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डेढ़ लाख लोगों को पानी नहीं
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 22 Apr 2015 11:13 PM IST
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नगर पालिका परिषद की पहले से बदहाल जलकल व्यवस्था पर बिजली की कटौती भारी पड़ रही है। इससे शहर में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। बिजली संकट और संसाधनों की कमी के कारण डेढ़ लाख की आबादी को मुश्किल से एक चौथाई पानी ही मिल पा रहा है। हालांकि पालिका प्रशासन का दावा है कि शहर में बिजली जाने पर वाटर वर्क्स समुचित सप्लाई करने में जुटा है। इसके लिए जेनरेटर पर अधिक व्यय भी किया जा रहा है।
नगर पालिका परिषद लखीमपुर क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख की आबादी है। पालिका प्रशासन के समक्ष शहरवासियों के अलावा जिले भर से आने वालों के लिए गर्मी में पानी मुहैय्या कराना चुनौती होता है। शहर में अघोषित बिजली कटौती भी जलापूूर्ति में मुख्य रूप से बाधा बनती है। मौजूदा समय में प्रति व्यक्ति 200 लीटर खपत के मानक केमुकाबले पालिका का वाटर वर्क्स विभाग केवल 50 लीटर पानी ही मुहैया करा पा रहा है। हालांकि विभागीय सूत्र बताते हैं कि उनके 11 ओवरहैड टैंकों में करीब आठ हजार 450 किलोलीटर पानी स्टोर हो जाता है, लेकिन बिजली की अत्यधिक कटौती केचलते इतना पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा पाते हैं। आलम यह है कि कहीं पाइप लाइन नहीं तो कहीं पानी पहुंचता ही नहीं। बानगी के तौर पर शहर के सबसे पुराने मुहल्ला गुटैयाबाग में दशकों बाद भी 70 फीसदी घरों तक ही पाइप लाइन पहुंच सकी है। इसी तरह आवास विकास कॉलोनी और वाजपेयी कॉलोनी केकई घरों में तो पानी नहीं पहुंचता।
राहगीरों के लिए लगवाईं चार टंकियां
जिले भर से आने वाले लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका परिषद ने अस्पताल रोड, नौरंगाबाद चौराहा, बाथम वैश्य धर्मशाला के सामने स्थित टैक्सी स्टैंड और हाथीपुर कोठार स्थित बक्सा मार्केट आदि चार स्थानों पर टंकियां लगवाई हैं, जिनसे लोगों को शुद्ध पानी मिल रहा है।
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कभी भी गिर सकता है कंपनी बाग का ओवरहेड टैंक
शहर के कंपनी बाग स्थित ओवरहेड टैंक काफी जर्जर हो चुका है। नगर पालिका परिषद ने करीब सात साल पहले शासन को इसके गिरने की आशंका जताते हुए पत्र लिखा था, लेकिन इसके नवनिर्माण संबंधी कोई दिशा निर्देश आज तक नहीं मिल सका, जबकि इसमें जबरदस्त लीकेज होने के बाद भी इसे प्रयोग में लाया जा रहा है। इससे खतरे की आशंका बनी रहती है।
जेल चौराहा के पास फेल हो गई बोरिंग
जेल चौराहा के पास स्थित पंप नंबर चार की बोरिंग फेल हो गई है। इससे यह पंप बंद हो गया है। इसके आलावा पंजाबी कॉलोनी का पंप भी खराबी के कारण बंद पड़ा है।
चार साल से लिपिक के भरोसे है जलकल विभाग
नगर पालिका परिषद में वर्ष 2010 में तैनात जलकल अभियंता विनय कुमार श्रीवास्तव का तबादला होने के बाद किसी की भी तैनाती नहीं हुई। पिछले सालों से पालिका के जलकल का संपूर्ण दायित्व विभाग के लिपिक अभय सक्सेना ने संभाल रखा है। इस तरह बिना अभियंता के ही इस महत्वपूर्ण विभाग का काम चल रहा है।
कहां-कहां नहीं है पाइप लाइन
बेहजम रोड पर शिव कॉलोनी, छाउछ कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, गढ़ी रोड पर बसे सरनापुरम, अयोध्यापुरी, शांतिनगर, गोकुलपुरी, गोला रोड पर प्यारेपुर के साथ ऐरा रोड पर गंगोत्रीनगर कॉलोनी, अमर बिहार कॉलोनी समेत अन्य नए मोहल्लों और कॉलोनियों में पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है।
पॉश इलाकों का हाल
शहर केपॉश इलाकों समेत अन्य रिहायशी आबादी की शास्त्रीनगर, अफसर कॉलोनी, अर्जुनपुरवा, हाथीपुर कोठार, ईदगाह, सिकटिहा, नौरंगाबाद समेत अन्य जगहों पर पाइप लाइनें तो बिछी हैं लेकिन जलापूर्ति समुचित न हो पाने से लोग परेशान हैं।
ईओ/एसडीएम सदर एसपी सिंह ने बताया कि समस्याएं तो हैं इससे इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन सीमित संसाधनों के चलते जितना संभव है किया जा रहा है। पानी की समस्या उत्पन्न हो इसके लिए जेनरेटर चलाकर पंप चलाए जा रहे हैं। जहां तक हो सकता है पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अध्यक्ष-नगर पालिका परिषद डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में 11 ओवरहेड टैंक और 32 पंप लगे हैं। गर्मी में राहगीरों को पानी की समस्या न हो इसके लिए चार स्थानों पर टंकियां रखवाई गई हैं। अन्य कई स्थानों पर भी शीघ्र ही टंकियां लगवाई जाएंगी। शहर में 175 किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
