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डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार अस्पताल पहुंचे मरीजों के लिए बना मुसीबत

Sat, 10 Sep 2022 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 01:15 AM IST
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Work boycott of doctors created trouble for the patients who reached the hospital
कार्य बहिष्कार खत्म होने का इंतजार करते दवा लेने आए मरीज।
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  • तहसील प्रशासन की करीब दो घंटे तक चली वार्ता रही विफल
  • डीएम के न्याय दिलाने के आश्वासन पर माना अस्पताल स्टाफ
  • भाजपा के ओयल मंडल अध्यक्ष व होमगार्ड के बीच मारपीट का मामला
लखीमपुर खीरी/ओयल। ओयल भाजपा मंडल अध्यक्ष और होमगार्ड के बीच हुई मारपीट मरीजों के लिए मुसीबत बन गई। एक तरफा कार्रवाई होने से नाराज अस्पताल स्टाफ ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। उधर, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर कई सीएचसी-पीएचसी पर भी ताला बंदी हो गई। इससे अस्पताल से लेकर सीएचसी पहुंचे सैकड़ों मरीजों को दवा तक नहीं मिल सकी। सबसे ज्यादा परेशानी दूर क्षेत्रों से जिला अस्पताल आए मरीजों को हुई। हालांकि शुक्रवार देर शाम डीएम के आश्वासन पर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का एलान कर दिया।
एमसीएच विंग में संचालित जिला अस्पताल में रोजाना करीब दो हजार की ओपीडी होती है। इसमें करीब 1400 नए पर्चे होते हैं। बृहस्पतिवार को भाजपा नेता और होमगार्ड के बीच मारपीट हो गई। इस पर भाजपा नेता नीरज मिश्रा ने सीएमएस एवं वरिष्ठ फिजिशियन का नाम शामिल करते हुए होमगार्ड पर मुकदमा लिखवा दिया। इससे नाराज अस्पताल स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर दिया, जो वहां पहुंचे मरीजों के लिए मुसीबत बन गया। मेन गेट में ताला पड़ने के साथ पर्चा काउंटर, दवा वितरण से लेकर ओपीडी कक्ष बंद रहा। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं ही जारी रही। ऐसे में जिले भर से दवा लेने, कुत्ता काटे की वैक्सीन लगवाने आए मरीज परेशान होकर घर वापस लौटने के लिए मजबूर हो गए।
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मैं जानता तक नहीं फिर भी मुकदमे में लिखवा दिया नाम
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरएस मधौरिया का कहना है कि जिस समय घटना हुई उस समय ओपीडी के बाहर काफी मरीज मौजूद थे। इससे बाहर कुछ दिख भी नहीं रहा था। न तो नीरज मिश्रा मेरे पास आए और न ही कोई विवाद हुआ। मैं तो उन्हें पहचानता तक नहीं। मेरा नाम अनावश्यक ही तहरीर में लिख दिया, जबकि होमगार्ड की तहरीर पर कार्रवाई तक नहीं की गई। हालांकि डीएम ने न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। इस पर कार्य बहिष्कार खत्म करने का निर्णय लिया गया है।
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डॉक्टरों को मनाने में अधिकारियों का छूटा पसीना
कार्य बहिष्कार खत्म कराने के लिए एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह, सीओ सिटी संदीप सिंह ने अस्पताल पहुंचकर सीएमएस एवं डॉक्टरों से वार्ता की। करीब एक घंटे तक वार्ता चली। बताते हैं कि एसडीएम ने एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्देश देकर चली गई। इससे मामला शांत होने लगा। मगर, पुलिस के लचर रवैये से मामला पुन: गर्माने पर फिर से दोपहर करीब एक बजे एसडीएम सदर ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से वार्ता शुरू की, लेकिन असफल रही।

सीएचसी पहुंचे मरीज बिना दवा लिए घर लौटे 
लखीमपुर खीरी। एमसीएच विंग की घटना के मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आहवान पर जिले की तमाम सीएचसी स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो गया। इस दौरान सीएचसी पर सिर्फ इमरजेंसी सेवा चलती रहीं। 
गोला गोकर्णनाथ। संगठन के आहवान पर अस्पताल स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए ओपीडी बंद कर दी। इससे दूरदराज से आए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। मरीज काफी देर तक सीएचसी के बाहर पेड़ की छांव में बैठकर ओपीडी शुरू होने की प्रतीक्षा करते रहे। सीएचसी चिकित्साधिकारी डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर 12 बजे ओपीडी बंद कर दी गई, लेकिन गर्भवती महिलाओं और इमरजेंसी में मरीजों का इलाज जारी रहा। 
सीएचसी फूलबेहड़ में कार्य बहिष्कार होने के कारण पर्चा नहीं बना, जबकि मरीज पर्चा काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे। ऐसे में मरीज बिना दवा लिए ही घर लौट गए।
धौरहरा। तहसील क्षेत्र की सीएचसी रमियाबेहड़, धौरहरा, ईसानगर एवं खमरिया में हड़ताल होने से मरीज परेशान हो उठे। 
मितौली। सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह की अगुवाई में सीएचसी एवं पीएचसी स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर दिया। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चालू रही। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन कर अपनी सुरक्षा की आवाज बुलंद की। ओपीडी बंद होने से पर्चा बनवा चुकी महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग परिसर में दिखाने के लिए भटकते रहे। खमरिया गांव निवासी 62 वर्षीय रामेश्वर दयाल ने बताया कि दस किलोमीटर साइकिल चलाकर दवा लेने आए थे, लेकिन अब बिना दवा लिए वापस जाना होगा। वहीं फत्तेपुर निवासी मीना देवी ने बताया कि एक सप्ताह से वायरल बुखार आ रहा है। बमुश्किल पर्चा ही बनवा पाए थे कि हड़ताल हो गई। बुखार से शरीर तप रहा है, लेकिन डॉक्टर देख नहीं रहे हें।मैलानी। पीएचसी अधीक्षक ने बताया कि जानकारी मिलने पर दोपहर बारह बजे ओपीडी बंद कर दी गई।
मोहम्मदी। डॉक्टरों ने काला फीता बांध कर नाराजगी जताई। सीएचसी में दवा लेने आए महोलिया निवासी 70 वर्षीय चेतराम ने बताया कि खांसी, बुखार आ रहा है। दवा लेने आए थे, लेकिन बंद होने के कारण दवा नहीं मिली। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेगी। 

पसगवां। अस्पताल स्टाफ के हड़ताल करने से मरीज और तीमारदार परेशान हुए। दवा लेने सीएचसी पहुंचे मरीज हड़ताल के चलते घर वापस लौट गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ.अश्वनी वर्मा ने बताया कि सिर्फ ओपीडी बंद है, लेकिन आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।
 
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