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Lakhimpur Kheri News: रेलवे लाइन के नीचे से फिर रिसा पानी, हंगामा
Sun, 29 Jun 2025 11:57 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:57 PM IST
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पलिया के अतरिया क्रासिंग के आगे रेल लाइन के नीचे से रिसता पानी। संवाद
पलियाकलां। पिछले साल बाढ़ में तबाह हुई अतरिया रेलवे क्रॉसिंग पर हुए मरम्मत कार्य की असलियत सामने आ गई है। बनबसा से पास किए गए एक लाख 15 हजार क्यूसेक पानी की वजह से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। रेल लाइन के नीचे से रिसाव शुरू हो गया है। प्रभावित गांव के सैकड़ों किसानों ने सड़क जाम करते हुए पिछले साल हुई मरम्मत पर सवाल उठाए।
शनिवार शाम पांच बजे बनबसा बैराज से करीब एक लाख 15 हजार क्यूसेक पानी पास किया गया, जो रविवार सुबह चार-पांच बजे शारदा नदी में पहुंचा। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का पानी पिछले साल कटी रेललाइन के पास से बहता हुआ रेललाइन के नीचे से रिसाव करने लगा। हर साल रेल लाइन कटने से प्रभावित कई गांवों के ग्रामीण व किसान मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
रेललाइन को बचाने की मांग की। नौ बजे तक कुछ न होते देख सभी ने पलिया-भीरा मार्ग जाम कर दिया। दस बजे से सड़क जाम करने के बाद करीब 11 बजे एसडीएम रत्नाकर मिश्रा, थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और समस्याएं सुनीं। लोगों ने कहा कि वह रेलवे लाइन बचाने के लिए कारसेवा करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन रेलवे सहयोग नहीं कर रहा है।
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किसानों का आरोप है कि अगर रेलवे ने पिछले साल ठीक से काम कराया होता तो इस लाइन के नीचे से पानी का रिसाव नहीं होता। प्रशासनिक अफसरों ने रेलवे के अधिकारियों से वार्ता कर सहयोग करने की बात कही। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला और यातायात शुरू हो सका। करीब एक घंटे तक गर्मी में लोगों को जाम के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कारसेवा के जरिये हो रहा कार्य, जुटे ग्रामीण और किसानः कारसेवा के जरिये अतरिया रेलवे क्राॅसिंग के आगे रेललाइन को बचाने के लिए ग्रामीण और किसान लगे हुए हैं। रेलवे की तरफ से पत्थर, जाल व बोरियां आदि उपलब्ध कराईं जा रहीं हैं और ग्रामीण उसमें मिट्टी भरकर रेललाइन के नीचे हो रहे रिसाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
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शनिवार शाम पांच बजे बनबसा बैराज से करीब एक लाख 15 हजार क्यूसेक पानी पास किया गया, जो रविवार सुबह चार-पांच बजे शारदा नदी में पहुंचा। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का पानी पिछले साल कटी रेललाइन के पास से बहता हुआ रेललाइन के नीचे से रिसाव करने लगा। हर साल रेल लाइन कटने से प्रभावित कई गांवों के ग्रामीण व किसान मौके पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
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रेललाइन को बचाने की मांग की। नौ बजे तक कुछ न होते देख सभी ने पलिया-भीरा मार्ग जाम कर दिया। दस बजे से सड़क जाम करने के बाद करीब 11 बजे एसडीएम रत्नाकर मिश्रा, थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और समस्याएं सुनीं। लोगों ने कहा कि वह रेलवे लाइन बचाने के लिए कारसेवा करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन रेलवे सहयोग नहीं कर रहा है।
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किसानों का आरोप है कि अगर रेलवे ने पिछले साल ठीक से काम कराया होता तो इस लाइन के नीचे से पानी का रिसाव नहीं होता। प्रशासनिक अफसरों ने रेलवे के अधिकारियों से वार्ता कर सहयोग करने की बात कही। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला और यातायात शुरू हो सका। करीब एक घंटे तक गर्मी में लोगों को जाम के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कारसेवा के जरिये हो रहा कार्य, जुटे ग्रामीण और किसानः कारसेवा के जरिये अतरिया रेलवे क्राॅसिंग के आगे रेललाइन को बचाने के लिए ग्रामीण और किसान लगे हुए हैं। रेलवे की तरफ से पत्थर, जाल व बोरियां आदि उपलब्ध कराईं जा रहीं हैं और ग्रामीण उसमें मिट्टी भरकर रेललाइन के नीचे हो रहे रिसाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

पलिया के अतरिया क्रासिंग के आगे रेल लाइन के नीचे से रिसता पानी। संवाद

पलिया के अतरिया क्रासिंग के आगे रेल लाइन के नीचे से रिसता पानी। संवाद

पलिया के अतरिया क्रासिंग के आगे रेल लाइन के नीचे से रिसता पानी। संवाद

पलिया के अतरिया क्रासिंग के आगे रेल लाइन के नीचे से रिसता पानी। संवाद