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समितियों का गठन किए बिना बना डाली कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 24 Jun 2016 10:57 PM IST
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सीडीओ ने क्षेत्र पंचायतों की कार्ययोजना वापस लौटाई
बीडीओ और प्रमुख को गठित करनी थी समितियां
क्षेत्र पंचायतों में समितियों का गठन कराए बिना ही कार्ययोजना बना ली गईं और फिर बीडीओ ने स्वीकृति के लिए सीडीओ के पास फाइलें भेज दीं। सीडीओ ने सभी ब्लाकों की कार्ययोजनाओं की जांच की, तो उनमें समितियों का अनुमोदन ही नहीं मिला। लिहाजा उन्होंने सभी ब्लाकों की कार्ययोजना वापस कर दी हैं। इससे क्षेत्र पंचायतों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन मेें देरी होना तय माना जा रहा है। समितियों के गठन की जिम्मेदारी संबंधित ब्लाकों के बीडीओ और ब्लाक प्रमुखों की है, जिसमें प्रमुख पदेन अध्यक्ष रहते हैं।
जिले की 15 क्षेत्र पंचायतों में से 14 का गठन मार्च माह में हो गया था, जबकि धौरहरा में इस माह क्षेत्र पंचायत का गठन किया गया। क्षेत्र पंचायतों के गठन के साथ ही समता समिति, वित्त एवं विकास समिति, कार्य समिति का गठन किया जाना था, लेकिन नियमानुसार कार्यवाही नहीं कराई गई। बीडीओ और ब्लाक प्रमुख ने लापरवाह रवैया अपनाते हुए सामितियों को गठन किए बगैर ही कार्ययोजना बना डालीं। समितियों का गठन न होने से अनुमोदन भी नहीं कराया गया। समस्त ब्लाकों की कार्ययोजना को स्वीकृत के लिए सीडीओ अमित सिंह बंसल के पास भेजा गया। सीडीओ ने कार्ययोजनाओं की जांच की, तो पाया कि समिति का अनुमोदन ही नहीं कराया गया। इसके जवाब में अधिकांश बीडीओ ने बताया कि समिति का गठन ही नहीं कराया गया है। इस पर सीडीओ ने कड़ी चेतावनी देते हुए समस्त क्षेत्र पंचायतों की कार्ययोजना का वापस कर दिया है। साथ ही समितियों का गठन कर उनका अनुमोदन कराने के बाद ही कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए हैं।
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बीडीओ और प्रमुख को गठित करनी थी समितियां
क्षेत्र पंचायतों में समितियों का गठन कराए बिना ही कार्ययोजना बना ली गईं और फिर बीडीओ ने स्वीकृति के लिए सीडीओ के पास फाइलें भेज दीं। सीडीओ ने सभी ब्लाकों की कार्ययोजनाओं की जांच की, तो उनमें समितियों का अनुमोदन ही नहीं मिला। लिहाजा उन्होंने सभी ब्लाकों की कार्ययोजना वापस कर दी हैं। इससे क्षेत्र पंचायतों में परियोजनाओं के क्रियान्वयन मेें देरी होना तय माना जा रहा है। समितियों के गठन की जिम्मेदारी संबंधित ब्लाकों के बीडीओ और ब्लाक प्रमुखों की है, जिसमें प्रमुख पदेन अध्यक्ष रहते हैं।
जिले की 15 क्षेत्र पंचायतों में से 14 का गठन मार्च माह में हो गया था, जबकि धौरहरा में इस माह क्षेत्र पंचायत का गठन किया गया। क्षेत्र पंचायतों के गठन के साथ ही समता समिति, वित्त एवं विकास समिति, कार्य समिति का गठन किया जाना था, लेकिन नियमानुसार कार्यवाही नहीं कराई गई। बीडीओ और ब्लाक प्रमुख ने लापरवाह रवैया अपनाते हुए सामितियों को गठन किए बगैर ही कार्ययोजना बना डालीं। समितियों का गठन न होने से अनुमोदन भी नहीं कराया गया। समस्त ब्लाकों की कार्ययोजना को स्वीकृत के लिए सीडीओ अमित सिंह बंसल के पास भेजा गया। सीडीओ ने कार्ययोजनाओं की जांच की, तो पाया कि समिति का अनुमोदन ही नहीं कराया गया। इसके जवाब में अधिकांश बीडीओ ने बताया कि समिति का गठन ही नहीं कराया गया है। इस पर सीडीओ ने कड़ी चेतावनी देते हुए समस्त क्षेत्र पंचायतों की कार्ययोजना का वापस कर दिया है। साथ ही समितियों का गठन कर उनका अनुमोदन कराने के बाद ही कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए हैं।
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