{"_id":"137e7962722ff7906dcd98ee07bfd6c6","slug":"typhoon-death-of-two-teenagers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंधी में दो किशोरों की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंधी में दो किशोरों की मौत
लखीमपुर/महेवागंज
Updated Sun, 31 May 2015 10:11 PM IST
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जिले में रविवार को तेज आंधी को दौरान दो किशोरों की मौत हो गई। फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव अग्गरखुर्द में टिन उड़कर एक किशोर की गर्दन में लगी, जिससे उसकी गर्दन बुरी तरह कट गई। खून से लथपथ किशोर को जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं ईसानगर में आम बीनने गए किशोर की पेड़ की डाल के नीचे दबकर मौत हो गई।
अग्गर खुर्द निवासी इदरीश का 16 वर्षीय शीबू घर के बाहर मौजूद था, तभी आंधी से घर के बाहर पड़ी टिन उड़कर शीबू की गर्दन में धंस गई। परिवार वाले शीबू को जिला अस्पताल लाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर ईसानगर क्षेत्र के गांव टेड़िया सरैया निवासी रामचंद्र चक्रवर्ती के 11 वर्षीय पुत्र सुनील आम बीनने गया था, आंधी के दौरान पेड़ की डाल टूटकर गिरने से सुनील उसी के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुनील के साथ आम बीन रहे उसके अन्य साथियों ने घर पहुंचकर हादसे की जानकारी परिवारवालों को दी। धौरहरा क्षेत्र के गांव कफारा में आंधी के दौरान गांव की 70 वर्षीय महिला कच्ची दीवार के मलबे में दबकर बुरी तरह जख्मी हो गई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया है।
निघासन और धौरहरा में आंधी के साथ ओलावृष्टि
आंधी में कई ग्रामीणों के छप्पर उड़े, सड़कों पर पेड़ गिरने आवागमन बाधित
लखीमपुर खीरी। दिन भर कड़ाके की धूप के बाद धूल भरी आंधी से पलिया, निघासन तथा धौरहरा क्षेत्र में कई जगह आंधी के साथ हल्की वर्षा और ओलावृष्टि भी हुई। आंधी और बरसात के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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रविवार को सुबह से ही जोरदार गर्मी थी दोपहर में लू के थपेड़ों से सड़कों पर सन्नाटा रहा। रविवार को जिले का तापमान लगभग 44.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे दिन भर लोग बेहाल रहे। शाम को लगभग 4.00 बजे शहर में धूल भरी आंधी आई। इससे कई पेड़ों की साखें टूट गईं, हालांकि शहर में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। आंधी का सबसे ज्यादा प्रकोप महेवागंज और फूलबेहड़ क्षेत्र में रहा। यहां एक मोबाइल कंपनी का टॉवर गिर गया। कई मकानों की दीवारें ढह गईं। इस क्षेत्र में कई पेड़ उखड़ गए तो शहर के अलावा पलिया, निघासन और धौरहरा तहसीलों में आंधी के बाद हल्की वर्षा के साथ ओले भी गिरे। निघासन क्षेत्र में निघासन ढखेरवा मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कई बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे। कई ग्रामीणों के छप्पर उड़ गए। आंधी पानी के बाद मौसम में कुछ बदलाव आया ठंडी हवाओं से लोगों ने राहत महसूस की है। ओला वृष्टि से आम की फसल को नुकसान हुआ है।
टॉवर गिरे, निघासन, पलिया, धौरहरा की बिजली ठप
निघासन। तेज आंधी के कारण निघासन क्षेत्र में 220 केवीए के तीन टावर गिर गए। जिससे निघासन के साथ-साथ धौरहरा और पलिया की भी बिजली सप्लाई ठप हो गई। टॉवर गिरने की सूचना मिलने के बाद ट्रांसमिशन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक तीनों टॉवर क्षेत्र के टांडा गांव के पास गिरे हैं। जिससे लोगों को दो-तीन दिनों तक बिजली मिलना मुश्किल है।
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अग्गर खुर्द निवासी इदरीश का 16 वर्षीय शीबू घर के बाहर मौजूद था, तभी आंधी से घर के बाहर पड़ी टिन उड़कर शीबू की गर्दन में धंस गई। परिवार वाले शीबू को जिला अस्पताल लाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर ईसानगर क्षेत्र के गांव टेड़िया सरैया निवासी रामचंद्र चक्रवर्ती के 11 वर्षीय पुत्र सुनील आम बीनने गया था, आंधी के दौरान पेड़ की डाल टूटकर गिरने से सुनील उसी के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुनील के साथ आम बीन रहे उसके अन्य साथियों ने घर पहुंचकर हादसे की जानकारी परिवारवालों को दी। धौरहरा क्षेत्र के गांव कफारा में आंधी के दौरान गांव की 70 वर्षीय महिला कच्ची दीवार के मलबे में दबकर बुरी तरह जख्मी हो गई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया है।
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निघासन और धौरहरा में आंधी के साथ ओलावृष्टि
आंधी में कई ग्रामीणों के छप्पर उड़े, सड़कों पर पेड़ गिरने आवागमन बाधित
लखीमपुर खीरी। दिन भर कड़ाके की धूप के बाद धूल भरी आंधी से पलिया, निघासन तथा धौरहरा क्षेत्र में कई जगह आंधी के साथ हल्की वर्षा और ओलावृष्टि भी हुई। आंधी और बरसात के बाद तापमान में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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रविवार को सुबह से ही जोरदार गर्मी थी दोपहर में लू के थपेड़ों से सड़कों पर सन्नाटा रहा। रविवार को जिले का तापमान लगभग 44.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे दिन भर लोग बेहाल रहे। शाम को लगभग 4.00 बजे शहर में धूल भरी आंधी आई। इससे कई पेड़ों की साखें टूट गईं, हालांकि शहर में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। आंधी का सबसे ज्यादा प्रकोप महेवागंज और फूलबेहड़ क्षेत्र में रहा। यहां एक मोबाइल कंपनी का टॉवर गिर गया। कई मकानों की दीवारें ढह गईं। इस क्षेत्र में कई पेड़ उखड़ गए तो शहर के अलावा पलिया, निघासन और धौरहरा तहसीलों में आंधी के बाद हल्की वर्षा के साथ ओले भी गिरे। निघासन क्षेत्र में निघासन ढखेरवा मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कई बड़े वाहन घंटों तक फंसे रहे। कई ग्रामीणों के छप्पर उड़ गए। आंधी पानी के बाद मौसम में कुछ बदलाव आया ठंडी हवाओं से लोगों ने राहत महसूस की है। ओला वृष्टि से आम की फसल को नुकसान हुआ है।
टॉवर गिरे, निघासन, पलिया, धौरहरा की बिजली ठप
निघासन। तेज आंधी के कारण निघासन क्षेत्र में 220 केवीए के तीन टावर गिर गए। जिससे निघासन के साथ-साथ धौरहरा और पलिया की भी बिजली सप्लाई ठप हो गई। टॉवर गिरने की सूचना मिलने के बाद ट्रांसमिशन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक तीनों टॉवर क्षेत्र के टांडा गांव के पास गिरे हैं। जिससे लोगों को दो-तीन दिनों तक बिजली मिलना मुश्किल है।