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तेंदुए ने फिर बदला ठिकाना, वन विभाग ने पिंजड़े का बदला स्थान
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तेंदुआ पकड़ने को लगाया गया पिंजड़ा। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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ईसानगर। गनापुर बीट में तीन माह से ग्रामीणों के लिए आतंक का पर्याय बना हिंसक तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। गुजारापुरवा, चकदहा और साहबदीन पुरवा गांव के तीन बच्चों को मौत का घाट उतार चुका तेंदुआ वन विभाग टीम के हाथ नहीं आ रहा। गांव के आसपास तेंदुए के पगचिह्न लगातार देखे जा रहे है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वन विभाग ने कई और पिजड़े और कैमरे लगाकर तेंदुए की निगरानी तेज कर दी है।
ईसानगर थाना क्षेत्र के वनरेंज चकदहा, बंशीबेली, गुजारापुरवा, बनटुकरा, चमारनपुरवा, साहबदीन पुरवा, बहेलिया पुरवा, कैराती पुरवा, बेलागढ़ी सहित दर्जनों गांव वन क्षेत्र से सटे हैं। साथ ही घाघरा नदी की तलहटी में हैं। बहराइच जनपद के जंगलों से सटे इन गांवों में अक्सर जंगली जानवरों की चहलकदमी देखी गयी है। यहां मानव और हिंसक जानवरों के बीच संघर्ष होता रहता है। 14 सितंबर को तेंदुए ने 12 वर्षीय बृजेश 27 सितंबर को 13 वर्षीय चंदन व 10 नवंबर को हमलाकर गुजारापुरवा निवासी अंकित (11) को मार डाला था। तीन मौतों के बाद ग्रामीणों के विरोध को देखते हुई वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। कैमरों का स्थान भी बदल रहा है, लेकिन हर बार तेंदुआ वन विभाग को गच्चा देकर अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ अब भी गांव के आसपास गन्ने के खेत मे मौजूद है। वन विभाग की टीम ने चार और नाइट विजन जीपीएस सिस्टम से लैस कैमरे व कई पिजड़े लगाए हैं। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि तेंदुआ अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। कैमरों सहित पिजड़े लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम बनटुकरा गांव से गुजारा गांव तक पेट्रोलिंग कर तेंदुआ पकड़ने की कवायद कर रही है। संवाद
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ईसानगर थाना क्षेत्र के वनरेंज चकदहा, बंशीबेली, गुजारापुरवा, बनटुकरा, चमारनपुरवा, साहबदीन पुरवा, बहेलिया पुरवा, कैराती पुरवा, बेलागढ़ी सहित दर्जनों गांव वन क्षेत्र से सटे हैं। साथ ही घाघरा नदी की तलहटी में हैं। बहराइच जनपद के जंगलों से सटे इन गांवों में अक्सर जंगली जानवरों की चहलकदमी देखी गयी है। यहां मानव और हिंसक जानवरों के बीच संघर्ष होता रहता है। 14 सितंबर को तेंदुए ने 12 वर्षीय बृजेश 27 सितंबर को 13 वर्षीय चंदन व 10 नवंबर को हमलाकर गुजारापुरवा निवासी अंकित (11) को मार डाला था। तीन मौतों के बाद ग्रामीणों के विरोध को देखते हुई वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। कैमरों का स्थान भी बदल रहा है, लेकिन हर बार तेंदुआ वन विभाग को गच्चा देकर अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ अब भी गांव के आसपास गन्ने के खेत मे मौजूद है। वन विभाग की टीम ने चार और नाइट विजन जीपीएस सिस्टम से लैस कैमरे व कई पिजड़े लगाए हैं। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि तेंदुआ अपना दायरा बढ़ाता जा रहा है। कैमरों सहित पिजड़े लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम बनटुकरा गांव से गुजारा गांव तक पेट्रोलिंग कर तेंदुआ पकड़ने की कवायद कर रही है। संवाद
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