{"_id":"62c9cc7cb42fac0306236b45","slug":"wild-elephants-trampled-sugarcane-crop-in-khairigarh-lakhimpur-news-bly4908117103","type":"story","status":"publish","title_hn":"खैरीगढ़ में जंगली हाथियों ने रौंदी गन्ने की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खैरीगढ़ में जंगली हाथियों ने रौंदी गन्ने की फसल
विज्ञापन
हाथियों की चिंघाड़ सुनकर खेतों की रखवाली कर रहे किसान भागे
निघासन/सिंगाही। खैरीगढ़ गांव में बीती रात जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। तीन घंटे गन्ने के खेत में फसल को रौंदते रहे। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर खेत की रखवाली कर रहे किसान भाग गए।
खैरीगढ़ के बघौड़िया फार्म पर शुक्रवार रात अचानक जंगल की सीमा से सटे खेतों में हाथियों की आमद को देखकर खेतों की रखवाली के लिए मचानों में बैठे किसान जग्गी, बिरजू, रामबिलास मचान छोड़कर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार रात हाथियों का एक झुंड खेत में घुस आया, जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक हाथी शामिल थे, जिनमें कुछ बच्चे भी थे। खेतों में हाथियों के झुंड घंटों तक खेतों में ही उत्पात मचाते रहे। हाथियों के उत्पात से जलीस अहमद के खेत में खड़ी तीन एकड़ की गन्ने की फसल नष्ट हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि जंगली जानवर आए दिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन वन विभाग जानवरों की रोकथाम के लिए कोई ठोस उपाय नहीं करता है।
बेलरायां रेज के क्षेत्रीय वनाधिकारी विमलेश कुमार ने बताया कि जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है। यदि वह किसान अपना प्रार्थनापत्र रेंज कार्यालय में आकर देते हैं तो मौके की जांच कर नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। जहां तक हाथियों की बात है तो हाथियों के झुंड को पटाखे, मशाल और वनकर्मियों के सहयोग से वापस जंगल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
निघासन/सिंगाही। खैरीगढ़ गांव में बीती रात जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। तीन घंटे गन्ने के खेत में फसल को रौंदते रहे। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर खेत की रखवाली कर रहे किसान भाग गए।
खैरीगढ़ के बघौड़िया फार्म पर शुक्रवार रात अचानक जंगल की सीमा से सटे खेतों में हाथियों की आमद को देखकर खेतों की रखवाली के लिए मचानों में बैठे किसान जग्गी, बिरजू, रामबिलास मचान छोड़कर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार रात हाथियों का एक झुंड खेत में घुस आया, जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक हाथी शामिल थे, जिनमें कुछ बच्चे भी थे। खेतों में हाथियों के झुंड घंटों तक खेतों में ही उत्पात मचाते रहे। हाथियों के उत्पात से जलीस अहमद के खेत में खड़ी तीन एकड़ की गन्ने की फसल नष्ट हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि जंगली जानवर आए दिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन वन विभाग जानवरों की रोकथाम के लिए कोई ठोस उपाय नहीं करता है।
विज्ञापन
बेलरायां रेज के क्षेत्रीय वनाधिकारी विमलेश कुमार ने बताया कि जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है। यदि वह किसान अपना प्रार्थनापत्र रेंज कार्यालय में आकर देते हैं तो मौके की जांच कर नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। जहां तक हाथियों की बात है तो हाथियों के झुंड को पटाखे, मशाल और वनकर्मियों के सहयोग से वापस जंगल भेजा जाएगा।
विज्ञापन