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निघासन कांड: अदालत ने अभियोजन से मांगी आपत्ति, सुनवाई के लिए आठ मई की तारीख तय
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लखीमपुर खीरी। अनुसूचित जाति की दो दलित बहनों के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में बचाव पक्ष की अर्जी पर अदालत में अभियोजन से आपत्ति मांगी गई है। एडीजे राहुल सिंह प्रथम ने सुनवाई के लिए आठ मई की तारीख मुकर्रर की है।
निघासन थाना क्षेत्र में दो बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में प्रदेशभर की सियासत गर्म हो गई थी। महिला अपराधों पर अंकुश लगाने की दुहाई देते हुए राज्य सरकार ने प्रतिदिन सुनवाई कराने का अनुरोध किया था। इस पर अदालत में नियमित सुनवाई चल रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी बृजेश पांडे, संजय सिंह और वादी के व्यक्तिगत अधिवक्ता एस के सिंघानिया ने अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी होने के बाद साक्ष्य समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद बचाव को अपनी सफाई पेश करनी थी।
अभियुक्त सुनील उर्फ छोटू की ओर से अधिवक्ता फिरोज खान ने अभियुक्त की पत्नी को बचाव साक्षी के रूप में पेश किया। अन्य अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना ने फॉरेंसिक रिपोर्ट देने वाले वैज्ञानिक विशेषज्ञों को बचाव पक्ष की ओर से पेश करने की बात कही है। अर्जी देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट पर उन्होंने आपत्ति की थी लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था। अब उनकी ओर से रिपोर्ट देने वाले वैज्ञानिकों और चिकित्सा विधि को बचाव पक्ष की ओर से तलब किए जाने की याचना की गई है।
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प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान एडीजे अदालत में अभियोजन पक्ष को बचाव पक्ष की अर्जी के संबंध में आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया है और मामले की सुनवाई के लिए आठ मई की तारीख मुकर्रर की है।
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निघासन थाना क्षेत्र में दो बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में प्रदेशभर की सियासत गर्म हो गई थी। महिला अपराधों पर अंकुश लगाने की दुहाई देते हुए राज्य सरकार ने प्रतिदिन सुनवाई कराने का अनुरोध किया था। इस पर अदालत में नियमित सुनवाई चल रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी बृजेश पांडे, संजय सिंह और वादी के व्यक्तिगत अधिवक्ता एस के सिंघानिया ने अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी होने के बाद साक्ष्य समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद बचाव को अपनी सफाई पेश करनी थी।
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अभियुक्त सुनील उर्फ छोटू की ओर से अधिवक्ता फिरोज खान ने अभियुक्त की पत्नी को बचाव साक्षी के रूप में पेश किया। अन्य अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना ने फॉरेंसिक रिपोर्ट देने वाले वैज्ञानिक विशेषज्ञों को बचाव पक्ष की ओर से पेश करने की बात कही है। अर्जी देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट पर उन्होंने आपत्ति की थी लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था। अब उनकी ओर से रिपोर्ट देने वाले वैज्ञानिकों और चिकित्सा विधि को बचाव पक्ष की ओर से तलब किए जाने की याचना की गई है।
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प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान एडीजे अदालत में अभियोजन पक्ष को बचाव पक्ष की अर्जी के संबंध में आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया है और मामले की सुनवाई के लिए आठ मई की तारीख मुकर्रर की है।