{"_id":"5afc2d614f1c1be6408b5d16","slug":"wheat-procurement-ends-in-79-centres","type":"story","status":"publish","title_hn":"79 क्रय केन्द्रों पर बंद हुई गेहूं खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
79 क्रय केन्द्रों पर बंद हुई गेहूं खरीद
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 17 May 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गेहूं की आवक चरम पर है, लेकिन सरकारी क्रय केन्द्रों पर बारदाने की किल्लत बनी हुई है। इससे जिले में 79 क्रय केन्द्रों पर खरीद बंद हो गई है। वहीं अन्य क्रय केन्द्रों पर भी खरीद कम हो गई है। लिहाजा किसानों को मंडी में आढ़तियों के हाथ औने पौने दामों पर गेहूं बेचना पड़ रहा है, क्योंकि केन्द्र प्रभारी बारदाना न होने की बात कहकर किसानों को टरका रहे हैं। वहीं करीब एक सप्ताह पहले गुजरात से चली प्लास्टिक बोरों की खेप अब तक नहीं पहुंच सकी है, तो वहीं सीतापुर और हरदोई स्थित रैकप्वाइंट पर लगने वाली बारदाना की रैक की रोज ही तारीखें बदली जा रही हैं।
एक अप्रैल से अब तक 4892 गांठ बोरों की आपूर्ति क्रय केन्द्रों पर की जा चुकी है, जिसमें प्रत्येक गांठ में 500 बोरे होते हैं। इसके बावजूद करीब 20 दिनों से बारदाना की किल्लत बनी हुई है। एक सप्ताह बाद भी गुजरात से आने वाली प्लास्टिक बोरों की खेप जिले में नहीं पहुंची है, जिसके आने पर भी उसके प्रयोग से पहले लैब टेस्टिंग कराने का झंझट रहेगा। इसके अलावा करीब 15 दिन पहले 3000 गांठ जूट बोरा की डिमांड शासन को भेजी गई थी, जिसकी आपूर्ति होने की तरीखें रोज बदल रहीं हैं। जिले में 176 क्रय केन्द्र खोले गए हैं, जिनके माध्यम से दो लाख सात सौ मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य सरकार ने दिया है। इसके सापेक्ष 15469 किसानों से एक लाख 31 हजार 466 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। बारदाने के अभाव में पिछले कुछ दिनों से 79 क्रय केन्द्रों पर खरीद बंद हो चुकी है। अन्य केन्द्रों पर भी खरीद ठप होने के आसार बन गए हैं।
प्लास्टिक बोरों की आपूर्ति में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिससे जूट बोरों की आपूर्ति की जाएगी। हरदोई में गुरुवार तक रैक लगने वाली है, जिसके बाद सीतापुर में रैक लगेगी। इसमें से जिले को तीन हजार गांठें मिलेंगी, जिससे बारदाना की किल्लत समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
विज्ञापन
एक अप्रैल से अब तक 4892 गांठ बोरों की आपूर्ति क्रय केन्द्रों पर की जा चुकी है, जिसमें प्रत्येक गांठ में 500 बोरे होते हैं। इसके बावजूद करीब 20 दिनों से बारदाना की किल्लत बनी हुई है। एक सप्ताह बाद भी गुजरात से आने वाली प्लास्टिक बोरों की खेप जिले में नहीं पहुंची है, जिसके आने पर भी उसके प्रयोग से पहले लैब टेस्टिंग कराने का झंझट रहेगा। इसके अलावा करीब 15 दिन पहले 3000 गांठ जूट बोरा की डिमांड शासन को भेजी गई थी, जिसकी आपूर्ति होने की तरीखें रोज बदल रहीं हैं। जिले में 176 क्रय केन्द्र खोले गए हैं, जिनके माध्यम से दो लाख सात सौ मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य सरकार ने दिया है। इसके सापेक्ष 15469 किसानों से एक लाख 31 हजार 466 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। बारदाने के अभाव में पिछले कुछ दिनों से 79 क्रय केन्द्रों पर खरीद बंद हो चुकी है। अन्य केन्द्रों पर भी खरीद ठप होने के आसार बन गए हैं।
विज्ञापन
प्लास्टिक बोरों की आपूर्ति में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिससे जूट बोरों की आपूर्ति की जाएगी। हरदोई में गुरुवार तक रैक लगने वाली है, जिसके बाद सीतापुर में रैक लगेगी। इसमें से जिले को तीन हजार गांठें मिलेंगी, जिससे बारदाना की किल्लत समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी