फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   जिला अस्पताल बना आवारा जानवरों का आरामगाह1

जिला अस्पताल बना आवारा जानवरों का आरामगाह1

Tue, 14 Aug 2018 02:24 AM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल बना आवारा जानवरों का आरामगाह1
जिला अस्पताल बना आवारा पशुओं की आरामगाह
विज्ञापन

मनमानी पार्किंग और जलभराव की भी है समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों व तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। जहां पर एक ओर परिसर आवारा जानवरों का आश्रय स्थल बन गया है तो कई स्थानों पर दो पहिया वाहनों का पार्किंग स्थल बन गया है। इसके अलावा जलभराव की भी समस्या है तो मुख्य गेटों पर अवैध पार्किंग से आपातकालीन वाहन व निकलने में परेशानी हो रही है।
जनपदवासियों के सस्ते उपचार के लिए शासन जिले मुख्यालय की अस्पतालों को तमाम सौगातें दे रहा है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को नजरअंदाज कर रहा है। इससे अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर केवल ढर्रा चल रहा है। ऐसा ही नजारा जिला अस्पताल में सोमवार को देखने को मिला। जहां पर जिला अस्पताल के मुख्य गेट से अंदर वार्डों में जाने वाले रास्ते में आवारा जानवर घूमते नजर आए। इसके साथ ही अस्पताल के ही कर्मचारी अपने वाहनों को अस्पताल परिसर में आड़े तिरछे खड़े कर देते हैं, जिससे अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। इसके अलावा पुरुष वार्ड जाने के लिए लोगों को गली में भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। पानी में निकलने में कई मरीजों केे डर लगता कि वह पानी में फिसल कर न गिर जाए। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में बने प्रसाधन केंद्रों में भी गंदगी व्याप्त है। इसके कारण कई तीमारदार मजबूर होकर बाहर जाने को मजबूर हैं। बीते लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय से जिला अस्पताल में लगी लिफ्ट बंद पड़ी है। इससे ऊपर जाने वाले मरीजों केे ले जाने में परेशानी हो रही है। खराब लिफ्ट अस्पताल के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों के लिए पार्किंग स्थल बन गया है। ऐसी ही स्थिति जिला महिला अस्पताल की बनी हुई है। यहां पर प्रसव कक्ष/एएनसी वेटिंग कक्ष है। जहां पर महिलाओं की तीमारदार महिला को ही अंदर जाने की अनुमति है। पुरुषों का प्रवेश वर्जित होता है। लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। इसके कारण महिला अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों को कुत्तों से दूर होकर गुजरना पड़ा। इसके साथ ही कुछ मरीजों को आवारा जानवरों के काटने का भय बना रहा। जिस ओर किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की नजर नहीं गई है। जिससे अस्पताल के कर्मचारियों के कार्यों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन


जिला महिला चिकित्सालय में आवारा पशुओं के विचरण करने का मामला सामने आया है। इसके लिए यहां तैनात कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है आवारा पशु परिसर में प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- डा. हरेेंद्र चौहान, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल

जिला अस्पताल में सफाई का कार्य किया जा रहा है। जिससे वार्ड के रास्तें में जल भराव है। जिसे साफ कराया जाएगा। अस्पताल में तैनात कर्मचारी सफाई कार्य में व्यस्त हैं। दो दिन में परिसर में सुधार हो जाएगा।
- डा.अमित चतुर्वेदी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed