{"_id":"e53853258d2b96924b74761b0a741ac9","slug":"two-htyabhiyukto-life-imprisonment-fines-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो हत्याभियुक्तो को उम्रकैद, जुर्माना भी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो हत्याभियुक्तो को उम्रकैद, जुर्माना भी
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 05 May 2015 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीण की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर देने के मामले में अपर जिला जज एमजी मदार ने दो हत्याभियुक्तो को उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही दोनाें पर जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र के पिपरिया धनी निवासी तारा सिंह की गांव के ही सुखदेव के परिवार से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते 26 अप्रैल 2010 की रात तारा सिंह जब अपने खेत पर रखवाली के लिए पहुंचा तभी उसकी कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। तारा सिंह के भतीजे हरजिंदर सिंह ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तफ्तीश मुकम्मल करते हुए गांव के ही सुखदेव, रमाशंकर समेत तीन लोगों को चार्जशीटेड किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक को नाबालिग पाया तो उसकी फाइल अलग कर दी। मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने सुखदेव व रमाशंकर को दोषसिद्ध पाया, दोनो को उम्रकैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र के पिपरिया धनी निवासी तारा सिंह की गांव के ही सुखदेव के परिवार से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते 26 अप्रैल 2010 की रात तारा सिंह जब अपने खेत पर रखवाली के लिए पहुंचा तभी उसकी कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। तारा सिंह के भतीजे हरजिंदर सिंह ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तफ्तीश मुकम्मल करते हुए गांव के ही सुखदेव, रमाशंकर समेत तीन लोगों को चार्जशीटेड किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक को नाबालिग पाया तो उसकी फाइल अलग कर दी। मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने सुखदेव व रमाशंकर को दोषसिद्ध पाया, दोनो को उम्रकैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन