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यूक्रेन संकटः चार और छात्र घर लौटे, खुशी में परिजन के छलक आए आंसू
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यूक्रेन से वापस लौटीं उम्मी खातून अपने परिवार के साथ।
अब तक कुल दस छात्र घर लौटे, जबकि तीन छात्रों से नहीं हो पा रहा संपर्क
लखीमपुर खीरी। यूक्रेन संकट से निकलकर जिले में चार और छात्रों की सकुशल घर वापसी हो गई। छात्रों के घर पहुंचने की खुशी में परिजन के आंसू छलक आए।
शनिवार को मोहम्मदी के अनुराग यादव और खीरी टाउन की उम्मीन खातून घर पहुंच गईं, जबकि पलिया क्षेत्र में खजुरिया के अब्दुल मन्नान और गोविंदनगर के शिवम सिंह भी घर लौट आए। अब तक कुल 10 छात्र घर लौट आए हैं, जबकि तीन छात्रों से अब भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि हर्षित यादव भी रोमानिया बॉर्डर के पास पहुंच चुके हैं।
जिले में अब तक मोहम्मदी के आलोक सिंह, खजुरिया के अब्दुल मन्नान अंसारी, लखीमपुर के मनमोहन मिश्रा, सरवन सिंह, कृष्णमोहन मिश्रा, पलिया के ऋषभ गोयल, शिवम सिंह, मोहम्मदी की रिशमजीत कौर, अनुराग यादव, खीरी टाउन की उम्मी खातून घर लौट चुकी हैं।
घर पहुंचते ही अनुराग को मां ने लगा लिया गले
पसगवां। युद्धग्रस्त यूक्रेन से घर लौटे अनुराग को देखते ही परिजन की आंखों में आंसू आ गए। मां और बहन समेत सभी ईष्ट मित्रों ने भावुक होकर अनुराग की अगवानी की, तो मां ने अनुराग को गले लगाकर दुलार किया।
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अनुराग युद्घ ग्रस्त यूक्रेन के टरनोपिल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। अनुराग ने बताया कि उसे घर तक पहुंचने में 10 दिन से भी ज्यादा का समय लग गया। वह रोमानिया के रास्ते भारत पहुंचे, जिसके बाद उनकी घर वापसी हो सकी। अनुराग के पिता अरविंद यादव समेत पूरे परिवार ने भारत सरकार और रोमानिया एंबेसी का आभार जताते हुए उनके प्रयास को सराहनीय बताया।
उधर, अनुराग का चचेरा भाई हर्षित यादव अभी भी बॉर्डर के आसपास कहीं फंसा हुआ है। हर्षित यादव ने अपने परिजन को बताया कि उसे एंबेसी की तरफ से बताया गया है कि बस के जरिये बॉर्डर ले जाया जाएगा।
घर की दहलीज पर लौटी उम्मी तो लग गया लोगों का तांता
खीरी टाउन। यूक्रेन से लौटी बेटी को देखकर पिता की आंखों में खुशी के आंसू निकल आए। शुक्रवार को देर शाम खीरी टाउन कस्बा निवासी उम्मी खातून यूक्रेन से लखनऊ पहुंचीं, जिसको लेने के लिए परिवार के लोग पहले से मौजूद थे। जैसे ही वह अपने घर पहुंचे तो आसपास के लोग उम्मी से मिलने के लिए उसके निवास पर पहुंचे और उसे दुआएं दी।
खीरी टाउन के मोहल्ला सैयद वाला निवासी निजाम अली की पुत्री यूक्रेन की एक यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के पांचवें साल की छात्रा है, जो रूस और यूक्रेन के युद्ध के दौरान वहां पर फंस गई थी। उम्मी ने बताया कि वह मंगलवार को पोल्टावा एस्टेट को छोड़कर निकली थी। बृहस्पतिवार को हंगरी एयरपोर्ट से चलकर शुक्रवार को सुबह स्वदेश दिल्ली पहुंच गई थी। रास्ते में उसे कोई भी दिक्कत नहीं हुई। देर रात को अपने निवास स्थान खीरी टाउन पहुंची। सुबह लोगों को जब मालूम हुआ उम्मी अपने घर पर आ गई है तो लोग उसके निवास पर पहुंचे और फूल मालाएं पहना कर मिठाई खिलाई। वहीं परिवार के लोग भी खुशी का इजहार कर रहे हैं। संवाद
