{"_id":"6307cdcc3c7df26d290ad923","slug":"wild-animal-lakhimpur-news-bly495516236","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशनपुर सेंक्चुरी से जटपुरा की ओर पहुंचे जंगली हाथी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशनपुर सेंक्चुरी से जटपुरा की ओर पहुंचे जंगली हाथी
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बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से आए हाथी अब किशनपुर सेंक्चुरी से निकलकर बृहस्पतिवार सवेरे जटपुरा बीट जंगल से सटे किसानों के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। इसके बाद हाथी जटपुरा से किशनपुर सेंक्चुरी जंगल की ओर एक बार फिर कूच कर गए।
हाथियों ने किसान राम दयाल, मंजीत सिंह, मन्नू, सुरजीत कौर, कुलदीप, मजीद रामानंद, रामनिवास, रामचंद्र और बिहारी के खेतों में खड़ी करीब 20 एकड़ धान और गन्ने की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। इसके बाद हाथी यहां से बरौंछा और जटपुरा गांव की ओर रुख किया। यहां भी जंगली हाथियों ने किसानों के खेतों में उत्पात मचाया। धान और गन्ने की फसल को तबाह कर दिया। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर खेतों की ओर पहुंची निगरानी टीमों और किसानों ने शोर मचाकर हाथियों को बमुश्किल खदेड़ा। इसके बाद हाथी वहां से चलकर फिर किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज वन्यजीव विहार जा पहुंचे और वहीं डेरा डाल दिया।
फसलें रौंदे जाने से किसान बेहद नाराज हैं। जटपुरा,बरौंछा और सोहनरा भूड़ के किसानों गेंदनलाल, विनोद भारती आदि कहना है कि पिछले साल भी हाथियों ने उत्पात मचाया था लेकिन मुआवजा के नाम पर फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। उधर, एफडी संजय पाठक का कहना है कि अभी भी मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही चल रही है। इस साल भी फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
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25 एलकेएच 18
नेपाली हाथियों की दहशत, वनकर्मी अलर्ट
ममरी। नेपाली हाथियों का झुंड महुरेना बीट के जंगल में पहुंचते ही सहजनिया जंगल के आसपास बसे इटौआ, कोरिगवा, मुकुंडापुर, गेहुआ, सहजनिया, सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर के ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने पिछले वर्ष तमाम किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना धान की सैकड़ों बीघे फसल रौंद डाली थी। साथ ही सहजनिया निवासी भगवान दास के बेटे को पटक कर मार डाला था, जिसकी भरपाई अब तक नहीं हो पाई है। उधर, मोहम्मदी रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, वनरक्षक अभिषेक वर्मा, नवनीत कुमार, लालू आदि वन कर्मियों की टीम सहजनिया जंगल भेजी गई है। जो आसपास के ग्रामों में जाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने मचान पर न सोने के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों किसानों को पटाखे वितरित किए जा रहे हैं। संवाद
तेंदुए के शिकार से बाल बाल बचा युवक
निघासन। बुधवार शाम मवेशियों के लिये चारा लेन गया युवक उस वक्त बाल बाल बच गया, जब तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जबकि उसके साथ गए कुत्ते को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया।
लुधौरी के मजरा बिहारी पुरवा निवासी चन्द्रभूषण यादव ने बताया कि बुधवार शाम वह गांव के दक्षिण स्थित अपने गन्ने के खेत गया था। उसे किसी जानवर के होने की आहट मिली। इस बीच उसके साथ गया कुत्ता भी भौंकते हुए दुबकने लगा। वह भागकर पास ही बने मचान पर चढ़ गया। इतने में तेंदुए ने कुत्ते को शिकार बना लिया। वह काफी देर तक मचान पर दुबका पड़ा रहा। काफी देर बाद शोरगुल करके अन्य ग्रामीणों को बुलाया जिससे गांव वालों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम नहीं पहुंचे ही। वन रेंजर आरिफ जमाल ने बताया कि वहां पर तेंदुए की मौजूदगी है। लोगों को सतर्क व सावधान रहने के लिये कहा गया है। संवाद
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हाथियों ने किसान राम दयाल, मंजीत सिंह, मन्नू, सुरजीत कौर, कुलदीप, मजीद रामानंद, रामनिवास, रामचंद्र और बिहारी के खेतों में खड़ी करीब 20 एकड़ धान और गन्ने की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। इसके बाद हाथी यहां से बरौंछा और जटपुरा गांव की ओर रुख किया। यहां भी जंगली हाथियों ने किसानों के खेतों में उत्पात मचाया। धान और गन्ने की फसल को तबाह कर दिया। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर खेतों की ओर पहुंची निगरानी टीमों और किसानों ने शोर मचाकर हाथियों को बमुश्किल खदेड़ा। इसके बाद हाथी वहां से चलकर फिर किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज वन्यजीव विहार जा पहुंचे और वहीं डेरा डाल दिया।
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फसलें रौंदे जाने से किसान बेहद नाराज हैं। जटपुरा,बरौंछा और सोहनरा भूड़ के किसानों गेंदनलाल, विनोद भारती आदि कहना है कि पिछले साल भी हाथियों ने उत्पात मचाया था लेकिन मुआवजा के नाम पर फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। उधर, एफडी संजय पाठक का कहना है कि अभी भी मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही चल रही है। इस साल भी फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
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25 एलकेएच 18
नेपाली हाथियों की दहशत, वनकर्मी अलर्ट
ममरी। नेपाली हाथियों का झुंड महुरेना बीट के जंगल में पहुंचते ही सहजनिया जंगल के आसपास बसे इटौआ, कोरिगवा, मुकुंडापुर, गेहुआ, सहजनिया, सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर के ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने पिछले वर्ष तमाम किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना धान की सैकड़ों बीघे फसल रौंद डाली थी। साथ ही सहजनिया निवासी भगवान दास के बेटे को पटक कर मार डाला था, जिसकी भरपाई अब तक नहीं हो पाई है। उधर, मोहम्मदी रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, वनरक्षक अभिषेक वर्मा, नवनीत कुमार, लालू आदि वन कर्मियों की टीम सहजनिया जंगल भेजी गई है। जो आसपास के ग्रामों में जाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने मचान पर न सोने के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों किसानों को पटाखे वितरित किए जा रहे हैं। संवाद
तेंदुए के शिकार से बाल बाल बचा युवक
निघासन। बुधवार शाम मवेशियों के लिये चारा लेन गया युवक उस वक्त बाल बाल बच गया, जब तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जबकि उसके साथ गए कुत्ते को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया।
लुधौरी के मजरा बिहारी पुरवा निवासी चन्द्रभूषण यादव ने बताया कि बुधवार शाम वह गांव के दक्षिण स्थित अपने गन्ने के खेत गया था। उसे किसी जानवर के होने की आहट मिली। इस बीच उसके साथ गया कुत्ता भी भौंकते हुए दुबकने लगा। वह भागकर पास ही बने मचान पर चढ़ गया। इतने में तेंदुए ने कुत्ते को शिकार बना लिया। वह काफी देर तक मचान पर दुबका पड़ा रहा। काफी देर बाद शोरगुल करके अन्य ग्रामीणों को बुलाया जिससे गांव वालों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम नहीं पहुंचे ही। वन रेंजर आरिफ जमाल ने बताया कि वहां पर तेंदुए की मौजूदगी है। लोगों को सतर्क व सावधान रहने के लिये कहा गया है। संवाद