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व्हाट्स एप के जरिये मिली घरवालों को मूकबाधिर बेटी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 16 Jan 2017 10:33 PM IST
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- फोटो : amarujala
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घर से मेला देखने निकली थी मूकबाधिर अंशिका
ईसानगर पुलिस ने किया था चाइल्ड लाइन के हवाले
एक बार फिर व्हाट्स एप मूकबाधिर किशोरी को उसके घरवालों से मिलाने में मददगार साबित हुआ। व्हाट्स एप पर अपनी बेटी का फोटो देखकर सोमवार को धौरहरा के गांव देवीपुरवा निवासी रमेश कुमार चाइल्ड लाइन पहुंचे और कागजी कार्रवाई पूरी करके अपनी पुत्री अंशिका को घर ले गए।
गांव देवीपुरवा निवासी रमेश कुमार के पांच बच्चे हैं, जिसमें अंशिका जो मूकबाधिर है, सबसे बड़ी है। घरवालों के अनुसार अंशिका आठ जनवरी को पड़ोसी गांव गुधरिया में चल रहे धनुष यज्ञ मेला देखने गांव के ही कुछ बच्चों के साथ गई थी, लेकिन फिर वह अपने घर नहीं पहुंच सकी। मूकबाधिर होने के कारण वह किसी को अपना नाम पता भी नहीं बता सकी। इस दौरान सूचना पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान उसकी फोटो व्हाट्स एप पर वाइरल हो गई, जिससे इसकी सूचना उसके गांव के लोगों तक पहुंच गई। अंशिका की जानकारी मिलने पर घरवाले सोमवार को चाइल्ड लाइन आ गए। जिस पर चाइल्ड लाइन प्रभारी जीशान अंसारी, टीम सदस्य रजनी मिश्रा ने कागजी कार्रवाई पूरी कराने के बाद अंशिका को उसके घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
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ईसानगर पुलिस ने किया था चाइल्ड लाइन के हवाले
एक बार फिर व्हाट्स एप मूकबाधिर किशोरी को उसके घरवालों से मिलाने में मददगार साबित हुआ। व्हाट्स एप पर अपनी बेटी का फोटो देखकर सोमवार को धौरहरा के गांव देवीपुरवा निवासी रमेश कुमार चाइल्ड लाइन पहुंचे और कागजी कार्रवाई पूरी करके अपनी पुत्री अंशिका को घर ले गए।
गांव देवीपुरवा निवासी रमेश कुमार के पांच बच्चे हैं, जिसमें अंशिका जो मूकबाधिर है, सबसे बड़ी है। घरवालों के अनुसार अंशिका आठ जनवरी को पड़ोसी गांव गुधरिया में चल रहे धनुष यज्ञ मेला देखने गांव के ही कुछ बच्चों के साथ गई थी, लेकिन फिर वह अपने घर नहीं पहुंच सकी। मूकबाधिर होने के कारण वह किसी को अपना नाम पता भी नहीं बता सकी। इस दौरान सूचना पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान उसकी फोटो व्हाट्स एप पर वाइरल हो गई, जिससे इसकी सूचना उसके गांव के लोगों तक पहुंच गई। अंशिका की जानकारी मिलने पर घरवाले सोमवार को चाइल्ड लाइन आ गए। जिस पर चाइल्ड लाइन प्रभारी जीशान अंसारी, टीम सदस्य रजनी मिश्रा ने कागजी कार्रवाई पूरी कराने के बाद अंशिका को उसके घरवालों के सुपुर्द कर दिया।
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