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पूरी तरह महफूज हैं दुधवा के गैंडे
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दुधवा की गैंडा पुनर्वास योजना में हाथियों से निगरानी करती वन कर्मियों की टीम। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। नेपाल के चितवन निकुंज पार्क में लगातार हो रही गैंडों की मौत के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर के भादीताल और बेलरायां रेंज के छंगा नाला परिक्षेत्र में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन और टू में गैंडों की निगरानी बढ़ा दी गई है। टाइगर रिजर्व प्रशासन का दावा है कि दोनों क्षेत्रों में स्वछंद विचरण करने वाले गैंडे और उनके शिशु पूरी तरह महफूज हैं। यहां पर हाथियों के जरिए गैंडों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक के मुताबिक दुधवा पार्क क्षेत्र में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन और टू में सोलर फेंसिंग तार की बाड़ के घेरे में गैंडों को रखा गया है।
ऊंची घास के मैदानों में रह रहे गैंडों के भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही पार्क के प्रशिक्षित हाथी, महावत और वन कर्मियों की टीम हाथियों की लगातार निगरानी में लगाईं गईं हैं। हाथियों पर सवार निगरानी टीमें दोनों पुनर्वासन क्षेत्रों में विचरण करने वाले नर और मादा गैंडों के अलावा उनके शिशुओं की गतिविधियों का अध्ययन कर इसकी सूचना रेंजर को देती हैं। निगरानी टीमें गैंडों की सेहत से संबधित दिखने वाली दिक्कतों की सूचना पार्क प्रशासन को देती हैं।
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जिसके बाद पार्क के पशु चिकित्सक डॉ दया शंकर और उनकी टीम मौके पर पहुंचकर गैंडों का उपचार करतीं है। इसके अलावा समय-समय पर पार्क के अधिकारी गैंडों की देखभाल कर इसकी सूचना एफडी को भेजते हैं।
उन्होंने बताया कि दुधवा में रह रहे गैंडे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। गैंडों की सुरक्षा को लेकर पार्क प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक के मुताबिक दुधवा पार्क क्षेत्र में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन और टू में सोलर फेंसिंग तार की बाड़ के घेरे में गैंडों को रखा गया है।
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ऊंची घास के मैदानों में रह रहे गैंडों के भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही पार्क के प्रशिक्षित हाथी, महावत और वन कर्मियों की टीम हाथियों की लगातार निगरानी में लगाईं गईं हैं। हाथियों पर सवार निगरानी टीमें दोनों पुनर्वासन क्षेत्रों में विचरण करने वाले नर और मादा गैंडों के अलावा उनके शिशुओं की गतिविधियों का अध्ययन कर इसकी सूचना रेंजर को देती हैं। निगरानी टीमें गैंडों की सेहत से संबधित दिखने वाली दिक्कतों की सूचना पार्क प्रशासन को देती हैं।
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जिसके बाद पार्क के पशु चिकित्सक डॉ दया शंकर और उनकी टीम मौके पर पहुंचकर गैंडों का उपचार करतीं है। इसके अलावा समय-समय पर पार्क के अधिकारी गैंडों की देखभाल कर इसकी सूचना एफडी को भेजते हैं।
उन्होंने बताया कि दुधवा में रह रहे गैंडे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। गैंडों की सुरक्षा को लेकर पार्क प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।