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वन विभाग ने बाघ के खतरे से ग्रामीणों को सचेत किया
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डोकरपुर में ग्रामीणों को जागरूक करते वन विभाग के लोग। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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भीखमपुर। मितौली थाना क्षेत्र के डोकरपुर गांव में रविवार को बाघ के हमले में मजदूर के घायल होने के बाद सोमवार को वन विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया। गांव में गोष्ठी करने के साथ क्षेत्र के लोगों को पंफलेट बांटकर जागरूक किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बाघ के हमले में घायल मजदूर कमलेश का हाल-चाल जाना और उसे सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। बाघ की मौजूदगी से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग के एसडीओ अशोक कुमार, डिप्टी रेंजर महेशपुर रेंज रामनरेश वर्मा समेत पूरी टीम ने डोकरपुर गांव में पहुंच कर प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों के साथ गोष्ठी की।
वन विभाग के अधिकारियों ने बाघ से बचाव के लिए सतर्कता बरतने को कहा। किसानों को अकेले खेतों में जाने से मना किया। आवश्यकता पड़ने पर समूह बनाकर जाने को कहा।
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यहां बता दें कि रविवार को मजदूर कमलेश पर बाघ ने हमला करके उसे घायल कर दिया था। क्षेत्र के लोग बाघ के हमले से दहशत में है। दूसरे दिन बाघ देखे जाने की अफवाह भी रही। इस दौरान वनरक्षक आंवला राजेश पाल, वनरक्षक महेशपुर नरेंद्र कुमार, ग्रामीण संतोष राठौर, मेवालाल समेत कई लोग मौजूद रहे।
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बाघ ने बनाया गन्ने के खेतों को ठिकाना
ममरी। मोहम्मदी रेंज के जंगल से सटे खेतों में गन्ने की फसल बड़ी होते ही बाघों ने अपना ठिकाना बना लिया है, जिससे खेतों के पास की आबादी में खतरा बढ़ गया है।
सुंदरपुर के रामकुमार वर्मा, सत्यपाल शर्मा, घमहाघाट के सरदार लाल सिंह, मक्खन सिंह, बलिहार सिंह, मोटी खेड़ा के बलविंदर सिंह, बिहारीपुर फार्म के इंद्रजीत सिंह आदि का कहना है कि सुबह शाम खेतों में बाघ टहलते देखे जा रहे हैं, जो कई आवारा पशुओं को अपना शिकार बना चुके हैं, जिससे खेतों में काम करना मुश्किल हो रहा है। फसल में खाद डाल रहा मजदूर कमलेश बाघ के हमले में घायल हो चुका है।
तूलमेलगंज, बिहारीपुर फार्म के बीच एक बाघ रोड पार करते देखा गया है, जिससे वहां खतरा बना हुआ है।
मोहम्मदी महेशपुर रेंज के डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा का कहना है कि तेंदुए शिकार की तलाश में जंगल के बाहर गन्ने में घूमते रहते हैं। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। वनकर्मी बाघों की चहल कदमी पर पैनी नजर रख रहे हैं। बाघ की सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग भी कराई जा रही है। संवाद
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वन विभाग के अधिकारियों ने बाघ के हमले में घायल मजदूर कमलेश का हाल-चाल जाना और उसे सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। बाघ की मौजूदगी से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग के एसडीओ अशोक कुमार, डिप्टी रेंजर महेशपुर रेंज रामनरेश वर्मा समेत पूरी टीम ने डोकरपुर गांव में पहुंच कर प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों के साथ गोष्ठी की।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बाघ से बचाव के लिए सतर्कता बरतने को कहा। किसानों को अकेले खेतों में जाने से मना किया। आवश्यकता पड़ने पर समूह बनाकर जाने को कहा।
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यहां बता दें कि रविवार को मजदूर कमलेश पर बाघ ने हमला करके उसे घायल कर दिया था। क्षेत्र के लोग बाघ के हमले से दहशत में है। दूसरे दिन बाघ देखे जाने की अफवाह भी रही। इस दौरान वनरक्षक आंवला राजेश पाल, वनरक्षक महेशपुर नरेंद्र कुमार, ग्रामीण संतोष राठौर, मेवालाल समेत कई लोग मौजूद रहे।
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बाघ ने बनाया गन्ने के खेतों को ठिकाना
ममरी। मोहम्मदी रेंज के जंगल से सटे खेतों में गन्ने की फसल बड़ी होते ही बाघों ने अपना ठिकाना बना लिया है, जिससे खेतों के पास की आबादी में खतरा बढ़ गया है।
सुंदरपुर के रामकुमार वर्मा, सत्यपाल शर्मा, घमहाघाट के सरदार लाल सिंह, मक्खन सिंह, बलिहार सिंह, मोटी खेड़ा के बलविंदर सिंह, बिहारीपुर फार्म के इंद्रजीत सिंह आदि का कहना है कि सुबह शाम खेतों में बाघ टहलते देखे जा रहे हैं, जो कई आवारा पशुओं को अपना शिकार बना चुके हैं, जिससे खेतों में काम करना मुश्किल हो रहा है। फसल में खाद डाल रहा मजदूर कमलेश बाघ के हमले में घायल हो चुका है।
तूलमेलगंज, बिहारीपुर फार्म के बीच एक बाघ रोड पार करते देखा गया है, जिससे वहां खतरा बना हुआ है।
मोहम्मदी महेशपुर रेंज के डिप्टी रेंजर राम नरेश वर्मा का कहना है कि तेंदुए शिकार की तलाश में जंगल के बाहर गन्ने में घूमते रहते हैं। ऐसे में सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। वनकर्मी बाघों की चहल कदमी पर पैनी नजर रख रहे हैं। बाघ की सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग भी कराई जा रही है। संवाद