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ऐसी जगह बनाए क्रय केंद्र जहां पहुंच न सकें किसान
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:08 AM IST
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गेहूं खरीद
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ब्लाक मुख्यालयों को छोड़ सुदूर गांवों में खोले क्रय केंद्र
प्रत्येक आठ किमी की परिधि में क्रय केंद्र खोलने के निर्देश
किसानों से गेहूं खरीद करने के लिए जिले भर में 132 क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन प्रमुख स्थानों जैसे ब्लाक मुख्यालयों पर क्रय केंद्र खोलने में अफसरों ने कोताही बरती है। ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में ही क्रय केंद्र बनाए गए हैैं। जिनमें कई ऐसे गांव हैं जहां केंद्रों पर किसानों का पहुंचना आसान नहीं है। इन गांवों के क्रय केंद्र पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा या फिर किसान पहुंचेंगे ही नहीं। एजेंसियों ने कई केंद्र जिन गांवों में प्रस्तावित किए हैं, लेकिन उन्हें दूसरे गांवों में खोला गया है। ताकि दूसरे माध्यमों से गेहूं खरीद के लक्ष्य का कोटा भी पूरा कर लिया जाए।
गौरतलब है कि हाल में हुई धान खरीद के दौरान जिले में करीब 110 केंद्र बनाए गए थे और 50 आढ़तियों ने भी खरीद की थी। अब रबी सीजन में गेहूं खरीद के लिए जिले में 132 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष 154 क्रय केंद्र खोले गए थे। इस बार क्रय केंद्र घट जाने से किसानों की दिक्कतें बढ़ना तय हैं। तो मुसीबत यह भी होगी कि कई किमी दूर गांवों में जाकर गेेहूं बेचना पड़ेगा। मसलन मितौली ब्लाक और तहसील मुख्यालय है फिर भी यहां क्रय केंद्र नहीं बनाया गया हैं, बल्कि गांव सलाहपुर में क्रय केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा एक एजेंसी ने 16 किमी दूर औरंगाबाद में क्रय केंद्र बनाया हैए जो पसगवां ब्लाक में आता है। एजेंसियों द्वारा बनाए गए केंद्रों में कई विषमताएं हैं, बिजुआ ब्लाक में पीसीएफ ने साधन सहकारी समिति फूलबेहड़ एट बसेगापुर के नाम से केंद्र बनाया है। इसी तरह कर्मचारी कल्याण निगम ने कुंभी ब्लाक में मझगवां देवी एट ममरी नाम से क्रय केंद्र बनाया है, जो दोनों गांवों में फिट मानकर अधिकारी चल रहे हैं।
प्रत्येक आठ किमी की परिधि में खोले जाने हैं क्रय केंद्र
31 मार्च 2016 को प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग ने क्त्रस्य नीति जारी कर निर्देश दिए हैं कि किसी किसान को अपना गेेेहूं बेचने के लिए आठ किमी से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। इसलिए प्रत्येक आठ किमी की परिधि में अनिवार्य रूप से एक क्रय केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए। साथ ही निर्देश यह भी हैं कि क्रय केंद्र ऐसे स्थान पर खोले जाएं, जहां किसान आसानी से पहुंच सकें। मसलन मंडी, उप मंडी, एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब और मुख्य मार्ग के समीप सार्वजनिक स्थानों पर क्रय केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिले में क्रय नीति जारी होने से पहले ही क्रय केंद्र के स्थल फाइनल हो गए थे।
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एजेंसियों ने जिन स्थानों पर क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया था, वहीं पर केंद्र बनाए गए हैं। यदि कहीं से कोई शिकायत या मांग की जाती है, तो वहां पर क्रय केंद्र खोलने पर विचार किया जा सकता है।
- अर्जुन प्रसाद पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
प्रत्येक आठ किमी की परिधि में क्रय केंद्र खोलने के निर्देश
किसानों से गेहूं खरीद करने के लिए जिले भर में 132 क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन प्रमुख स्थानों जैसे ब्लाक मुख्यालयों पर क्रय केंद्र खोलने में अफसरों ने कोताही बरती है। ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में ही क्रय केंद्र बनाए गए हैैं। जिनमें कई ऐसे गांव हैं जहां केंद्रों पर किसानों का पहुंचना आसान नहीं है। इन गांवों के क्रय केंद्र पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा या फिर किसान पहुंचेंगे ही नहीं। एजेंसियों ने कई केंद्र जिन गांवों में प्रस्तावित किए हैं, लेकिन उन्हें दूसरे गांवों में खोला गया है। ताकि दूसरे माध्यमों से गेहूं खरीद के लक्ष्य का कोटा भी पूरा कर लिया जाए।
गौरतलब है कि हाल में हुई धान खरीद के दौरान जिले में करीब 110 केंद्र बनाए गए थे और 50 आढ़तियों ने भी खरीद की थी। अब रबी सीजन में गेहूं खरीद के लिए जिले में 132 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष 154 क्रय केंद्र खोले गए थे। इस बार क्रय केंद्र घट जाने से किसानों की दिक्कतें बढ़ना तय हैं। तो मुसीबत यह भी होगी कि कई किमी दूर गांवों में जाकर गेेहूं बेचना पड़ेगा। मसलन मितौली ब्लाक और तहसील मुख्यालय है फिर भी यहां क्रय केंद्र नहीं बनाया गया हैं, बल्कि गांव सलाहपुर में क्रय केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा एक एजेंसी ने 16 किमी दूर औरंगाबाद में क्रय केंद्र बनाया हैए जो पसगवां ब्लाक में आता है। एजेंसियों द्वारा बनाए गए केंद्रों में कई विषमताएं हैं, बिजुआ ब्लाक में पीसीएफ ने साधन सहकारी समिति फूलबेहड़ एट बसेगापुर के नाम से केंद्र बनाया है। इसी तरह कर्मचारी कल्याण निगम ने कुंभी ब्लाक में मझगवां देवी एट ममरी नाम से क्रय केंद्र बनाया है, जो दोनों गांवों में फिट मानकर अधिकारी चल रहे हैं।
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प्रत्येक आठ किमी की परिधि में खोले जाने हैं क्रय केंद्र
31 मार्च 2016 को प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग ने क्त्रस्य नीति जारी कर निर्देश दिए हैं कि किसी किसान को अपना गेेेहूं बेचने के लिए आठ किमी से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। इसलिए प्रत्येक आठ किमी की परिधि में अनिवार्य रूप से एक क्रय केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए। साथ ही निर्देश यह भी हैं कि क्रय केंद्र ऐसे स्थान पर खोले जाएं, जहां किसान आसानी से पहुंच सकें। मसलन मंडी, उप मंडी, एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब और मुख्य मार्ग के समीप सार्वजनिक स्थानों पर क्रय केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिले में क्रय नीति जारी होने से पहले ही क्रय केंद्र के स्थल फाइनल हो गए थे।
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एजेंसियों ने जिन स्थानों पर क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया था, वहीं पर केंद्र बनाए गए हैं। यदि कहीं से कोई शिकायत या मांग की जाती है, तो वहां पर क्रय केंद्र खोलने पर विचार किया जा सकता है।
- अर्जुन प्रसाद पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी