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Lakhimpur Kheri News: तबादला अटकने से 250 शिक्षकों में बेचैनी
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लखीमपुर खीरी। करीब 15 दिन पहले शुरू हुए गृह जनपद वासियों को लेकर शिक्षकों में खुशी देखी जा रही थी। अचानक रिलीविंग से एक दिन पहले ही जारी हुए आदेश के बाद 69 हजार भर्ती वाले शिक्षकों को अग्रिम आदेशों तक रिलीव न करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में करीब 250 से ज्यादा शिक्षक हैं, जो नए आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
कई सालों से जिले में तैनात दूसरे जनपदों के शिक्षक शिक्षिकाओं के गृह जनपद स्थानान्तरण आदेश आने के बाद खुशी से फूले नहीं समां रहे थे। एक सप्ताह से ज्यादा चली स्थानान्तरण प्रक्रिया के बाद अचानक 69 हजार भर्ती के तहत नियुक्ति पाए शिक्षक शिक्षिकाओं को झटका लगा। बताया जाता है कि कोर्ट में रिट दाखिल हो जाने के बाद इस भर्ती के शिक्षकों को रिलीव न करने का आदेश जारी हो गया। शिक्षा विभाग के जुड़े सूत्र बताते हैं कि आदेश से पहले ही कुछ शिक्षकों को जिले से रिलीव किया जा चुका था। हालांकि आदेश के बाद प्रक्रिया रोक दी गई।
केस एक
प्राथमिक विद्यालय ढकियापुरवा में तैनात शिक्षिका सरिता मौर्या ने असाध्य रोग और दिव्यांग होने की बात बताते हुए स्थानान्तरण के लिए आवेदन किया था। रिलीव आर्डर मिल पाता इससे पहले ही राेक लगने का आदेश आ गया है।
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केस दो
प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर में तैनात वंदना सिंह बताती हैं कि उनके पति सरकारी सेवा में होने और अति गंभीर रोग से ग्रसित होने के चलते तबादला कराना चाहती थी लेकिन स्थानान्तरण नहीं हो सका। कोर्ट में लगी अगली डेट का इंतजार कर रही हैं। बताया कि किराए पर कमरा लेकर रह रही थीं। तबादले के बाद घरेलू सामान भेज दिया। अब दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
केस तीन
संविलियन विद्यालय महमूदपुर में तैनात ज्योति गौतम ने असाध्य व गंभीर रोगों से ग्रसित होने की बात शामिल करते हुए स्थानान्तरण के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। कहना था कि यदि समय से तबादला हो जाता तो बेहतर होता।
केस चार
गोला कुम्भी के संविलियन विद्यालय कंजा में तैनात सहायक अध्यापक वैशाली भी असाध्य रोग से ग्रसित होने की बात कहते हुए तबादले के लिए आवेदन किया था। कहती हैं कि वह काफी सालों से जिले में परिवार से दूर नौकरी कर रही हैं। इस बार भी उम्मीद अधूरी रह गयी है।
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कई सालों से जिले में तैनात दूसरे जनपदों के शिक्षक शिक्षिकाओं के गृह जनपद स्थानान्तरण आदेश आने के बाद खुशी से फूले नहीं समां रहे थे। एक सप्ताह से ज्यादा चली स्थानान्तरण प्रक्रिया के बाद अचानक 69 हजार भर्ती के तहत नियुक्ति पाए शिक्षक शिक्षिकाओं को झटका लगा। बताया जाता है कि कोर्ट में रिट दाखिल हो जाने के बाद इस भर्ती के शिक्षकों को रिलीव न करने का आदेश जारी हो गया। शिक्षा विभाग के जुड़े सूत्र बताते हैं कि आदेश से पहले ही कुछ शिक्षकों को जिले से रिलीव किया जा चुका था। हालांकि आदेश के बाद प्रक्रिया रोक दी गई।
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केस एक
प्राथमिक विद्यालय ढकियापुरवा में तैनात शिक्षिका सरिता मौर्या ने असाध्य रोग और दिव्यांग होने की बात बताते हुए स्थानान्तरण के लिए आवेदन किया था। रिलीव आर्डर मिल पाता इससे पहले ही राेक लगने का आदेश आ गया है।
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केस दो
प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर में तैनात वंदना सिंह बताती हैं कि उनके पति सरकारी सेवा में होने और अति गंभीर रोग से ग्रसित होने के चलते तबादला कराना चाहती थी लेकिन स्थानान्तरण नहीं हो सका। कोर्ट में लगी अगली डेट का इंतजार कर रही हैं। बताया कि किराए पर कमरा लेकर रह रही थीं। तबादले के बाद घरेलू सामान भेज दिया। अब दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
केस तीन
संविलियन विद्यालय महमूदपुर में तैनात ज्योति गौतम ने असाध्य व गंभीर रोगों से ग्रसित होने की बात शामिल करते हुए स्थानान्तरण के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। कहना था कि यदि समय से तबादला हो जाता तो बेहतर होता।
केस चार
गोला कुम्भी के संविलियन विद्यालय कंजा में तैनात सहायक अध्यापक वैशाली भी असाध्य रोग से ग्रसित होने की बात कहते हुए तबादले के लिए आवेदन किया था। कहती हैं कि वह काफी सालों से जिले में परिवार से दूर नौकरी कर रही हैं। इस बार भी उम्मीद अधूरी रह गयी है।