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बारिश होते ही यूरिया की ब्लैक शुरू, 266 वाला कट्टा बिक रहा 350 में
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निपनिया साधन सहकारी समिति का निरीक्षण करते सीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सीडीओ ने चार सहकारी समितियों पर मारा छापा, निपनियां में गड़बड़ी मिली
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एआर कोआपरेटिव को सचिव, एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश
लखीमपुर खीरी। बृहस्पतिवार को अच्छी बारिश होने से यूरिया समेत अन्य खादों की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे खाद की कालाबाजारी का खेल शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि समितियों पर खाद न होने से मजबूरी में उन्हें 266 रुपये वाला कट्टा 350 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। खाद की ब्लैक किए जाने की शिकायत मिलने पर सीडीओ ने चार साधन सहकारी समितियों पर छापा मारा। निपनियां साधन सहकारी समिति पर स्टॉक में खाद मिलने पर भौतिक रूप में न मिलने पर सीडीओ ने सचिव और एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीडीओ ने पहले कालाआम साधन सहकारी समिति का दौरा किया, यहां भी यूरिया नहीं मिली। न ही सचिव मौजूद मिले। इसके बाद बिझौली समिति में भी सचिव नहीं मिले। स्टॉक रजिस्टर समेत अन्य अभिलेख चेक किए, गोदाम का निरीक्षण किया, लेकिन यहां भी खाद नहीं मिली। मौजूद कर्मचारी ने बताया कि तीन-चार दिन पहले ही यूरिया खत्म हो गई थी, नया स्टॉक नहीं आया है।
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निपनियां साधन सहकारी समिति पर सीडीओ को रजिस्टर में 8.595 मीट्रिक टन का स्टॉक मिला, लेकिन मौके पर गोदाम खाली था। इस पर सचिव और एकाउंटेंट सटीक जवाब नहीं दे पाए। सीडीओ ने सचिव संजध कुमार और एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एआर कोआपरेटिव सूर्यनारायन मिश्रा को निर्देश दिए हैं। किसानों ने सीडीओ से शिकायत की कि मजबूरन वह प्राइवेट दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। दुकानदार 266.50 रुपये प्रति बोरी वाली यूरिया को 300 से 350 रुपये में बेच रहे हैं।
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गनेशपुर समिति में नहीं मिले सचिव
फरधान। सीडीओ अरविंद सिंह ने साधन सहकारी समिति गनेशपुर में खाद गोदाम, हाजिरी रजिस्टर व स्टॉक रजिस्टर चेक किया। समिति के सचिव के अनुपस्थिति होने के कारण स्टॉक रजिस्टर कब्जे में ले लिया है। समिति में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं मिली।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे सीडीओ यहां औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्हें समिति सचिव श्रीधर वर्मा नहीं मिले। चपरासी अमित वर्मा ने गोदाम, स्टॉक रजिस्टर व हाजिरी रजिस्टर दिखाया। समिति गोदाम में एनपीके खाद की बोरी मिली, लेकिन यूरिया की एक भी बोरी नहीं मिली। चपरासी ने बताया कि यूरिया चार दिन से नहीं है। प्रतिदिन सैकड़ों किसान लौट जाते हैं। उधर, समिति सचिव श्रीधर वर्मा ने बताया वह मौके पर नहीं मिल सके। कोरोना टीका लगने की वजह से तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए देर हो गई थी। मेरे आने से पहले सीडीओ निकल गए और स्टॉक रजिस्टर साथ ले गए हैं।
सीडीओ को हकीकत बताने पहुंचे किसान
सीडीओ के निरीक्षण की सूचना पर बारिश में भीगते हुए कुछ किसान समिति पर आए, लेकिन तब तक सीडीओ जा चुके थे। किसान विपिन वाजपेयी, ललित कुमार, पुनीत तिवारी ने कहा कि समिति में खाद नहीं मिलती है। गन्ना की फसल में इन्ही एक दो महीने खाद डाली जाती है, वो मिल नहीं रही हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति सचिव पक्षपात करते हैं, अपने चहेतों को खाद देते हैं। ललित ने बताया कि कई किसानों को ट्रॉली में 50-50 बोरी देते हैं। बाकी किसानों को स्टॉक न होने की कहकर टरका देते हैं। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि 266.50 रुपये की बोरी 280 से 290 रुपये में देते हैं। नितिन ने बताया कि समिति पर यूरिया न मिलने से कस्बे की प्राइवेट दुकानों पर 300 से 350 रुपये तक में यूरिया मिल रही है।
