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Lakhimpur Kheri News: कचरा समेटने वाले सेंटर खुद कूड़े में
Sun, 23 Aug 2026 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:52 PM IST
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ग्राम पंचायत भगवंतनगर का इस हाल में है आरसीसी सेंटर। संवाद
लखीमपुर खीरी। गांवों में कूड़ा निस्तारण के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र (आरआरसी) खुद बदहाली का शिकार हैं। रविवार को की गई पड़ताल में अधिकांश सेंटर बंद मिले।
कहीं ताले लटके थे तो कहीं सेंटर के आसपास ही कूड़े के ढेर मिले। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ठप होने से गांवों में गंदगी पसरी है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
जिले में 1165 ग्राम पंचायतें हैं। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण प्लांट बताए गए हैं। एक प्लांट पर करीब छह से सात लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद कई सेंटरों का संचालन नहीं हो रहा है।
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बरबर-भौनापुर का आरआरसी सेंटर काफी पहले बना था, लेकिन उसका उपयोग नहीं हुआ। मोहम्मदी के गुलरिया परवसतनगर, खजुहा और शाहपुर राजा के सेंटर बंद मिले। पसगवां की ग्राम पंचायत और नरदी में भी आरआरसी सेंटर संचालित नहीं हो रहा है। प्रधान प्रतिनिधि राहुल गुप्ता सोनू ने बताया कि सफाई कर्मचारी नहीं है। सचिव सेंटर चलवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
मझगईं के भगवंतनगर गुलरा में चौखड़ा फार्म जाने वाले मार्ग किनारे आरआरसी सेंटर रखरखाव के अभाव में बदहाल है। कूड़ा घर खुद कूड़ा हो गया है। गांव में कूड़ा उठाने वाली ठेलिया भी नहीं मिली। ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर में भी सफाई कर्मचारी नदारद हैं। इससे ग्राम पंचायतों में कूड़े के अंबार लगे हैं।
ईसानगर के खमरिया पंडित में सुभाष पांडे गली और आदर्श सरस्वती ज्ञान मंदिर के पास वर्षों से कूड़े के ढेर लगे हैं। राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। कस्बे में आरआरसी सेंटर बना है, लेकिन हमेशा बंद रहता है।
बीडीओ धनप्राप्त यादव ने बताया कि खमरिया में फिलहाल सफाईकर्मी तैनात नहीं है। सफाई व्यवस्था के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने के साथ आरआरसी सेंटर का संचालन शुरू कराया जाएगा।
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कहीं ताले लटके थे तो कहीं सेंटर के आसपास ही कूड़े के ढेर मिले। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ठप होने से गांवों में गंदगी पसरी है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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जिले में 1165 ग्राम पंचायतें हैं। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण प्लांट बताए गए हैं। एक प्लांट पर करीब छह से सात लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद कई सेंटरों का संचालन नहीं हो रहा है।
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बरबर-भौनापुर का आरआरसी सेंटर काफी पहले बना था, लेकिन उसका उपयोग नहीं हुआ। मोहम्मदी के गुलरिया परवसतनगर, खजुहा और शाहपुर राजा के सेंटर बंद मिले। पसगवां की ग्राम पंचायत और नरदी में भी आरआरसी सेंटर संचालित नहीं हो रहा है। प्रधान प्रतिनिधि राहुल गुप्ता सोनू ने बताया कि सफाई कर्मचारी नहीं है। सचिव सेंटर चलवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
मझगईं के भगवंतनगर गुलरा में चौखड़ा फार्म जाने वाले मार्ग किनारे आरआरसी सेंटर रखरखाव के अभाव में बदहाल है। कूड़ा घर खुद कूड़ा हो गया है। गांव में कूड़ा उठाने वाली ठेलिया भी नहीं मिली। ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर में भी सफाई कर्मचारी नदारद हैं। इससे ग्राम पंचायतों में कूड़े के अंबार लगे हैं।
ईसानगर के खमरिया पंडित में सुभाष पांडे गली और आदर्श सरस्वती ज्ञान मंदिर के पास वर्षों से कूड़े के ढेर लगे हैं। राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। कस्बे में आरआरसी सेंटर बना है, लेकिन हमेशा बंद रहता है।
बीडीओ धनप्राप्त यादव ने बताया कि खमरिया में फिलहाल सफाईकर्मी तैनात नहीं है। सफाई व्यवस्था के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने के साथ आरआरसी सेंटर का संचालन शुरू कराया जाएगा।

ग्राम पंचायत भगवंतनगर का इस हाल में है आरसीसी सेंटर। संवाद

ग्राम पंचायत भगवंतनगर का इस हाल में है आरसीसी सेंटर। संवाद