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कृषि: महरौनी
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:45 AM IST
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लगातार बारिश बनी खरीफ की फसल के लिए संकट
बार-बार हो रही बरसात से उड़द, तिल हुए खराब
महरौनी। विगत कुछ हफ्तों में हुई लगातार बारिश के चलते उड़द मूंग तिल की फसलें खराब हो चली हैं। इससे क्षेत्र में कहीं ज्यादा तो कहीं कम असर रहा लेकिन नुकसान हर जगह होता दिख रहा है।
किसान अपनी खराब फसलों को लेकर तहसील स्तर से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों की चौखट तक दस्तक दे चुके हैं। खराब हुई फसल का मुआवजा मिल सके , लेकिन शुक्रवार शाम को हुई फिर से बारिश के चलते जो शेष बचीं फसलें थी जो कि कटाई की कगार पर हैं, वह फिर से बरसे इस पानी से खराब होने का अंदेशा बना हुआ है कि कहीं तेज जोरदार बारिश हो गयी तो जो शेष बची फसलें है वह भी तबाह हो जाएगी। जिससे किसानों को बडी परेशानी का सबब बना हुआ है ।और जैसे तैसे अपनी फसलो को बचाने मे लगा हुआ है ।बताते चले कि शुक्रवार शाम को हुई वारिश से किसानो के चेहरे मुरझा गये है ।जो फसल कटाई पर थी और किसान कडी मेहनत मसक्कत कर बडे जोड तोड से फसलो को कटाई कर हार्वेस्टर से थ्रेशर से निकाले मे लगा हुआ था ।बह अब पानी बरसने से सब काम ठप्प हो चला है ।और खेतो मे नमी आ जाने से कोई भी मशीनरी फसलो को निकालने मे उपयोग मे नही लाई जा रही है ।जिससे किसान चिंतित बना हुआ है ।अगर आने बाले समय मे फिर से बालिश होती रही तो फिर फसलो को बचाना मुश्किल हो जायेगा।बैसे तमाम समाधान दिवस व तहसील दिवस के साथ साथ तहसील मुख्यालय व जिला मुख्यालय पर दस्तक देकर फसले खराब होने की जानकारी भले ही प्रशासन तक पहुचाई जा चुकी है ।लेकिन सर्वे के लिये आई बीमा कंपनी व विभागीय टीम से किसान अंसंतुष्ट बने हुये है ।की किसानो द्वारा सर्वे रिपोर्ट मे कम नुकसान दिखाने की शिकायते अनेक ग्रामो से आ रही है ।कि मन माने तरीके से तो कही घर बैठकर रिपोर्ट तैयार करने के भी आरोप लगाये जा रहे है ।फिलहाल क्षेत्र मे हो रही वारिश से किसान पूरी तरह से परेशान बना हुआ है ।और अब शासन की मदद की आस ही किसानो का सहारा बनी हुई है ।अब देखना यह है कि शासन बेसहारा किसानो को कितना सहारा देकर उसकी मदद मे कारगर सावित होता है ।
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बार-बार हो रही बरसात से उड़द, तिल हुए खराब
महरौनी। विगत कुछ हफ्तों में हुई लगातार बारिश के चलते उड़द मूंग तिल की फसलें खराब हो चली हैं। इससे क्षेत्र में कहीं ज्यादा तो कहीं कम असर रहा लेकिन नुकसान हर जगह होता दिख रहा है।
किसान अपनी खराब फसलों को लेकर तहसील स्तर से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों की चौखट तक दस्तक दे चुके हैं। खराब हुई फसल का मुआवजा मिल सके , लेकिन शुक्रवार शाम को हुई फिर से बारिश के चलते जो शेष बचीं फसलें थी जो कि कटाई की कगार पर हैं, वह फिर से बरसे इस पानी से खराब होने का अंदेशा बना हुआ है कि कहीं तेज जोरदार बारिश हो गयी तो जो शेष बची फसलें है वह भी तबाह हो जाएगी। जिससे किसानों को बडी परेशानी का सबब बना हुआ है ।और जैसे तैसे अपनी फसलो को बचाने मे लगा हुआ है ।बताते चले कि शुक्रवार शाम को हुई वारिश से किसानो के चेहरे मुरझा गये है ।जो फसल कटाई पर थी और किसान कडी मेहनत मसक्कत कर बडे जोड तोड से फसलो को कटाई कर हार्वेस्टर से थ्रेशर से निकाले मे लगा हुआ था ।बह अब पानी बरसने से सब काम ठप्प हो चला है ।और खेतो मे नमी आ जाने से कोई भी मशीनरी फसलो को निकालने मे उपयोग मे नही लाई जा रही है ।जिससे किसान चिंतित बना हुआ है ।अगर आने बाले समय मे फिर से बालिश होती रही तो फिर फसलो को बचाना मुश्किल हो जायेगा।बैसे तमाम समाधान दिवस व तहसील दिवस के साथ साथ तहसील मुख्यालय व जिला मुख्यालय पर दस्तक देकर फसले खराब होने की जानकारी भले ही प्रशासन तक पहुचाई जा चुकी है ।लेकिन सर्वे के लिये आई बीमा कंपनी व विभागीय टीम से किसान अंसंतुष्ट बने हुये है ।की किसानो द्वारा सर्वे रिपोर्ट मे कम नुकसान दिखाने की शिकायते अनेक ग्रामो से आ रही है ।कि मन माने तरीके से तो कही घर बैठकर रिपोर्ट तैयार करने के भी आरोप लगाये जा रहे है ।फिलहाल क्षेत्र मे हो रही वारिश से किसान पूरी तरह से परेशान बना हुआ है ।और अब शासन की मदद की आस ही किसानो का सहारा बनी हुई है ।अब देखना यह है कि शासन बेसहारा किसानो को कितना सहारा देकर उसकी मदद मे कारगर सावित होता है ।
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