दम घुटने से दो बच्चों की मौत: सर्दी से बचने के लिए जलाई अंगीठी बनी काल, माता-पिता की हालत गंभीर
लखीमपुर खीरी के मैलानी में धुएं के कारण दम घुटने से दो बच्चों की मौत हो गई। उनके माता-पिता की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि सोमवार रात दंपती कमरे में अंगीठी जलाकर बच्चों के साथ सोए थे।
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लखीमपुर खीरी के मैलानी में सर्दी से बचाव के लिए कमरे में जलाकर रखी अंगीठी दो बच्चों के लिए काल बन गई। कस्बे के मोहल्ला वार्ड नंबर-12 में अंगीठी के धुएं से दम घुटने से मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। उनके माता-पिता की हालत गंभीर हैं। महिला को पीलीभीत रेफर किया गया है। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मैलानी कस्बे के वार्ड नंबर 12 निवासी राम प्यारे के पुत्र रमेश विश्वकर्मा अपनी पत्नी रेनू और दो बच्चों अंशिका (8) और कृष्णा (7) के साथ कमरे में सोए थे। उन्होंने सर्दी से बचाव के लिए कमरे में अंगीठी जलाई थी। कमरे का दरवाजा बंद होने से धुआं भरता रहा। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने आवाज लगाई।
कमरे से कोई आवाज नहीं आई। इस पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य देखकर दंग रह गए। बिस्तर पर कृष्णा और अंशिका मृत पड़े थे। दंपती बेहोश थे। परिजन उनको लेकर अस्पताल पहुंचे। रेनू की गंभीर हालत होने उसे पीलीभीत रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
परिवार वालों ने बताया कि राम प्यारे के पांच बेटे हैं, जिनमें से रमेश विश्वकर्मा चौथे नंबर का है। वह खुटार रोड पर पेट्रोल पंप के पास अपना लोहारी का पुश्तैनी काम करता है। जबकि चार अन्य बेटे मजदूरी करने बाहर गए हुए हैं।
हादसे की खबर सुनकर सभी अपने घर के लिए रवाना हो गए। बता दें कि रमेश विश्वकर्मा के एक बेटी अंशिका विश्वकर्मा और बेटा कृष्णा विश्वकर्मा दो ही संतान थीं। हादसे में दोनों की जान चली जाने से उसका आंगन सूना हो गया।