फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   To get rid of people descended notes

बड़े नोटों से छुटकारा पाने के लिए उमड़े लोग

Thu, 10 Nov 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Thu, 10 Nov 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
To get rid of people descended notes
bank - फोटो : amar ujala
बैंकों में पहले ही दिन 100 करोड़ से ज्यादा जमा हुए बड़े नोट
विज्ञापन

एक हजार पांच सौ रुपये के नोटों के अचानक बंद होने से जहां बुधवार को लोग हतप्रभ थे, वहीं गुरुवार को इन नोटों को बदलने और खातों में जमा करने के लिए बैंकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। भारतीय स्टेट बैंक समेत जिले की सभी बैंकों में सुबह से लेकर देर शाम तक भीड़ रही। जल्दी नोट बदलने के चक्कर में कई बार लोगों में धक्का मुक्की भी हुई। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जिले भर में पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये से अधिक के पांच सौ और एक हजार के नोट जमा या एक्सचेंज हुए। 
गुरुवार को सुबह आठ बजे से लोग बैंकों में पहुंचकर पहले से कतार में खड़े हो गए। बैंक खुलते ही नोट बदलने के लिए निर्धारित फार्म लेने की मारामारी मच गई। लंबी कतारों में लगे लोगों की नजरें एक्सचेंज और डिपाजिट काउंटर पर लगी थीं। किसी भी तरह लोग बड़े नोटों से छुटकारा पाने की फिराक में थे। एक फार्म पर केवल 4000 रुपये के नोट बदले जा रहे थे। 
विज्ञापन

भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में कुल सात एक्सचेंज काउंटर बनाए गए थे। इन काउंटरों पर सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की लाइन लगी रही। इसके अलावा यहां पांच डिपाजिट काउंटरों पर भी दिन भर भीड़ लगी रही। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक अमरेश कुमार मौर्य ने बताया कि सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक करीब 2000 लोगों ने एक हजार और पांच सौ के नोट एक्सचेंज करा चुके थे। काउंटरों पर पांच बजे के बाद भी लाइनें लगी थीं। एक दिन के अंदर ही करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के हजार, पांच सौ के नोट जमा हुए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब नेशनल बैंक की अस्पताल रोड शाखा में नोट बदलने के लिए तीन एक्सचेंज काउंटर और दो डिपाजिट काउंटर बनाए गए थे। एक्सचेंज काउंटरों पर दोपहर 12 बजे ही सौ रुपये के नोट खत्म हो गए। इससे नोट बदलने का काम कई घंटे बंद रहा। यहां दोपहर 12 बजे तक करीब तीन लाख रुपये के नोट बदले जा चुके थे। डिपाजिट काउंटर पर लंबी लाइन लगी थी। 
यूनाइटेड बैंक के शाखा प्रबंधक बीडी वर्मा ने बताया कि दोपहर तक करीब चार लाख रुपये के बड़े नोट बदले जा चुके थे। दोपहर बाद छोटे नोटों की करेंसी खत्म हो जाने के कारण स्टेट बैंक से 10 लाख की और करेंसी मंगानी पड़ी। बैंक आफ बड़ौदा में नोट बदलने और हजार पांच सौ के नोट खातों में जमा करने को लंबी कतार लगी रहीं। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया और इलाहाबाद बैंक में बड़े नोट बदलकर छोटे नोट लेने की होड़ लगी रही। 
राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ-साथ जिला सहकारी बैंक, अर्बन कोआपरेटिव बैंक में भी अफरातफरी का माहौल दिखाई दिया। प्रधान डाकघर में भी बड़ नोट बदलने के लिए कई काउंटर बनाए गए थे। डाकघर में सुबह आठ बजे से ही लोग जमा होने लगे थे। देर शाम तक यहां लोग नोट बदलने के लिए लोग आपाधापी करते रहे। 

--
एक हजार और पांच सौ के नोट बदलने के लिए बैंकों में अलग से एक्सचेंज काउंटर बनाए गए हैं। बैंकों में भीड़ जरूर रही लेकिन सभी बैंक शाखाओं में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। नोट बदलने और खातों में 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने का सिलसिला जारी रहेगा। जल्दबाजी के चक्कर में परेशान न हों। 
-एके द्विवेदी, लीड बैंक मैनेजर, लखीमपुर खीरी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed