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बाघ ने जमुनहां में गाय और सुंदरपुर में सुअर को बनाया निवाला
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ममरी। मोहम्मदी महेशपुर रेंज क्षेत्र में बाघ के हमले बढ़ते जा रहे हैं। रविवार सुबह बाघ ने जमुनहां फार्म के समीप सरदार इंद्रजीत सिंह के खेत में घास चर रही गाय पर हमला कर मार डाला। उधर, दूसरे बाघ ने सुंदरपुर गांव के समीप सुअर को अपना शिकार बना लिया। फार्म के लोगों की सूचना पर रेंजर मोबीन आरिफ ने वनकर्मियों और एसटीपीएफ जवानों के साथ मौका मुआयना किया। उन्होंने बाघ के हमले, पगचिह्न और गाय का अधखाया शव मिलने की पुष्टि की है।
कठिना नदी के दक्षिण जंगल से दो किमी दूर बसे फार्म वासियों ने रेंजर को बताया कि रविवार सुबह गन्ने के खेत में चर रही गाय पर बाघ ने हमला कर मार डाला। जब लोग खेतों की ओर गए तो गाय का अधखाया शव पड़ा देख उनके होश उड़ गए। बताया कि बाघ अभी तक गन्ने में मौजूद है। उधर, सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा और ग्रामीणों का कहना है कि रविवार सवेरे गांव के समीप खेत में घूम रहे सुअर को बाघ दबोचकर गन्ने के खेत में ले गया और निवाला बना लिया। जिससे सुंदरपुर गांव में दहशत का माहौल है। रेंजर ने झाला वासियों को गाय के शव के पास न जाने, खेतों में समूह बनाकर शोर मचाते हुए जाने और सतर्क रहने की सलाह देकर वन कर्मियों को बाघ की निगरानी में लगा दिया है।
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कठिना नदी के दक्षिण जंगल से दो किमी दूर बसे फार्म वासियों ने रेंजर को बताया कि रविवार सुबह गन्ने के खेत में चर रही गाय पर बाघ ने हमला कर मार डाला। जब लोग खेतों की ओर गए तो गाय का अधखाया शव पड़ा देख उनके होश उड़ गए। बताया कि बाघ अभी तक गन्ने में मौजूद है। उधर, सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा और ग्रामीणों का कहना है कि रविवार सवेरे गांव के समीप खेत में घूम रहे सुअर को बाघ दबोचकर गन्ने के खेत में ले गया और निवाला बना लिया। जिससे सुंदरपुर गांव में दहशत का माहौल है। रेंजर ने झाला वासियों को गाय के शव के पास न जाने, खेतों में समूह बनाकर शोर मचाते हुए जाने और सतर्क रहने की सलाह देकर वन कर्मियों को बाघ की निगरानी में लगा दिया है।
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