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व्यापार: पाली
Updated Sat, 29 Sep 2018 04:12 AM IST
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जीएसटी के विरोध में प्रदर्शन
पाली। जीएसटी में टैक्स का प्रावधान किए जाने के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद करके जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जिससे नगर की दुकानें बंद रही। उन्होंने उपजिलाधिकारी विधेश के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर लगाए गए ज्यादा टैक्स की जगह पांच प्रतिशत से सोलह प्रतिशत ही टैक्स लगने की मांग की है।
व्यापारी व्यापार मंडल पाली में स्थित जैन धर्मशाला के पास मैन बाजार में एकत्रित हुए जहां से वह नारेबाजी करते हुए नगर पंचायत तिराहा, पुराना बस स्टैंड से नया बस स्टेंड पहुंचे। इस मौके पर श्रीकांत जैन ने कहा कि पंजीकृत व्यापारियों को पेंशन दी जाए, पूरे देश में मंडी शुल्क समाप्त किया जाए व खुदरा एवं विदेशी निवेश को अनुमति न दी जाए। खेमचंद्र चौरसिया ने कहा कि आयकर में छूट की सीमा पांच लाख एवं धारा 80 सी के अंतर्गत डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख की जाए। टैक्स लगाकर व्यापारियों के साथ अन्याय किया है इससे व्यापारियों की परेशानी तो बढ़ेगी ही साथ में आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान सभी व्यापारियों ने हड़ताल कर अपनी दुकानों को बंद रखी जिससे ग्राहक इधर उधर भटके जिससे उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। पूरे नगर में सभी दुकानें बद रही सरकार फैसले को तुरंत ले वापस कपड़ा व्यापारी जयकुमार जैन ने कहा कि आजादी के समय में सरकार ने रोटी, कपड़ा और मकान देने में राहत की बात की थी। पहले की सरकारों ने कभी भी इस पर टैक्स नहीं लगाया है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने जीएसटी को लागू करने के फैसले के बाद सभी व्यापारियों में भय का माहौल बना दिया है। सरकार को इस फैसले को तुरंत वापिस लेना चाहिए। प्रदर्शन में नंदकिशोर सोनी, जयकुमार वैद्य, दीपक जैन, शिबू चौरसिया, सतेंद्र रसिया, मुकेश पांडेय, अरुण मोदी, मनोज नामदेव, राजकुमार पटेल, जगदीश सोनी, संजय सतभैया, अमित चौरसिया, नितिन जैन, देवकी एस टीडी, राम चौरसिया, दीनू जैन, रानू उपाध्याय, पुष्पेंद्र चौरसिया, रामस्वरूप चौरसिया व मुन्नालाल साहू व अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
पाली। जीएसटी में टैक्स का प्रावधान किए जाने के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद करके जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जिससे नगर की दुकानें बंद रही। उन्होंने उपजिलाधिकारी विधेश के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर लगाए गए ज्यादा टैक्स की जगह पांच प्रतिशत से सोलह प्रतिशत ही टैक्स लगने की मांग की है।
व्यापारी व्यापार मंडल पाली में स्थित जैन धर्मशाला के पास मैन बाजार में एकत्रित हुए जहां से वह नारेबाजी करते हुए नगर पंचायत तिराहा, पुराना बस स्टैंड से नया बस स्टेंड पहुंचे। इस मौके पर श्रीकांत जैन ने कहा कि पंजीकृत व्यापारियों को पेंशन दी जाए, पूरे देश में मंडी शुल्क समाप्त किया जाए व खुदरा एवं विदेशी निवेश को अनुमति न दी जाए। खेमचंद्र चौरसिया ने कहा कि आयकर में छूट की सीमा पांच लाख एवं धारा 80 सी के अंतर्गत डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख की जाए। टैक्स लगाकर व्यापारियों के साथ अन्याय किया है इससे व्यापारियों की परेशानी तो बढ़ेगी ही साथ में आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान सभी व्यापारियों ने हड़ताल कर अपनी दुकानों को बंद रखी जिससे ग्राहक इधर उधर भटके जिससे उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। पूरे नगर में सभी दुकानें बद रही सरकार फैसले को तुरंत ले वापस कपड़ा व्यापारी जयकुमार जैन ने कहा कि आजादी के समय में सरकार ने रोटी, कपड़ा और मकान देने में राहत की बात की थी। पहले की सरकारों ने कभी भी इस पर टैक्स नहीं लगाया है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने जीएसटी को लागू करने के फैसले के बाद सभी व्यापारियों में भय का माहौल बना दिया है। सरकार को इस फैसले को तुरंत वापिस लेना चाहिए। प्रदर्शन में नंदकिशोर सोनी, जयकुमार वैद्य, दीपक जैन, शिबू चौरसिया, सतेंद्र रसिया, मुकेश पांडेय, अरुण मोदी, मनोज नामदेव, राजकुमार पटेल, जगदीश सोनी, संजय सतभैया, अमित चौरसिया, नितिन जैन, देवकी एस टीडी, राम चौरसिया, दीनू जैन, रानू उपाध्याय, पुष्पेंद्र चौरसिया, रामस्वरूप चौरसिया व मुन्नालाल साहू व अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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