बाघ का आतंक: लखीमपुर खीरी में एक और किसान की मौत, झाड़ियों में मिला अधखाया शव
मैगलगंज कोतवाली क्षेत्र में एक ग्रामीण का अधखाया शव झाड़ियों में पड़ा मिला। आशंका है कि बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत हुई है।
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लखीमपुर खीरी जनपद में बाघ का आतंक थम नहीं रहा। मैगलगंज कोतवाली क्षेत्र के मढिया गांव में बुधवार देर शाम एक ग्रामीण का अधखाया शव मिला। ग्रामीणों ने बाघ के हमले में मौत होने की आशंका जाहिर की है। सूचना पर यूपी 112 पुलिस ने मौका मुआयना किया।
फत्तेपुर चौकी क्षेत्र के पाल्हापुर गांव के मजरा मढि़या गांव निवासी राजाराम (55) बुधवार शाम खेतों की तरफ लकड़ी बीनने गए थे। देर शाम तक घर वापस न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव के बाहर खेतों के पास झाड़ियों में उसका अधखाया शव मिला। ग्रामीणों ने घटना की सूचना यूपी 112 पुलिस को दी।
ग्रामीणों ने बताया कि शाम पांच बजे मढि़या गांव के ही एक बच्चे पर बाघ ने हमला किया था, लेकिन खेतों में मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ भाग गया था। ऐसे में ग्रामीणों ने बाघ होने की आशंका जाहिर की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
29 मई को एक किसान को बनाया था निवाला
निघासन क्षेत्र में 29 मई को बाघ ने एक किसान को मार डाला था। बैरिया के मजरा गांव कठौहा निवासी 50 वर्षीय जगदीश खेत देखने गया था। रात होने पर भी वापस घर नहीं लौटा। घरवालों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।
सोमवार सुबह लोग उसकी तलाश करते हुए खेत की ओर गए। इस दौरान जगदीश का अधखाया शव उसी के खेत में मिला। बता दें कि कुछ वर्ष पहले चंद्रभाल नामक व्यक्ति को बाघ ने मार डाला था। तिकुनिया के खैरटीया, मंझरा पूरब आदि गांवों में आठ वर्षों में 26 लोग बाघ का शिकार हो चुके हैं।