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Lakhimpur Kheri News: तहसील परिसर में भ्रष्टाचार के आरोपों का वीडियो वायरल
Wed, 27 May 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 27 May 2026 11:17 PM IST
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धौरहरा। तहसील में भ्रष्टाचार और राजस्व मामलों में लापरवाही के आरोपों को लेकर अधिवक्ता संघ उपाध्यक्ष कौशल किशोर श्रीवास्तव का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में तहसील प्रशासन, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आरोप लगाया कि विभिन्न धाराओं के वाद वर्षों तक लंबित रखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि धारा-24 के मामलों में सीमांकन नहीं कराया जाता और राजस्व निरीक्षक बिना सीमांकन के फाइलें खारिज कर दफ्तर में दाखिल कर देते हैं। उन्होंने धन उगाही के भी आरोप लगाए।
वीडियो में कहा गया कि धारा-16 के मामलों में वर्षों तक प्रारंभिक डिग्री जारी नहीं की जाती, जबकि धारा-17 के मामलों में लेखपाल लंबे समय तक कुर्रा बंटवारे की रिपोर्ट नहीं लगाते। धारा-38/32 के मामलों में भी समय से रिपोर्ट न लगाने के आरोप लगाए गए।
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उन्होंने कहा कि धारा-34 और 35 के तहत नामांतरण मामलों में अनावश्यक रूप से साक्ष्य और शपथपत्र की कमी बताकर वाद खारिज कर दिए जाते हैं। आदेश होने के बाद भी परवाना और अमलदरामद नहीं कराया जाता।
कौशल किशोर श्रीवास्तव के अनुसार, इन समस्याओं को लेकर अधिवक्ता संघ की ओर से पहले भी एसडीएम से लेकर जिलाधिकारी तक ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि वीडियो के माध्यम से जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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आरोप लगाया कि विभिन्न धाराओं के वाद वर्षों तक लंबित रखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि धारा-24 के मामलों में सीमांकन नहीं कराया जाता और राजस्व निरीक्षक बिना सीमांकन के फाइलें खारिज कर दफ्तर में दाखिल कर देते हैं। उन्होंने धन उगाही के भी आरोप लगाए।
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वीडियो में कहा गया कि धारा-16 के मामलों में वर्षों तक प्रारंभिक डिग्री जारी नहीं की जाती, जबकि धारा-17 के मामलों में लेखपाल लंबे समय तक कुर्रा बंटवारे की रिपोर्ट नहीं लगाते। धारा-38/32 के मामलों में भी समय से रिपोर्ट न लगाने के आरोप लगाए गए।
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उन्होंने कहा कि धारा-34 और 35 के तहत नामांतरण मामलों में अनावश्यक रूप से साक्ष्य और शपथपत्र की कमी बताकर वाद खारिज कर दिए जाते हैं। आदेश होने के बाद भी परवाना और अमलदरामद नहीं कराया जाता।
कौशल किशोर श्रीवास्तव के अनुसार, इन समस्याओं को लेकर अधिवक्ता संघ की ओर से पहले भी एसडीएम से लेकर जिलाधिकारी तक ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि वीडियो के माध्यम से जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।