{"_id":"5ef2243b8ebc3e4325012e84","slug":"wild-animals-lakhimpur-news-bly410286736","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथियों के झुंड ने गुलरा टांडा गांव में फिर मचाया आतंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथियों के झुंड ने गुलरा टांडा गांव में फिर मचाया आतंक
विज्ञापन
मझगईं (लखीमपुर खीरी)। इलाके के गुलरा टांडा में जंगली हाथियों का कहर बरपाने का सिलसिला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर सोमवार रात जंगली हाथियों के झुंड ने 40 बीघा गन्ने की फसल को तहस-नहस कर दिया। बर्बाद हुई फसल तथा वनकर्मियों के मौके पर न पहुंचने से नाराज किसानों ने पार्क की गुलरा चौकी के गेट पर खड़े होकर जमकर प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि 2016 के बाद से उनको मुआवजा नहीं मिला है जबकि जंगली हाथी के झुंड उनकी फसलों को रौंदकर उनको बर्बाद कर रहे हैं। इस पर पार्क प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
बता दें कि सात दिन पूर्व जंगली हाथियों के झुंड ने गुलरा टांडा गांव में किसानों की फसलों को तहस-नहस कर दिया था। रविवार की रात करीब एक बजे पार्क के जंगल से निकलकर आए हाथियों के झुंड ने एक बार फिर किसानों के खेतों में लहलहा रही गन्ने की फसल में जमकर तांडव मचाते हुए फसल को तहस-नहस कर दिया। हाथियों के उत्पात से जबरे आलम की छह बीघा, जुम्मा, प्यारी बेगम, सतनाम सिंह, रसपाल सिंह की पांच-पांच, इमाम बक्श, कैलाश, हरचंदी, हजारी और इस्माइल की तीन-तीन बीघा समेत करीब 40 बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि उनके खेत नार्थ एरिया में पड़ते हैं जिसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। किसानों का आरोप है कि कई साल से हाथी उनकी फसलों को रौंद रहे हैं लेकिन वन महकमा कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। सन 2016 से मुआवजा नहीं दिया गया है। परेशान किसानों ने पार्क की गुलरा चौकी गेट पर पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सूचना पाकर पहुंचे रेंजर से किसानों की कहासुनी भी हो गई। इस बावत रेंजर सुभाष चंद्र वर्मा ने बताया हाथियों ने किसानों का नुकसान किया है जिससे उनका गुस्सा होना लाजिमी है, जल्द ही किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि सात दिन पूर्व जंगली हाथियों के झुंड ने गुलरा टांडा गांव में किसानों की फसलों को तहस-नहस कर दिया था। रविवार की रात करीब एक बजे पार्क के जंगल से निकलकर आए हाथियों के झुंड ने एक बार फिर किसानों के खेतों में लहलहा रही गन्ने की फसल में जमकर तांडव मचाते हुए फसल को तहस-नहस कर दिया। हाथियों के उत्पात से जबरे आलम की छह बीघा, जुम्मा, प्यारी बेगम, सतनाम सिंह, रसपाल सिंह की पांच-पांच, इमाम बक्श, कैलाश, हरचंदी, हजारी और इस्माइल की तीन-तीन बीघा समेत करीब 40 बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि उनके खेत नार्थ एरिया में पड़ते हैं जिसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। किसानों का आरोप है कि कई साल से हाथी उनकी फसलों को रौंद रहे हैं लेकिन वन महकमा कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। सन 2016 से मुआवजा नहीं दिया गया है। परेशान किसानों ने पार्क की गुलरा चौकी गेट पर पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सूचना पाकर पहुंचे रेंजर से किसानों की कहासुनी भी हो गई। इस बावत रेंजर सुभाष चंद्र वर्मा ने बताया हाथियों ने किसानों का नुकसान किया है जिससे उनका गुस्सा होना लाजिमी है, जल्द ही किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
विज्ञापन