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Lakhimpur Kheri News: छुट्टा पशुओं के लिए एनएच-30 पर दो कैटल कैचर वाहन तैनात
Tue, 15 Sep 2026 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 15 Sep 2026 02:01 AM IST
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कैटल कैचर वाहन में जानवरों को पकड़ती टीम। स्रोत : विभाग
- फोटो : Samvad
मैगलगंज। दिल्ली-लखनऊ हाईवे (एनएच-30) पर छुट्टा पशुओं से हादसे रोकने के लिए एनएचएआई ने अभियान तेज किया है। ठेकेदार के माध्यम से दो कैटल कैचर वाहन लगाए गए हैं।
एनएचएआई के अनुसार, अब तक 71 छुट्टा पशु पकड़कर गोशालाओं और अस्थायी पशु आश्रय स्थलों में भेजे गए हैं। कैटल कैचर से हाईवे पर घूम रहे पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के समन्वय से यह कार्रवाई नियमित रूप से की जा रही है।
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, आसपास के ग्रामीण पालतू पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। इससे वे दोबारा हाईवे पर पहुंच जाते हैं और हादसों का खतरा बढ़ता है। ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों से भी समन्वय किया जा रहा है।
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एनएचएआई की गश्ती टीमें स्थानीय अधिकारियों, गोशालाओं, गो-रक्षक दलों और ग्राम प्रतिनिधियों के संपर्क में रहकर पशुओं को हटाने में जुटी हैं।
एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि एनएच-30 पर दो कैटल कैचर वाहन लगाए गए हैं। इनके जरिए पशुओं को पकड़कर स्थानीय गोशालाओं में भेजा जा रहा है। इससे हादसों का खतरा कम रहता है।
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एनएचएआई के अनुसार, अब तक 71 छुट्टा पशु पकड़कर गोशालाओं और अस्थायी पशु आश्रय स्थलों में भेजे गए हैं। कैटल कैचर से हाईवे पर घूम रहे पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के समन्वय से यह कार्रवाई नियमित रूप से की जा रही है।
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एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, आसपास के ग्रामीण पालतू पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। इससे वे दोबारा हाईवे पर पहुंच जाते हैं और हादसों का खतरा बढ़ता है। ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों से भी समन्वय किया जा रहा है।
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एनएचएआई की गश्ती टीमें स्थानीय अधिकारियों, गोशालाओं, गो-रक्षक दलों और ग्राम प्रतिनिधियों के संपर्क में रहकर पशुओं को हटाने में जुटी हैं।
एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि एनएच-30 पर दो कैटल कैचर वाहन लगाए गए हैं। इनके जरिए पशुओं को पकड़कर स्थानीय गोशालाओं में भेजा जा रहा है। इससे हादसों का खतरा कम रहता है।