फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Villages of BRGF Reluctant to funds

ग्रामों को बीआरजीएफ की  धनराशि देने में आनाकानी

Mon, 17 Oct 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 17 Oct 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
Villages of BRGF Reluctant to funds
sdf - फोटो : अमर उजाला
स्वयं कार्यदायी संस्था बन जिला पंचायत ने टेंडर निकाला
विज्ञापन

गुपचुप तरीके से कुछ ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव हासिल करने का आरोप

पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि (बीआरजीएफ) से ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली धनराशि पर जिला पंचायत के अफसर कुंडली मारकर बैठे हैं, जिससे गांवों में प्रस्तावित विकास कार्य पिछड़ रहे हैं। सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि भेजने के बजाय नोडल विभाग (जिला पंचायत) खुद को कार्यदायी संस्था नामित कराने की फिराक में दबाव बना रहा है। सिर्फ उन्हीं 24 कार्यों को कराने के लिए टेंडर निकाला गया है, जिन ग्राम पंचायतों ने जिला पंचायत को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए प्रस्ताव दिया है। इसकी भनक डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय को भी नहीं लगी, बल्कि टेंडर निकलने के बाद उन्होंने पांचवें रिमाइंडर से ऐसी ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव की छायाप्रति मांगी है। 
पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि केे तहत वर्ष 2011-12 और 2013-14 में आवंटित धनराशि पर अर्जित ब्याज समेत अवशेष धनराशि संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी जानी थी। 27 अप्रैल 2016 को जिला योजना की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद से चयनित ग्राम पंचायतों की खाता संख्या डीपीआरओ ने जिला पंचायत को भेजी थी। पांच माह बीतने के बावजूद ग्राम पंचायतों को नोडल विभाग ने धनराशि नहीं दी और चार बार रिमाइंडर मिलने के बावजूद जवाब भी नहीं दिया। इस बीच नोडल विभाग ने गुपचुप तरीके से कई ग्राम पंचायतों के 24 कार्यों के प्रस्ताव खुद को कार्यदायी संस्था नामित कराते हुए हासिल कर लिए। इसकी भनक भी डीपीआरओ को नहीं लगी। वहीं जिला पंचायत के एएमए अशोक सिंह ने तीन अक्तूबर को 24 कार्यों (231.69 लाख) के लिए टेंडर निकाल दिया। इसकी जानकारी होने पर डीपीआरओ ने पांचवा रिमाइंडर जारी कर नियम विरुद्ध कार्य बताते हुए सूचना न देने का आरोप लगाया। साथ ही जिला पंचायत को कार्यदायी संस्था नामित कर प्रस्ताव देने वाली ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों की छाया प्रति मांगी है। 
विज्ञापन

 
हमारे चार्ज लेने से काफी समय पहले फाइल डीएम कार्यालय भेजी जा चुकी थी। वापस मिलने पर उसी के अनुसार टेंडर निकाला गया है। अवशेष ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

-अशोक सिंह, अपर मुख्य अधिकारी
--
शासनादेश में व्यवस्था है कि नोडल अधिकारी ग्राम पंचायतों द्वारा क्रियान्वित होने वाले कार्यों की धनराशि भेजी जानी चाहिए। इसके उलट ग्राम पंचायतों को धनराशि नहीं भेजी जा रही है, बल्कि जिला पंचायत को कार्यदायी संस्था नामित कराते हुए प्रस्ताव लिए गए हैं। इस मामले में रिमाइंडर दिया गया है। 
-सुनील कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed