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पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा होता है थॉयराइड
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वक्ता को सम्मानित करते विभागाध्यक्ष।
वाईडी कॉलेज में मानव स्वास्थ्य एवं थॉयराइड विषय पर हुई गोष्ठी
लखीमपुर खीरी। युवराज दत्त महाविद्यालय में बुधवार को विश्व थायराइड दिवस पर मानव स्वास्थ्य एवं थॉयराइड विषय पर गोष्ठी हुई। आयोजन अर्थशास्त्र विभाग एवं जंतु विज्ञान विभाग की ओर से मिशन शक्ति फेज-तीन के तहत हुआ।
जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार आगा ने थॉयराइड ग्रंथि का मानव शरीर में महत्व और यह मानव शरीर को किस प्रकार प्रभावित करता है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही थॉयराइड बढ़ने या कम होने पर शरीर में किस प्रकार के लक्षण उभरते हैं। इसके बारे में बताया।
महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता अवस्थी ने थॉयराइड से जुड़ी महिला संबंधी सामान्य समस्याओं विशेषकर मासिक धर्म की अनियमितता, अत्यधिक रक्तस्राव एवं क्लॉटिंग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा थॉयराइड की समस्या अधिक होती है। देश में करीब पांच करोड़ महिलाएं इससे प्रभावित हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि समय-समय पर थॉयराइड की जांच कराते रहें। प्राचार्य प्रोफेसर हेमंत पाल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से शक्तिशाली होना बेहद जरूरी है।
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काउंसलर दीपमाला ने छात्र-छात्राओं की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं की शंका का समाधान किया। मिशन शक्ति संयोजिका डॉ. नीलम त्रिवेदी सहित मनोज कुमार, दीपक बाजपेई, डॉ. ओपी सिंह एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। संचालन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति पंत ने किया।
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लखीमपुर खीरी। युवराज दत्त महाविद्यालय में बुधवार को विश्व थायराइड दिवस पर मानव स्वास्थ्य एवं थॉयराइड विषय पर गोष्ठी हुई। आयोजन अर्थशास्त्र विभाग एवं जंतु विज्ञान विभाग की ओर से मिशन शक्ति फेज-तीन के तहत हुआ।
जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार आगा ने थॉयराइड ग्रंथि का मानव शरीर में महत्व और यह मानव शरीर को किस प्रकार प्रभावित करता है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही थॉयराइड बढ़ने या कम होने पर शरीर में किस प्रकार के लक्षण उभरते हैं। इसके बारे में बताया।
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महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता अवस्थी ने थॉयराइड से जुड़ी महिला संबंधी सामान्य समस्याओं विशेषकर मासिक धर्म की अनियमितता, अत्यधिक रक्तस्राव एवं क्लॉटिंग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा थॉयराइड की समस्या अधिक होती है। देश में करीब पांच करोड़ महिलाएं इससे प्रभावित हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि समय-समय पर थॉयराइड की जांच कराते रहें। प्राचार्य प्रोफेसर हेमंत पाल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से शक्तिशाली होना बेहद जरूरी है।
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काउंसलर दीपमाला ने छात्र-छात्राओं की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं की शंका का समाधान किया। मिशन शक्ति संयोजिका डॉ. नीलम त्रिवेदी सहित मनोज कुमार, दीपक बाजपेई, डॉ. ओपी सिंह एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। संचालन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति पंत ने किया।