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Lakhimpur Kheri News: दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों का दीदार हुआ सस्ता
Wed, 06 May 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 06 May 2026 11:10 PM IST
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पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व की सैर करने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब जंगल की गोद में ठहरना और बाघों के दीदार के लिए सफारी करना थोड़ा सस्ता हो गया है। उत्तर प्रदेश वन निगम ने अपनी सेवाओं के किराए में कटौती करते हुए नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।
दरअसल दुधवा में व्यवस्थाएं दो हिस्सों में बंटी हैं। जंगल में प्रवेश, गाइड और रोड टैक्स का जिम्मा जहां टाइगर रिजर्व प्रशासन के पास है, वहीं थारू हट, डॉर्मेट्री और सफारी वाहनों (जिप्सी व जेनान) का संचालन वन निगम करता है। निगम ने महंगाई के दौर में पर्यटकों को राहत देते हुए अपने हिस्से के किराए में करीब 12 से 22 प्रतिशत तक की कमी की है।
अब पर्यटकों को थारू हट के एक कमरे के लिए 5500 रुपये के बजाय 4900 रुपये खर्च करने होंगे। इसी तरह जंगल की खाक छानने वाली जिप्सी और जेनान गाड़ियों का किराया भी 4100 से घटाकर 3600 रुपये कर दिया गया है। जो पर्यटक कम बजट में आना चाहते हैं, उनके लिए डॉर्मेट्री के एक बेड का किराया 1300 से घटाकर सीधा 1000 रुपए कर दिया गया है।
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वन निगम के स्थानीय अधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा वसूले जाने वाले प्रवेश शुल्क और अन्य टैक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वह पुरानी दरों पर ही लागू रहेंगे। भले ही यह कटौती बहुत बड़ी न हो लेकिन पर्यटन सीजन के बीच निगम के इस फैसले से पर्यटकों के चेहरों पर मुस्कान जरूर आई है। अब कम खर्च में पर्यटक थारू संस्कृति के बीच रहकर जंगल के रोमांच का लुत्फ उठा सकेंगे।
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दरअसल दुधवा में व्यवस्थाएं दो हिस्सों में बंटी हैं। जंगल में प्रवेश, गाइड और रोड टैक्स का जिम्मा जहां टाइगर रिजर्व प्रशासन के पास है, वहीं थारू हट, डॉर्मेट्री और सफारी वाहनों (जिप्सी व जेनान) का संचालन वन निगम करता है। निगम ने महंगाई के दौर में पर्यटकों को राहत देते हुए अपने हिस्से के किराए में करीब 12 से 22 प्रतिशत तक की कमी की है।
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अब पर्यटकों को थारू हट के एक कमरे के लिए 5500 रुपये के बजाय 4900 रुपये खर्च करने होंगे। इसी तरह जंगल की खाक छानने वाली जिप्सी और जेनान गाड़ियों का किराया भी 4100 से घटाकर 3600 रुपये कर दिया गया है। जो पर्यटक कम बजट में आना चाहते हैं, उनके लिए डॉर्मेट्री के एक बेड का किराया 1300 से घटाकर सीधा 1000 रुपए कर दिया गया है।
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वन निगम के स्थानीय अधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग दुधवा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा वसूले जाने वाले प्रवेश शुल्क और अन्य टैक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वह पुरानी दरों पर ही लागू रहेंगे। भले ही यह कटौती बहुत बड़ी न हो लेकिन पर्यटन सीजन के बीच निगम के इस फैसले से पर्यटकों के चेहरों पर मुस्कान जरूर आई है। अब कम खर्च में पर्यटक थारू संस्कृति के बीच रहकर जंगल के रोमांच का लुत्फ उठा सकेंगे।