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नैमिषारण्य से कैलाश मानसरोवर मार्ग का निर्माण जल्दी कराने का आग्रह
सार
नेपाल के सांसद तिकुनिया में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से मिले
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नेपाल में बन रहा कैलाश मानसरोवर जाने वाला मार्ग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
बोले, नेपाल में शुरू हो चुका है काम, यहां से सड़क बनने से दोनों देशों का पर्यटन बढे़गा
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नैमिषारण्य से नेपाल होते हुए कैलाश पर्वत की तलहटी तक की दूरी 462 किलोमीटर
तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के सांसद डॉ. रण बहादुर रावल ने नैमिषारण्य से कैलाश मानसरोवर तक फोर लेन रोड निर्माण कराने की मांग भारत सरकार से की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा है।
नैमिषारण्य से कैलाश मानसरोवर की तलहटी तक मार्ग निर्माण के लिए नेपाली सांसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक साल पहले भेंट कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जल्द ही निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि भारत नेपाल सीमा पर खखरौला से इस मार्ग का निर्माण शुरू हो चुका है। इसी को लेकर नेपाली सांसद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से तिकुनिया आकर भेंट की है।
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नेपाल के सांसद डॉ. रण बहादुर रावल ने बताया कि इस मार्ग का निर्माण नेपाल में तेजी से चल रहा है। यदि यह मार्ग बन जाता है तो भारत और नेपाल के तीर्थ यात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। नैमिषारण्य से नेपाल होते हुए कैलाश पर्वत की तलहटी तक की दूरी 462 किलोमीटर है। नैमिष से तिकुनिया तक की दूरी 285 किलोमीटर और नेपाल सीमा से कैलाश मानसरोवर तक की दूरी 177 किलोमीटर है। खखरौला पुल के पास भंसार का भी प्रस्ताव हो चुका है। जल्द ही यहां से भंसार भी बनाया जाएगा।
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पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नैमिषारण्य से सीतापुर लखीमपुर तिकुनिया नेपाल बॉर्डर होते हुए श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर जा सकेंगे। साथ ही नेपाल से भी तीर्थ यात्री गोला गोकर्णनाथ और नैमिषारण्य की सुगम यात्रा कर सकेंगे। इससे दुधवा टाइगर रिजर्व में भी सैलानियों का आवागमन बढ़ेगा। नैमिषारण्य-कैलाश मानसरोवर रोड का निर्माण होने से भारत और नेपाल दोनों ही देशों पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
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नैमिषारण्य से नेपाल होते हुए कैलाश पर्वत की तलहटी तक की दूरी 462 किलोमीटर तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के सांसद डॉ. रण बहादुर रावल ने नैमिषारण्य से कैलाश मानसरोवर तक फोर लेन रोड निर्माण कराने की मांग भारत सरकार से की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा है।
नैमिषारण्य से कैलाश मानसरोवर की तलहटी तक मार्ग निर्माण के लिए नेपाली सांसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक साल पहले भेंट कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जल्द ही निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि भारत नेपाल सीमा पर खखरौला से इस मार्ग का निर्माण शुरू हो चुका है। इसी को लेकर नेपाली सांसद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से तिकुनिया आकर भेंट की है।
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नेपाल के सांसद डॉ. रण बहादुर रावल ने बताया कि इस मार्ग का निर्माण नेपाल में तेजी से चल रहा है। यदि यह मार्ग बन जाता है तो भारत और नेपाल के तीर्थ यात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। नैमिषारण्य से नेपाल होते हुए कैलाश पर्वत की तलहटी तक की दूरी 462 किलोमीटर है। नैमिष से तिकुनिया तक की दूरी 285 किलोमीटर और नेपाल सीमा से कैलाश मानसरोवर तक की दूरी 177 किलोमीटर है। खखरौला पुल के पास भंसार का भी प्रस्ताव हो चुका है। जल्द ही यहां से भंसार भी बनाया जाएगा।
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