी के भगवंतपुरा में भारी विरोध के बाद भी आधुनिक स्लाटर हाउस खोलने की अनुमति दे दी गई है और चोरी-चोरी चुपके से चालू भी हो गया है। इससे समस्त अहिंसा प्रेमी आहत हैं। इस यांत्रिक कत्लखाने में 600 निरीह पशुओं की गर्दन पर खंजर चलाने की योजना है। बुंदेलखंड में कत्लखाना नहीं रोजगार एवं कल कारखानों की जरूरत है और यहां बूचड़खाने की जगह गो शाला खोली जाय। इससे लोगों को रोजगार मिल सके व पशुधन की रक्षा हो सके। अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती कई वर्षों से सूखे की मार झेल रही है। यहां की पशु संपदा अगर हजारों की संख्या में रोज मौत के घाट उतारी जाएगी तो इसके दुष्प्रभाव खेती, किसानी, पर्यावरण को नष्ट करने वाले प्राकृतिक आपदाओं के कारण बनेंगें।
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