सहकारी समितियों पर यूरिया लेने उमड़े किसान
गोला गोकर्णनाथ। बारिश के कारण गन्ने की सिंचाई हो जाने से यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है। सहकारी समितियों पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही रही है।
ममरी। बारिश के बाद किसानों ने गन्ने की फसल में खाद डालना शुरू कर दिया है। ममरी, लंदनपुर, जड़ौरा, अहमदनगर, रोशननगर, ग्रंट नंबर 18, शहाबुद्दीनपुर आदि सहकारी समितियों, गन्ना समिति के खाद गोदाम, प्राइवेट दुकानों पर यूरिया खाद की मारामारी मची रही।
मूड़ा सवारन। क्षेत्र की सहकारी समितियों पर आश्रित किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है। भदेड़ सहकारी समिति पर काफी भीड़ लग गई, लेकिन कर्मचारियों के न होने से किसानों को खाद नहीं मिल पाई। दोपहर तक इंतजार करने के बाद लौटना पड़ा। रामपाल, विजय कुमार, मनोज, बाबूराम आदि ने बताया कि समिति पर अधिकांश किसानों को खाद के लिए दिक्कत रहती है।
भीखमपुर। बरसात फसलों के लिए वरदान साबित हुई। किसान गन्ने आदि की फसलों के लिये यूरिया, एनपीके, डीएपी लेने के लिए भीड़ लगाए रहे। सहकारी समिति के सचिव प्रबलदीप अवस्थी ने बताया कि समिति में खाद उपलब्ध है। क्षेत्र के सभी किसानों को खाद भरपूर मिल रही है।
लगभग एक महीने से एनपीके, डीएपी खाद के लिए बिझौली समिति के चक्कर लगा रहे हैं। पेड़ी गन्ने में भी वह एनपीके डालना चाह रहे थे, मगर अभी तक एनपीके खाद नहीं आई है। - निमिष कुमार सिंह किसान बिझौली
तहसील क्षेत्र की समितियों पर यूरिया खाद की कोई दिक्कत नहीं है। बारिश हो जाने से अचानक मांग बढ़ गई है, सभी किसानों को यूरिया खाद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। - शंकरलाल, अपर जिला सहकारी अधिकारी गोला
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एआर कोआपरेटिव को सचिव, एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश लखीमपुर खीरी। बृहस्पतिवार को अच्छी बारिश होने से यूरिया समेत अन्य खादों की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे खाद की कालाबाजारी का खेल शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि समितियों पर खाद न होने से मजबूरी में उन्हें 266 रुपये वाला कट्टा 350 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। खाद की ब्लैक किए जाने की शिकायत मिलने पर सीडीओ ने चार साधन सहकारी समितियों पर छापा मारा। निपनियां साधन सहकारी समिति पर स्टॉक में खाद मिलने पर भौतिक रूप में न मिलने पर सीडीओ ने सचिव और एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीडीओ ने पहले कालाआम साधन सहकारी समिति का दौरा किया, यहां भी यूरिया नहीं मिली। न ही सचिव मौजूद मिले। इसके बाद बिझौली समिति में भी सचिव नहीं मिले। स्टॉक रजिस्टर समेत अन्य अभिलेख चेक किए, गोदाम का निरीक्षण किया, लेकिन यहां भी खाद नहीं मिली। मौजूद कर्मचारी ने बताया कि तीन-चार दिन पहले ही यूरिया खत्म हो गई थी, नया स्टॉक नहीं आया है।
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निपनियां साधन सहकारी समिति पर सीडीओ को रजिस्टर में 8.595 मीट्रिक टन का स्टॉक मिला, लेकिन मौके पर गोदाम खाली था। इस पर सचिव और एकाउंटेंट सटीक जवाब नहीं दे पाए। सीडीओ ने सचिव संजध कुमार और एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एआर कोआपरेटिव सूर्यनारायन मिश्रा को निर्देश दिए हैं। किसानों ने सीडीओ से शिकायत की कि मजबूरन वह प्राइवेट दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। दुकानदार 266.50 रुपये प्रति बोरी वाली यूरिया को 300 से 350 रुपये में बेच रहे हैं।
