कैमाबुजुर्ग में मलेरिया बुखार के दो मरीज और मिले
गांव में मलेरिया पीड़ितों की संख्या बढ़कर हुई 24, शनिवार को गांव में युद्घ स्तर पर चला सफाई अभियान
ग्राम पंचायत कैमाबुजुर्ग में चार राजस्व गांव सहित दो मजरे हैं। पिछले करीब 15 दिन से गांव में मलेरिया बुखार का प्रकोप है। बेकाबू होते बुखार ने स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार को डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया भी गांव पहुंच गए। गंदगी और जलभराव देखकर डीएम के निर्देश पर शनिवार को पूरी ग्राम पंचायत में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया।
एसडीएम मितौली डीके सिंह, बीडीओ बेहजम शिखर श्रीवास्तव एवं एडीओ पंचायत सहित सात ग्राम पंचायत अधिकारी की निगरानी में करीब 90 सफाई कर्मियों ने सुबह आठ बजे से शाम तक कैमा बुजुर्ग सहित लाल्हनपुर और करनपुर में सफाई अभियान चलाया। उधर, बुखार से तप रहे कैमाबुजुर्ग की साफ सफाई में सात सफाई कर्मियों सहित करीब 25 मनरेगा मजदूर लगाए लगे हैं। ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अपनी निगरानी में नालियों की सफाई कराकर सड़क किनारे उगी घास छिलवाई।
कोल्हू मालिक ग्राम पंचायत अधिकारी को एसडीएम की चेतावनी
सफाई अभियान के दौरान एसडीएम को गांव के किनारे कोल्हू लगा मिला। इसका गंदा पानी एक जगह जमा होता देख एसडीएम भड़क उठे। ग्रामीणों ने बताया कि यह कोल्हू ग्राम पंचायत अधिकारी धर्मेंद्र, जो सीतापुर में तैनात है, का है। इस पर एसडीएम ने फोन उन्हें कर 24 घंटे में कोल्हू से निकलने वाली गंदगी रोकने और ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।ग्रामीणों को भी मिली चेेतावनी
डीएम के दौरे के बाद हरकत में आए एसडीएम ने गांव का भ्रमण कर विधिवत सफाई करवाई। इस दौरान घरों के सामने और आसपास कूड़ा एवं गंदे पानी के लिए बने गड्ढे देखकर उन्होंने नाराजगी। एसडीएम ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि सभी लोग स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि बीमारियों का प्रमुख कारण गंदगी और जलभराव है। औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी के घर के सामने गंदगी और जलभराव मिला तो उसके खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई होगी।ग्रामीणों का आरोप, नहीं मिल रहीं सही दवाएं
डीएम के निर्देश पर गांव में बनाए गए दो स्वास्थ्य शिविरों में शनिवार को 50 से अधिक लोगों की जांच कर इलाज किया। एक कैैंप में आयुर्वेदिक तो दूसरे में अंग्रेजी दवाएं दी गई। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि दिन भर में 50 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। वहीं कैमा बुजुर्ग निवसी गोपाल ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में जांच तो हो रही है, लेकिन दवा सही नहीं मिल रही। बुखार वालों को तो ऐसे ही वापस कर दिया जा रहा है।शनिवार को दो और मलेरिया के मरीज मिलने से कैमाबुजुर्ग में मलेरिया पीड़ितों की संख्या 24 हो गई है। इसमें से अधिकांश लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि छह मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा दिलाने के लिए गांव में दो स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। शनिवार को 43 स्लाइड बनाई गईं। - डॉ. अनिल कुमार वर्मा, अधीक्षक, सीएचसी बेहजम
ग्राम पंचायत कैमाबुजुर्ग के समस्त गांवों में शनिवार को अभियान चलाकर विधिवत साफ सफाई कराई गई। इसकी निगरानी हम स्वयं और बीडीओ सहित एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत अधिकारी करते रहे। इसके लिए सफाई कर्मचारियों के साथ मनरेगा मजदूरों को भी लगाया गया था। इसके बाद जिनके घरों के सामने गंदगी मिलेगी उनके खिलाफ नोटिस जारी होगा। - डीके सिंह, एसडीएम मितौली
कैमाबुजुर्ग में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है। वहीं एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। शनिवार को गांव में विधिवत सफाई अभियान चला। - डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