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ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के लिए बन रही मुसीबत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 05 Mar 2018 08:14 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मैलानी-बहराइच रेल प्रखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। करीब छह महीनों से इस रूट पर ट्रेनें तीन से चार घंटे देरी से चल रही हैं। नगर व्यापार मंडल ने रेल मंत्री से ट्रेनों का संचालन समय से करवाने की मांग की है।
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गोंडा-मैलानी रेलप्रखंड पर दो साल पहले आमान परिवर्तन की हुई घोषणा के बाद रेलवे ने पहले चरण में गोंडा से बहराइच तक बड़ी रेल लाइन बनाने का कार्य चालू किया। यह कार्य अंतिम चरण में है। बड़ी लाइन का काम चलने के कारण ट्रेनों का संचालन मैलानी से बहराइच तक कर दिया गया। इसके बाद से इस रेल प्रखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी शुरू हो गई। इस रूट पर छह जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन कोई भी ट्रेन ऐसी नहीं जो अपने निर्धारित समय से तीन से चार घंटे देरी से न आती हो। बॉर्डर क्षेत्र के बाशिंदों को यातायात का केवल रेल ही एक सहारा है। खास बात यह है कि रेलवे ने ट्रेन की 12 बोगियों को घटाकर छह कर रखा है, जिसके चलते ट्रेन में खासी मारामारी रहती है।
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नगर व्यापार मंडल महामंत्री आशीष गर्ग, तराई विकास संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, भारतीय किसान संघ के सदस्य मोहम्मद रजा खान ने कहा कि ट्रेनों का संचालन सही किया जाए। मैलानी से बहराइच तक करीब 250 किलोमीटर की दूरी में रोडवेज बसों का संचालन कराया जाए, जिससे कि बॉर्डर की जनता तथा व्यापारियों को यातायात को लेकर राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री को पत्र भेजकर बॉर्डर इलाके का मौके पर निरीक्षण करने की मांग की जाएगी।
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