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भैंस पर बैठीं दो बालिकाएं नाले में डूबीं, मौत

Sun, 13 Mar 2022 11:35 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 11:35 PM IST
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Two girls sitting on buffalo drowned in the drain, died
पलिया के बड़ागांव-अतरिया में घटनास्थल पर लगी भीड़।
शारदा नदी से निकला बंधा ठोकर नाला पार कर घर जा रहीं थीं हदीसन और शबाना
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। इलाके के बड़ागांव अतरिया में भैंस पर बैठकर नाला पार करने की कोशिश में पानी में डूब गईं। हादसे में दोनों की मौत हो गई। बताया गया कि बालिकाएं भैंसों पर बैठकर शारदा नदी से निकला बंधा ठोकर नाला पार कर जा रहीं थीं कि अचानक भैंसों के पानी में बैठ जाने से दोनों बालिकाएं नाले में गिर गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई।
इलाके के बड़ागांव अतरिया निवासी छंगे की 12 वर्षीय पुत्री हदीसन अपनी सहेली नाजिम अली की 14 वर्षीय पुत्री शबाना के साथ पालतू भैंसों को चराने के लिए शारदा नदी किनारे बने ठोकर नाले की तरफ गईं थीं। बताया गया कि दोनों भैंसों पर बैठकर नाले को पार करने लगीं। इस दौरान बीच नाले में दोनों भैंसें अचानक से नाले में बैठ गईं, जिससे दोनों बालिकाएं गहरे पानी में गिर गईं और डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर गांव के भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शवों को निकालकर बाहर रख पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एसआई अनिल कुमार राजपूत दलबल के साथ पहुंचे और पंचनामा भरकर शवों को पीएम के लिए भेजवाया है। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
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दोनों परिवारों की सबसे छोटी व चहेती थीं दोनों बालिकाएं
पलियाकलां। बड़ागांव अतरिया निवासी हदीसन व शबाना की ठोकर नाले में डूबने से मौत हो गई। दोनों ही अपने परिवार की सबसे छोटी व चहेती लाड़ली बिटिया थीं। दोनों का घर पास होने के चलते वह एक साथ ही पालतू पशुओं को चराने के लिए नदी की तरफ गईं थीं। हदीसन के तीन भाई व पांच बहनें हैं, जबकि शबाना के भी तीन भाई और पांच बहने हैं। दोनों की मौत से दो परिवारों में मातमी माहौल बन गया है सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
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अतरिया गांव निवासी छंगे हापुड़ में गन्ने छिलाई का कार्य करने के लिए जाते हैं। उनकी पुत्री हदीसन सबसे छोटी थी। इसके अलावा सबसे बड़ा पुत्र अलमू, अरमानी, आयान हैं, जबकि भूरी, अराफत, मास्कीना, नाजिरा व हदीसन पांच पुत्रियां हैं।

जमीन के नाम पर इनके पास कुछ भी नहीं है मेहनत मजदूरी करके ही वह अपना गुजारा कर रहे हैं। पुत्री हदीसन की मौत के बाद माता-पिता के साथ ही सभी भाई व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। दूसरी तरफ नाजिम अली भी हापुड़ में गन्ना छिलाई का कार्य करते हैं और छंगे के पड़ोस में रहते हैं। इनके भी नफीस, रिफाकत, आलम तीन पुत्र हैं जबकि मैनाज, मिस्कीन, परवीन, मासिया, शबाना आदि पांच पुत्रियां हैं। पुत्री शबाना की मौत से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

पलिया के बड़ागांव-अतरिया में घटनास्थल पर विलाप करते परिजन।

पलिया के बड़ागांव-अतरिया में घटनास्थल पर विलाप करते परिजन।

 

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