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Lakhimpur Kheri News: बुआ-भतीजी की हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद
Thu, 08 Oct 2026 11:18 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:18 PM IST
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लखीमपुर खीरी। निघासन के गांव कटहा में रामनाथ यादव की हत्या में सुलह करने से इन्कार पर बेटी आरती और पोती फूलकुमारी के कत्ल में गांव के दो भाइयों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी अवधेश और सत्यप्रकाश पर 88-88 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की आधी रकम पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रामनाथ की हत्या के मामले में अवधेश को जेल भेजा गया था। सवा साल बाद जमानत पर छूटकर आए अवधेश और उसके परिवार ने पीड़ित परिवार को गवाही बदलने और सुलह करने की धमकी दी। इन्कार पर 2017 में 22 फरवरी की रात अवधेश और सत्यप्रकाश ने अन्य साथियों के साथ मिलकर रामनाथ के घर पर धावा बोल दिया था। हंसिया व अन्य धारदार हथियारों के हमले से रामनाथ की पोती पांच वर्षीय फूलकुमारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं रामनाथ की बेटी आरती (12), बेटा राजेंद्र उर्फ रज्जन, उसकी पत्नी और परिवार की अन्य महिलाएं भी घायल हुईं। इलाज के दौरान आरती की भी मौत हो गई।
पुलिस ने अवधेश और सत्य प्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान रज्जन यादव व परिवार के अन्य लोगों के साथ ही डॉ. राजीव राजपूत, फार्मासिस्ट त्रिभुवन सिंह, सीओ सुशील चंद्र शुक्ला और अन्य पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कराए।
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बृहस्पतिवार को एडीजे रेनू सिंह ने अवधेश और सत्य प्रकाश को दोहरे हत्याकांड में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, रामनाथ की हत्या के मामले में अवधेश को जेल भेजा गया था। सवा साल बाद जमानत पर छूटकर आए अवधेश और उसके परिवार ने पीड़ित परिवार को गवाही बदलने और सुलह करने की धमकी दी। इन्कार पर 2017 में 22 फरवरी की रात अवधेश और सत्यप्रकाश ने अन्य साथियों के साथ मिलकर रामनाथ के घर पर धावा बोल दिया था। हंसिया व अन्य धारदार हथियारों के हमले से रामनाथ की पोती पांच वर्षीय फूलकुमारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं रामनाथ की बेटी आरती (12), बेटा राजेंद्र उर्फ रज्जन, उसकी पत्नी और परिवार की अन्य महिलाएं भी घायल हुईं। इलाज के दौरान आरती की भी मौत हो गई।
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पुलिस ने अवधेश और सत्य प्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान रज्जन यादव व परिवार के अन्य लोगों के साथ ही डॉ. राजीव राजपूत, फार्मासिस्ट त्रिभुवन सिंह, सीओ सुशील चंद्र शुक्ला और अन्य पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कराए।
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बृहस्पतिवार को एडीजे रेनू सिंह ने अवधेश और सत्य प्रकाश को दोहरे हत्याकांड में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया।