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मौसम: धूप खिली, पूर्वानुमान धरे रह गए
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पलिया में शनिवार को सुबह पड़ा भयंकर कोहरा। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। कुछ दिनों पहले मौसम विभाग ने शीतलहर चलने को लेकर अलर्ट जारी किया था और बारिश होने की आशंका जताई थी। इसके उलट मौसम की लुकाछिपी का खेल जारी है और मौसम को लेकर जारी सारे अलर्ट हवा-हवाई साबित हुए हैं। कुछ दिनों से तापमान में गिरावट आने का सिलसिला थम सा गया है, क्योंकि अच्छी धूप खिलने से दिन में ठंड का असर कम हो रहा है। इससे गर्म कपड़े लोगों को उतारने पड़ते हैं। वहीं मौसम विभाग ने पूर्वानुमान के मुताबिक शीतलहर न चलने के लिए पहाड़ों पर बर्फबारी जारी होने की बात कही है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में अभी शीतलहर का असर दिखने में कुछ दिन और लग सकते हैैं।
नवंबर बीतने को है, लेकिन ठंडक अपने पूरे फार्म में नहीं आ सकी है, जबकि इसी वर्ष होली के बाद काफी दिनों तक ठंडक का असर रहा था। इसलिए मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के असर से मौसम चक्र में बदलाव आया है। ऋतुओं की टाइमिंग में अंतर आने का नतीजा है कि इस वर्ष होली के बाद मार्च, अप्रैल और मई में भी कई बार अत्यधिक बारिश हुई थी, जिसको लेकर कृषि वैज्ञानिक से लेकर मौसम विज्ञानी भी हैरान थे। इस वर्ष ठंडक सीजन की शुरुआत अक्तूबर के बजाय नवंबर से हुई है। मौसम में आए बदलाव के पीछे ग्लोबल वार्मिंग को ही असल कारण माना जा रहा है। हालांकि तराई क्षेत्र में सुबह कोहरा पड़ने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में सुबह से धूप खिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ठंडक का समय चक्र मार्च से अप्रैल तक आगे खिसक सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से शीतलहर चलने और बारिश की आशंका जताई गई थी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ का असर आंशिक रहने से इसका असर सीमित रहा। इससे उत्तर प्रदेश में असर नहीं दिखाई पड़ा। पहाड़ों पर बर्फबारी जारी होने से अभी शीतलहर चलने में कुछ दिन देरी हो सकती है, लेकिन बर्फ के पिघलते ही शीतलहर की शुरुआत हो सकती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन ने बताया कि मौसम फसलों के अनुकूल है। ज्यादा ठंडक पड़ने से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि गेहूं की फसल के लिए अच्छा है। कोहरा पड़ने से गेहूं की पैदावार अच्छी होगी।
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सुबह कोहरे से लोग परेशान, दोपहर में निकल रही धूप
पलियाकलां। ठंड शुरू होने के बाद से शनिवार को सुबह से ही भयंकर कोहरा और धुंध छाई रही, जिसके कारण ठंड अधिक रही। दोपहर बाद धूप निकलने से ठंड से तो राहत मिली। दो दिनों से इलाके में सुबह भीषण ठंड पड़ रही है। ठंड का आलम यह है कि सुबह भयंकर कोहरे और धुंध के कारण रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि दोपहर बाद धूप निकलने से ठंड से तो राहत मिलती है, लेकिन शाम को फिर कोहरा और धुंध ठंड को बढ़ा देता है। दो दिनों से इलाके में यही चल रहा है। संवाद
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नवंबर बीतने को है, लेकिन ठंडक अपने पूरे फार्म में नहीं आ सकी है, जबकि इसी वर्ष होली के बाद काफी दिनों तक ठंडक का असर रहा था। इसलिए मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के असर से मौसम चक्र में बदलाव आया है। ऋतुओं की टाइमिंग में अंतर आने का नतीजा है कि इस वर्ष होली के बाद मार्च, अप्रैल और मई में भी कई बार अत्यधिक बारिश हुई थी, जिसको लेकर कृषि वैज्ञानिक से लेकर मौसम विज्ञानी भी हैरान थे। इस वर्ष ठंडक सीजन की शुरुआत अक्तूबर के बजाय नवंबर से हुई है। मौसम में आए बदलाव के पीछे ग्लोबल वार्मिंग को ही असल कारण माना जा रहा है। हालांकि तराई क्षेत्र में सुबह कोहरा पड़ने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में सुबह से धूप खिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ठंडक का समय चक्र मार्च से अप्रैल तक आगे खिसक सकता है।
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मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से शीतलहर चलने और बारिश की आशंका जताई गई थी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ का असर आंशिक रहने से इसका असर सीमित रहा। इससे उत्तर प्रदेश में असर नहीं दिखाई पड़ा। पहाड़ों पर बर्फबारी जारी होने से अभी शीतलहर चलने में कुछ दिन देरी हो सकती है, लेकिन बर्फ के पिघलते ही शीतलहर की शुरुआत हो सकती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन ने बताया कि मौसम फसलों के अनुकूल है। ज्यादा ठंडक पड़ने से फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि गेहूं की फसल के लिए अच्छा है। कोहरा पड़ने से गेहूं की पैदावार अच्छी होगी।
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सुबह कोहरे से लोग परेशान, दोपहर में निकल रही धूप
पलियाकलां। ठंड शुरू होने के बाद से शनिवार को सुबह से ही भयंकर कोहरा और धुंध छाई रही, जिसके कारण ठंड अधिक रही। दोपहर बाद धूप निकलने से ठंड से तो राहत मिली। दो दिनों से इलाके में सुबह भीषण ठंड पड़ रही है। ठंड का आलम यह है कि सुबह भयंकर कोहरे और धुंध के कारण रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि दोपहर बाद धूप निकलने से ठंड से तो राहत मिलती है, लेकिन शाम को फिर कोहरा और धुंध ठंड को बढ़ा देता है। दो दिनों से इलाके में यही चल रहा है। संवाद