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लखीमपुर खीरी। यूक्रेन संकट से निकलकर जिले में चार और छात्रों की सकुशल घर वापसी हो गई। छात्रों के घर पहुंचने की खुशी में परिजन के आंसू छलक आए।
शनिवार को मोहम्मदी के अनुराग यादव और खीरी टाउन की उम्मीन खातून घर पहुंच गईं, जबकि पलिया क्षेत्र में खजुरिया के अब्दुल मन्नान और गोविंदनगर के शिवम सिंह भी घर लौट आए। अब तक कुल 10 छात्र घर लौट आए हैं, जबकि तीन छात्रों से अब भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि हर्षित यादव भी रोमानिया बॉर्डर के पास पहुंच चुके हैं।
जिले में अब तक मोहम्मदी के आलोक सिंह, खजुरिया के अब्दुल मन्नान अंसारी, लखीमपुर के मनमोहन मिश्रा, सरवन सिंह, कृष्णमोहन मिश्रा, पलिया के ऋषभ गोयल, शिवम सिंह, मोहम्मदी की रिशमजीत कौर, अनुराग यादव, खीरी टाउन की उम्मी खातून घर लौट चुकी हैं।
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घर पहुंचते ही अनुराग को मां ने लगा लिया गले
पसगवां। युद्धग्रस्त यूक्रेन से घर लौटे अनुराग को देखते ही परिजन की आंखों में आंसू आ गए। मां और बहन समेत सभी ईष्ट मित्रों ने भावुक होकर अनुराग की अगवानी की, तो मां ने अनुराग को गले लगाकर दुलार किया।
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अनुराग युद्घ ग्रस्त यूक्रेन के टरनोपिल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। अनुराग ने बताया कि उसे घर तक पहुंचने में 10 दिन से भी ज्यादा का समय लग गया। वह रोमानिया के रास्ते भारत पहुंचे, जिसके बाद उनकी घर वापसी हो सकी। अनुराग के पिता अरविंद यादव समेत पूरे परिवार ने भारत सरकार और रोमानिया एंबेसी का आभार जताते हुए उनके प्रयास को सराहनीय बताया।
उधर, अनुराग का चचेरा भाई हर्षित यादव अभी भी बॉर्डर के आसपास कहीं फंसा हुआ है। हर्षित यादव ने अपने परिजन को बताया कि उसे एंबेसी की तरफ से बताया गया है कि बस के जरिये बॉर्डर ले जाया जाएगा।
घर की दहलीज पर लौटी उम्मी तो लग गया लोगों का तांता
खीरी टाउन। यूक्रेन से लौटी बेटी को देखकर पिता की आंखों में खुशी के आंसू निकल आए। शुक्रवार को देर शाम खीरी टाउन कस्बा निवासी उम्मी खातून यूक्रेन से लखनऊ पहुंचीं, जिसको लेने के लिए परिवार के लोग पहले से मौजूद थे। जैसे ही वह अपने घर पहुंचे तो आसपास के लोग उम्मी से मिलने के लिए उसके निवास पर पहुंचे और उसे दुआएं दी।
खीरी टाउन के मोहल्ला सैयद वाला निवासी निजाम अली की पुत्री यूक्रेन की एक यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के पांचवें साल की छात्रा है, जो रूस और यूक्रेन के युद्ध के दौरान वहां पर फंस गई थी। उम्मी ने बताया कि वह मंगलवार को पोल्टावा एस्टेट को छोड़कर निकली थी। बृहस्पतिवार को हंगरी एयरपोर्ट से चलकर शुक्रवार को सुबह स्वदेश दिल्ली पहुंच गई थी। रास्ते में उसे कोई भी दिक्कत नहीं हुई। देर रात को अपने निवास स्थान खीरी टाउन पहुंची। सुबह लोगों को जब मालूम हुआ उम्मी अपने घर पर आ गई है तो लोग उसके निवास पर पहुंचे और फूल मालाएं पहना कर मिठाई खिलाई। वहीं परिवार के लोग भी खुशी का इजहार कर रहे हैं। संवाद