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अब बाघ ने कुत्ते को मार डाला, गांव में दहशत

Mon, 26 Oct 2020 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2020 01:27 AM IST
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Wild Animals
ग्रामीणों संग धरने पर बैठे सपा नेता। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
निघासन/बेलापरसुआ। मझरा पूरब में बाघ ने जंगल से गांव की ओर एक बार फिर रुख करते हुए घर की रखवाली कर रहे एक कुत्ते पर हमला बोलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। गांव में आने से लोगों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण खेतों में जाना तो दूर घर के बाहर भी सोने से डर रहे है।
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गांव मझरा पूरब निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि उनका घर गांव के पश्चिम तरफ है। रोज की भांति उन्होंने शनिवार रात को अपने पालतू कुत्ते को घर की रख वाली करने के लिए शाम करीब नौ बजे छोड़ दिया था। रात करीब 12 बजे जब वह उठे थे। उस समय कुत्ता घर के बाहर टहल रहा था। उसके बाद उन्होंने सुबह उठकर देखा तो कुत्ता गायब था। उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। गांव के कुछ लोग रविवार सुबह खेत की ओर जा रहे थे। घर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर कुत्ते का सिर पड़ा था। अन्य हिस्सा गायब था।
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बेटा घर के बाहर मत जाना वरना बाघ आ जाएगा
छह अक्तूबर को दलराजपुर निवासी ज्ञान सिंह, नौ अक्तूबर को मझरा पूरब निवासी प्यारे लाल और 24 अक्तूबर को इसी गांव के अवधेश को मौत के घाट उतारने के बाद गांव में दहशत और भय का माहौल है। गांव के ही रामकुमार, रामगुलाम, रामदुलारे, गुलशरण, रामू आदि अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे है। ग्रामीण खुले बरामदे, खरफूस के बने घरों में सोने से घबरा रहे है।
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गमगीन माहौल में हुआ अवधेश का अंतिम संस्कार, ग्रामीणों ने घेरी वन चौकी, किया प्रदर्शन
तिकुनियां-निघासन। बाघ का शिकार हुए अवधेश का गमगीन माहौल में रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। नाराज ग्रामीणों ने मझरा वन चौकी का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक हनुमान प्रसाद और सपा नेता हिमांशु पटेल ने ग्रामीणों को समझा कर शांत किया। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार करा दिया।

मझरा पूरब निवासी अवधेश शनिवार को अपने साथियों के साथ मवेशी चराने के लिए गए थे। गाय घाट पर पानी पीने के लिए कुछ भैंसे चली गई। उनको वह हांकने के लिए गए और झाड़ी में बैठे बाघ ने उन पर हमला बोलकर मौत के घाट उतार दिया। बाघ के हमले से लगातार हुई तीन मौतों से ग्रामीण नाराज हो गए और शव ले जाने से मना करते हुए प्रदर्शन किया। शनिवार देर शाम अवधेश के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। रविवार को शव आने से पहले मझरा पूरब, दुमेडा सहित तीन गांव के ग्रामीण गांव में ही स्थित वन चौकी पर पहुंचे और चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि बाघ आदमखोर हो गया है। बाघ को शीघ्र ही पकड़कर उसे दूसरे बड़े जंगल में छोड़ा जाए। जंगली जानवरों से बचाने के लिए कोई समाधान निकाला जाए। शव पहुंचने के बाद ग्रामीण उग्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। सपा नेता हिमांशु पटेल ने कहा कि स्थायी समाधान के लिए उनका एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को डीएम ने मिलेगा और जंगल किनारे बसे लोगों के जीवन की रक्षा के लिए मांग करेगा। संवाद
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