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गनेशपुर समिति में नहीं मिले सचिव
फरधान। सीडीओ अरविंद सिंह ने साधन सहकारी समिति गनेशपुर में खाद गोदाम, हाजिरी रजिस्टर व स्टॉक रजिस्टर चेक किया। समिति के सचिव के अनुपस्थिति होने के कारण स्टॉक रजिस्टर कब्जे में ले लिया है। समिति में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं मिली।बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे सीडीओ यहां औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्हें समिति सचिव श्रीधर वर्मा नहीं मिले। चपरासी अमित वर्मा ने गोदाम, स्टॉक रजिस्टर व हाजिरी रजिस्टर दिखाया। समिति गोदाम में एनपीके खाद की बोरी मिली, लेकिन यूरिया की एक भी बोरी नहीं मिली। चपरासी ने बताया कि यूरिया चार दिन से नहीं है। प्रतिदिन सैकड़ों किसान लौट जाते हैं। उधर, समिति सचिव श्रीधर वर्मा ने बताया वह मौके पर नहीं मिल सके। कोरोना टीका लगने की वजह से तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए देर हो गई थी। मेरे आने से पहले सीडीओ निकल गए और स्टॉक रजिस्टर साथ ले गए हैं।
सीडीओ को हकीकत बताने पहुंचे किसान
सीडीओ के निरीक्षण की सूचना पर बारिश में भीगते हुए कुछ किसान समिति पर आए, लेकिन तब तक सीडीओ जा चुके थे। किसान विपिन वाजपेयी, ललित कुमार, पुनीत तिवारी ने कहा कि समिति में खाद नहीं मिलती है। गन्ना की फसल में इन्ही एक दो महीने खाद डाली जाती है, वो मिल नहीं रही हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति सचिव पक्षपात करते हैं, अपने चहेतों को खाद देते हैं। ललित ने बताया कि कई किसानों को ट्रॉली में 50-50 बोरी देते हैं। बाकी किसानों को स्टॉक न होने की कहकर टरका देते हैं। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि 266.50 रुपये की बोरी 280 से 290 रुपये में देते हैं। नितिन ने बताया कि समिति पर यूरिया न मिलने से कस्बे की प्राइवेट दुकानों पर 300 से 350 रुपये तक में यूरिया मिल रही है।सहकारी समितियों पर यूरिया लेने उमड़े किसान
गोला गोकर्णनाथ। बारिश के कारण गन्ने की सिंचाई हो जाने से यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है। सहकारी समितियों पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही रही है।ममरी। बारिश के बाद किसानों ने गन्ने की फसल में खाद डालना शुरू कर दिया है। ममरी, लंदनपुर, जड़ौरा, अहमदनगर, रोशननगर, ग्रंट नंबर 18, शहाबुद्दीनपुर आदि सहकारी समितियों, गन्ना समिति के खाद गोदाम, प्राइवेट दुकानों पर यूरिया खाद की मारामारी मची रही।
मूड़ा सवारन। क्षेत्र की सहकारी समितियों पर आश्रित किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है। भदेड़ सहकारी समिति पर काफी भीड़ लग गई, लेकिन कर्मचारियों के न होने से किसानों को खाद नहीं मिल पाई। दोपहर तक इंतजार करने के बाद लौटना पड़ा। रामपाल, विजय कुमार, मनोज, बाबूराम आदि ने बताया कि समिति पर अधिकांश किसानों को खाद के लिए दिक्कत रहती है।
भीखमपुर। बरसात फसलों के लिए वरदान साबित हुई। किसान गन्ने आदि की फसलों के लिये यूरिया, एनपीके, डीएपी लेने के लिए भीड़ लगाए रहे। सहकारी समिति के सचिव प्रबलदीप अवस्थी ने बताया कि समिति में खाद उपलब्ध है। क्षेत्र के सभी किसानों को खाद भरपूर मिल रही है।
लगभग एक महीने से एनपीके, डीएपी खाद के लिए बिझौली समिति के चक्कर लगा रहे हैं। पेड़ी गन्ने में भी वह एनपीके डालना चाह रहे थे, मगर अभी तक एनपीके खाद नहीं आई है। - निमिष कुमार सिंह किसान बिझौली
तहसील क्षेत्र की समितियों पर यूरिया खाद की कोई दिक्कत नहीं है। बारिश हो जाने से अचानक मांग बढ़ गई है, सभी किसानों को यूरिया खाद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। - शंकरलाल, अपर जिला सहकारी अधिकारी गोला