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बाघों के प्राकृतिक आवास से बेदखल होंगे अतिक्रमणकारी
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Wild Animals
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज स्थित बरौंछा नाला के आसपास अतिक्रमित वन भूमि को खाली कराने की कवायद वन विभाग ने शुरू कर दी है। इसके तहत राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम जल्दी ही नाप कराकर वन विभाग भूमि के अपने कब्जे में लेगा। वन विभाग ने इसे टाइगर हैवीटेट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटा बरौंछा नाला बाघों और बारासिंगा हिरनों का प्राकृतिक आवास है। यहां हिरनों का एक बड़ा झुंड हमेशा रहता है। जिसके चलते बाघ भी इस जगह को अपना बसेरा बनाते हैं। जहां उन्हें बारासिंगा हिरनों के रूप में पर्याप्त भोजन मिलता है और बरौंछा नाले का शीतल जल पूरे साल उपलब्ध रहता है। बाघिन अपने प्रजनन और प्रसव के लिए भी इस स्थान को पसंद करती है। इसके चलते इस स्थान को बाघों का नेचुरल हैवीटेट माना जाता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बाघों के प्राकृतवास की अनुकूलता को देखते हुए यहां नेचुरल टाइगर हैवीटेट विकसित करने की योजना बनाई है, लेकिन यहां 42 हेक्टेयर क्षेत्रफल के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। अब वन विभाग इसे खाली कराने की तैयारी कर रहा है। वन विभा्ग ने राजस्व विभाग को वन भूमि की नाप कराने और भूमि को अतिक्रमण से खाली कराने को कहा है। जल्दी ही वन विभाग राजस्व विभाग के साथ मिलकर इस भूमि की नाप कराने के बाद अतिक्रमित भूमि को अपने कब्जे में लेगा। वन भूमि खाली होने के बाद इस स्थल को टाइगर हैवीटेट के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज का बरौंछा नाला बाघों के लिए अनुकूल प्राकृतवास है, लेकिन यहां वन भूमि के काफी बड़े हिस्से पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। अब इसे खाली कराकर और बेहतर हैवीटेट बनाया जाएगा।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइ गर रिजर्व, बफरजोन
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मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से सटा बरौंछा नाला बाघों और बारासिंगा हिरनों का प्राकृतिक आवास है। यहां हिरनों का एक बड़ा झुंड हमेशा रहता है। जिसके चलते बाघ भी इस जगह को अपना बसेरा बनाते हैं। जहां उन्हें बारासिंगा हिरनों के रूप में पर्याप्त भोजन मिलता है और बरौंछा नाले का शीतल जल पूरे साल उपलब्ध रहता है। बाघिन अपने प्रजनन और प्रसव के लिए भी इस स्थान को पसंद करती है। इसके चलते इस स्थान को बाघों का नेचुरल हैवीटेट माना जाता है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बाघों के प्राकृतवास की अनुकूलता को देखते हुए यहां नेचुरल टाइगर हैवीटेट विकसित करने की योजना बनाई है, लेकिन यहां 42 हेक्टेयर क्षेत्रफल के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। अब वन विभाग इसे खाली कराने की तैयारी कर रहा है। वन विभा्ग ने राजस्व विभाग को वन भूमि की नाप कराने और भूमि को अतिक्रमण से खाली कराने को कहा है। जल्दी ही वन विभाग राजस्व विभाग के साथ मिलकर इस भूमि की नाप कराने के बाद अतिक्रमित भूमि को अपने कब्जे में लेगा। वन भूमि खाली होने के बाद इस स्थल को टाइगर हैवीटेट के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज का बरौंछा नाला बाघों के लिए अनुकूल प्राकृतवास है, लेकिन यहां वन भूमि के काफी बड़े हिस्से पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। अब इसे खाली कराकर और बेहतर हैवीटेट बनाया जाएगा।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइ गर रिजर्व, बफरजोन