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नगर पालिका परिषद लखीमपुर क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख की आबादी है। पालिका प्रशासन के समक्ष शहरवासियों के अलावा जिले भर से आने वालों के लिए गर्मी में पानी मुहैय्या कराना चुनौती होता है। शहर में अघोषित बिजली कटौती भी जलापूूर्ति में मुख्य रूप से बाधा बनती है। मौजूदा समय में प्रति व्यक्ति 200 लीटर खपत के मानक केमुकाबले पालिका का वाटर वर्क्स विभाग केवल 50 लीटर पानी ही मुहैया करा पा रहा है। हालांकि विभागीय सूत्र बताते हैं कि उनके 11 ओवरहैड टैंकों में करीब आठ हजार 450 किलोलीटर पानी स्टोर हो जाता है, लेकिन बिजली की अत्यधिक कटौती केचलते इतना पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा पाते हैं। आलम यह है कि कहीं पाइप लाइन नहीं तो कहीं पानी पहुंचता ही नहीं। बानगी के तौर पर शहर के सबसे पुराने मुहल्ला गुटैयाबाग में दशकों बाद भी 70 फीसदी घरों तक ही पाइप लाइन पहुंच सकी है। इसी तरह आवास विकास कॉलोनी और वाजपेयी कॉलोनी केकई घरों में तो पानी नहीं पहुंचता।
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राहगीरों के लिए लगवाईं चार टंकियां
जिले भर से आने वाले लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका परिषद ने अस्पताल रोड, नौरंगाबाद चौराहा, बाथम वैश्य धर्मशाला के सामने स्थित टैक्सी स्टैंड और हाथीपुर कोठार स्थित बक्सा मार्केट आदि चार स्थानों पर टंकियां लगवाई हैं, जिनसे लोगों को शुद्ध पानी मिल रहा है।
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कभी भी गिर सकता है कंपनी बाग का ओवरहेड टैंक
शहर के कंपनी बाग स्थित ओवरहेड टैंक काफी जर्जर हो चुका है। नगर पालिका परिषद ने करीब सात साल पहले शासन को इसके गिरने की आशंका जताते हुए पत्र लिखा था, लेकिन इसके नवनिर्माण संबंधी कोई दिशा निर्देश आज तक नहीं मिल सका, जबकि इसमें जबरदस्त लीकेज होने के बाद भी इसे प्रयोग में लाया जा रहा है। इससे खतरे की आशंका बनी रहती है।
जेल चौराहा के पास फेल हो गई बोरिंग
जेल चौराहा के पास स्थित पंप नंबर चार की बोरिंग फेल हो गई है। इससे यह पंप बंद हो गया है। इसके आलावा पंजाबी कॉलोनी का पंप भी खराबी के कारण बंद पड़ा है।
चार साल से लिपिक के भरोसे है जलकल विभाग
नगर पालिका परिषद में वर्ष 2010 में तैनात जलकल अभियंता विनय कुमार श्रीवास्तव का तबादला होने के बाद किसी की भी तैनाती नहीं हुई। पिछले सालों से पालिका के जलकल का संपूर्ण दायित्व विभाग के लिपिक अभय सक्सेना ने संभाल रखा है। इस तरह बिना अभियंता के ही इस महत्वपूर्ण विभाग का काम चल रहा है।
कहां-कहां नहीं है पाइप लाइन
बेहजम रोड पर शिव कॉलोनी, छाउछ कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, गढ़ी रोड पर बसे सरनापुरम, अयोध्यापुरी, शांतिनगर, गोकुलपुरी, गोला रोड पर प्यारेपुर के साथ ऐरा रोड पर गंगोत्रीनगर कॉलोनी, अमर बिहार कॉलोनी समेत अन्य नए मोहल्लों और कॉलोनियों में पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है।
पॉश इलाकों का हाल
शहर केपॉश इलाकों समेत अन्य रिहायशी आबादी की शास्त्रीनगर, अफसर कॉलोनी, अर्जुनपुरवा, हाथीपुर कोठार, ईदगाह, सिकटिहा, नौरंगाबाद समेत अन्य जगहों पर पाइप लाइनें तो बिछी हैं लेकिन जलापूर्ति समुचित न हो पाने से लोग परेशान हैं।
ईओ/एसडीएम सदर एसपी सिंह ने बताया कि समस्याएं तो हैं इससे इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन सीमित संसाधनों के चलते जितना संभव है किया जा रहा है। पानी की समस्या उत्पन्न हो इसके लिए जेनरेटर चलाकर पंप चलाए जा रहे हैं। जहां तक हो सकता है पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अध्यक्ष-नगर पालिका परिषद डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में 11 ओवरहेड टैंक और 32 पंप लगे हैं। गर्मी में राहगीरों को पानी की समस्या न हो इसके लिए चार स्थानों पर टंकियां रखवाई गई हैं। अन्य कई स्थानों पर भी शीघ्र ही टंकियां लगवाई जाएंगी। शहर में 175 किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।