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सियार के हमले में चाचा-भतीजी घायल
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बांकेगंज के बूधरपुर गांव में सियार के हमले में घायल चाचा-भतीजी।
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। मासूम भतीजी को गोद में लेकर गांव से सटे खेत में फसल देखने जा रहे युवक पर सियार ने हमला कर दिया। हमले में चाचा-भतीजी गंभीर रूप से घायल हो गए। चीखने-चिल्लाने पर हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीण बमुश्किल सियार को खदेड़ पाए, जिसको लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों में दहशत है। इधर, परिवारीजन दोनों घायलों को इलाज के लिए बांकेगंज सीएचसी ले गए। जहां एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों ने घायलों की मरहम-पट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।
शनिवार सुबह 10 बजे करीब बांकेगंज कस्बा से दस किलोमीटर दूर बूधरपुर गांव निवासी महेंद्र (25) अपनी तीन वर्षीय मासूम भतीजी लवी को गोद में लेकर गांव से सटे खेत में गेहूं की फसल देखने जा रहा था। इस दौरान गन्ने के खेत से निकले एक सियार ने अचानक महेंद्र पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जिससे महेंद्र भतीजी समेत जमीन पर गिर पड़ा। जमीन पर गिरते ही सियार ने मासूम भतीजी के दाहिने हाथ पर हमला कर उसे भी घायल कर दिया। चाचा-भतीजी के चीखने-चिल्लाने पर हाथों में लाठी लिए और शोर मचाते हुए वहां पहुंचे ग्रामीण बमुश्किल सियार को खदेड़ पाए। परिवारीजन दोनों घायलों को इलाज के लिए बांकेगंज सीएचसी ले गए। जहां एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों ने घायलों की मरहम-पट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।
इधर, बांकेगंज सीएचसी पर पिछले एक माह से एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) का टोटा है। हाल ही कुत्ते के काटने से एक बालक, बालिका समेत पांच लोग घायल हो गए थे। कुत्ता और सियार के काटने से घायल हुए लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। अक्सर बांकेगंज सीएचसी समेत पूरे जिले के अस्पतालों में रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं रहता है। बांकेगंज क्षेत्र जंगल से सटा होने के कारण सियार के अलावा कुत्ते, लोमड़ी, बंदर, आदि के हमले का लोग शिकार होते रहते हैं।
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बांकेगंज सीएचसी में जिले से एंटी रैबीज वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिली है। डिमांड भेजी गई है। सप्लाई मिलते ही पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाएगी। - डॉ केके रंजन, अधीक्षक, बांकेगंज सीएचसी
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शनिवार सुबह 10 बजे करीब बांकेगंज कस्बा से दस किलोमीटर दूर बूधरपुर गांव निवासी महेंद्र (25) अपनी तीन वर्षीय मासूम भतीजी लवी को गोद में लेकर गांव से सटे खेत में गेहूं की फसल देखने जा रहा था। इस दौरान गन्ने के खेत से निकले एक सियार ने अचानक महेंद्र पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जिससे महेंद्र भतीजी समेत जमीन पर गिर पड़ा। जमीन पर गिरते ही सियार ने मासूम भतीजी के दाहिने हाथ पर हमला कर उसे भी घायल कर दिया। चाचा-भतीजी के चीखने-चिल्लाने पर हाथों में लाठी लिए और शोर मचाते हुए वहां पहुंचे ग्रामीण बमुश्किल सियार को खदेड़ पाए। परिवारीजन दोनों घायलों को इलाज के लिए बांकेगंज सीएचसी ले गए। जहां एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों ने घायलों की मरहम-पट्टी कर उन्हें घर भेज दिया।
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इधर, बांकेगंज सीएचसी पर पिछले एक माह से एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) का टोटा है। हाल ही कुत्ते के काटने से एक बालक, बालिका समेत पांच लोग घायल हो गए थे। कुत्ता और सियार के काटने से घायल हुए लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। अक्सर बांकेगंज सीएचसी समेत पूरे जिले के अस्पतालों में रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं रहता है। बांकेगंज क्षेत्र जंगल से सटा होने के कारण सियार के अलावा कुत्ते, लोमड़ी, बंदर, आदि के हमले का लोग शिकार होते रहते हैं।
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बांकेगंज सीएचसी में जिले से एंटी रैबीज वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिली है। डिमांड भेजी गई है। सप्लाई मिलते ही पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाएगी। - डॉ केके रंजन, अधीक्षक, बांकेगंज सीएचसी