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हाथियों की सुरक्षा के मद्देनजर दुधवा में अलर्ट
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। केरल के पलक्कड़ में गर्भवती हथिनी की मौत के बाद वन विभाग हाथियों की सुरक्षा को लेकर संजीदा हुआ है। हाथियों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके तहत अब कोई भी बाहरी व्यक्ति पालतू या जंगली हाथियों के पास फटक तक नहीं पाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व में कुल 25 पालतू और करीब 125 जंगली हाथी हैं। इसके अलावा समय-समय पर नेपाल से भी हाथी आकर जंगल के आसपास किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते जंगली हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने केरल की घटना से सबक लेते हुए पूरे डीटीआर में अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने दुधवा और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) में पालतू हाथियों की देख-भाल करने वाले वन कर्मियों और चारा कटर्स को निर्देश दिए हैं कि कोई भी बाहरी व्यक्ति हाथियों के आसपास न पहुंचने पाए और न ही उसे कुछ खिलाने पाए। इसी तरह जंगल के आसपास भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वन कर्मियों से कहा गया है कि यदि जंगल से निकल कर हाथी खेतों में जाते हैं तो उन पर नजर रखी जाए कि कोई भी व्यक्ति इनको नुकसान न पहुंचा सके। साथ ही डीटीआर प्रशासन ने बिजली विभाग से भी आग्रह किया है कि वे जंगल और आसपास क्षेत्र से गुजरी बिजली लाइनों को लटकते तारों के दुरुस्त कराने के साथ ही जमीन में रखे ट्रांसफार्मरों को पोलों पर रखवाएं। पिछले वर्ष इन्ही लटकते तारों और जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों की चपेट में आकर दो हाथियों की मौत हो गई थी।
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केरल में हथिनी की मौत की दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए हाथियों की सुरक्षा के मद्देनजर दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि यदि जंगली हाथी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं तो किसान ऐसा कोई कृत्य न करें जिससे हाथियों को नुकसान हो। यदि हाथी फसलों का नुकसान करते हैं तो किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
-संजय पाठक, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में कुल 25 पालतू और करीब 125 जंगली हाथी हैं। इसके अलावा समय-समय पर नेपाल से भी हाथी आकर जंगल के आसपास किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते जंगली हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने केरल की घटना से सबक लेते हुए पूरे डीटीआर में अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने दुधवा और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) में पालतू हाथियों की देख-भाल करने वाले वन कर्मियों और चारा कटर्स को निर्देश दिए हैं कि कोई भी बाहरी व्यक्ति हाथियों के आसपास न पहुंचने पाए और न ही उसे कुछ खिलाने पाए। इसी तरह जंगल के आसपास भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वन कर्मियों से कहा गया है कि यदि जंगल से निकल कर हाथी खेतों में जाते हैं तो उन पर नजर रखी जाए कि कोई भी व्यक्ति इनको नुकसान न पहुंचा सके। साथ ही डीटीआर प्रशासन ने बिजली विभाग से भी आग्रह किया है कि वे जंगल और आसपास क्षेत्र से गुजरी बिजली लाइनों को लटकते तारों के दुरुस्त कराने के साथ ही जमीन में रखे ट्रांसफार्मरों को पोलों पर रखवाएं। पिछले वर्ष इन्ही लटकते तारों और जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों की चपेट में आकर दो हाथियों की मौत हो गई थी।
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केरल में हथिनी की मौत की दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए हाथियों की सुरक्षा के मद्देनजर दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि यदि जंगली हाथी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं तो किसान ऐसा कोई कृत्य न करें जिससे हाथियों को नुकसान हो। यदि हाथी फसलों का नुकसान करते हैं तो किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
-संजय पाठक, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व।