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आखिर वही हुआ जिसका था डर डूबा सुहेली की बाढ़ में इलाका

Fri, 29 Jul 2016 10:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो-पलियाकलां।  
अमर उजाला ब्यूरो-पलियाकलां।   Updated Fri, 29 Jul 2016 10:15 PM IST
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What happened was the fear of flood area dipped friend
सुहेली - फोटो : अमर उजाला
पुल के पास सूखी सुहेली ढा रही खेतों में कहर, घिरे बाढ़ से कई गांव
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पुल के आसपास करीब दस किलोमीटर सूखी सुहेली ने पीछे से अब अपना रौद्र रूप  दिखाना शुरू कर दिया है। सुहेली ने बारिश से पहले जहां खेतों को बालू से पाट दिया था वहीं अब बारिश के मौसम में नदी का रूप दे दिया है। पूरा खेतिहर इलाका नदी बना हुआ है और फसलें डूब गई हैं। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। अब लोगों के आने जाने का सहारा नाव ही है। नकउहा नाला सुहेली की बाढ़ का पानी घुस जाने से नदी का रूप ले चुका है। 
बारिश का  मौसम नहीं था तो सुहेली अपनी सिल्ट से बिलहिया के हजारों एकड़ खेत को पाट रही थी और खेत बंजर हो रहे थे। अब जब बारिश का मौसम आया है तो सुहेली ने  पूरेे खेतिहर इलाके को नदी बना दिया है। बची फसलों को गायब कर दिया है।  दुधवा नेशनल पार्क की सोठियाना रेंज में बाढ़ है तो वहीं घोला,  इब्राहिमपुरी, गजरौरा, देवीपुर, अतरनगर, मकनपुर, बिलहिया के खेत बाढ़ के  पानी में डूबे हुए हैं। नगर के राजकीय महाविद्यालय, कृष्णानगर, दुधवा रोड  के किनारे के इलाके को भी अपने पानी की चपेट में ले लिया है। इन इलाकों में  बाढ़ का पानी भर गया है। इन गांवों के निचले भाग के लोग सुहेली की बाढ़ के  पानी से घिर गए हैं और नाव से आवागमन हो रहा है। जरा सा पानी और बढ़ा तो नगर भी सुहेली की बाढ़ की जद में आ जाएगा। यह खतरा ‘अमर उजाला’ ने जताते हुए  सुहेली के पुराने मार्ग की दस किलोमीटर सफाई की आवश्यकता जताई थी। फिलहाल नकउहा नाले ने नदी का रूप ले लिया है और इधर का इलाका भी नदी बना हुआ है। 
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अब तक नहीं मिल पाई अनुमति
पार्क  उपनिदेशक महावीर कौजलगि ने समस्या को जंगल के लिए भी काफी गंभीर मानते हुए  सुहेली की डिसिल्टिंग की अनुमति को पत्र भेजा था, लेकिन इसमें अब तक  अनुमति नहीं मिल पाई है। बता दें कि जब तक एनओसी नहीं मिल पाती है तब तक  यहां डिसिल्टिंग का कार्य नहीं किया जा सकता है। डीएम आकाशदीप भी इस समस्या  को लेकर काफी गंभीर हुए थे और उन्होंने एक टीम को सर्वे के लिए भेजा था  जिसने रिपोर्ट सौंप भी दी है। हालांकि अभी कोई एस्टीमेट नहीं है लेकिन  अनुमति मिल जाए तो किसी मद कार्य कराने की तैयारी की जा सकती है। 
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