{"_id":"576832474f1c1b9960b483eb","slug":"time-is-money-you-create-plans","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय है, पैसा है, आप योजनाएं बनाइये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय है, पैसा है, आप योजनाएं बनाइये
विकास शुक्ला/लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 20 Jun 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
cm
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सौगात और सपनों से दिल में बसने की कोशिश
नेता-अधिकारियों से कहा, विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाइए
भले ही अभी चुनावी रणक्षेत्र तैयार नहीं है, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रैली को चुनावी बिगुल का शंखनाद ही माना जा रहा है। हालांकि सीएम न तो कार्यकर्ताओं, नेताओं और जनता में कोई जोश भरते नजर आए और न ही भविष्य केे लिए कोई खास एलान ही किया। सीएम ने सरकार बनने के तत्काल बाद जिले में अपने पहले दौरे को याद दिलाया। साथ ही दवा, सिंचाई मुफ्ती करने, बेरोजगारी दूर करने और विकास योजनाओं को बताना नहीं भूले तो नेताओं से यह भी कहा, अभी हमारे पास समय है और पैसा भी है, इसलिए प्रस्ताव बना डालो, हर विधानसभा में विकास कार्य कराओ।
मुख्यमंत्री ने अपनी बात की शुरुआत बहुत सारे जिम्मेदार कार्यकर्ताओं से की और जनता का आभार जताया। उन्होंने सिख समाज के कारागार मंत्री रामू वालिया के कारण एक घंटे देर से आने पर भी अफसोस जताना नहीं भूले। इसके बाद घोषणा पत्र के सभी वादे पूरे करने की बात कही। लोग मौन रहे....लेकिन एक ओर से धरती पुत्र मुलायम सिंह की आवाज आई, फिर शांत हो गई। सीएम ने लोगों को याद दिलाया, इस जिले में सरकार बनने से पहले आने का मौका मिला था तो शारदा कैनाल से हर साल आने वाली बाढ़ से बर्बादी पता चली थी। सरकार बनीं तो रवि वर्मा ने सबसे पहले बुलाया था। हम आए, बंधे बने और ठोकरें बनीं, जिससे बाढ़ आनी बंद हो गई। सीएम ने उस दिन को भी याद किया जब वह दुधवा नेशनल पार्क आए थे तो सभी कैंटीन छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने दुधवा में ही रुकने की ठान ली थी और कार्यकर्ताओं की मदद से लकड़ी जुटाकर खाना बनाया था।
बोले, सरकार बनीं तो दुधवा के इंतजाम ठीक कर दिए। इंतजाम ऐसे हो गए कि वीआईपी को भी रुकने की जगह नहीं मिल पा रही है। इसी के चलते दुधवा कर्मचारियों और डीएम का भी झगड़ा हो गया था। फिर फोरलेन को दुधवा और सीमावर्ती जनपद पीलीभीत को भी जोड़ने का एलान किया। उन्होंने 45 से 55 लाख महिलाओं को पेंशन देने, नौकरियां निकालकर रोजगार देने और जल्द ही 30 हजार से ज्यादा भर्ती करने का भी एलान किया। बिजली उत्पादन बढ़ाकर 24 घंटे सप्लाई देने का काम करने की भी बात कही। अपने 22 मिनट के इस भाषण में मुख्यमंत्री ने कैराना के बहाने प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, ऐसा कहकर बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा तो यह भी कहना नहीं भूले कि समाजवादियों ने विकास का जो रास्ता अपनाया, उसमें खुशहाली का मार्ग नहीं छोड़ा है। फिलहाल आगामी विधानसभा चुनावी समर के सेनापति ने सिख समाज के रामू वालिया के बहाने उनकी बिरादरी से जुड़ने तो विकास योजनाओं, सौगातों के बहाने लोगों से जुड़ने की कोशिश की तो 24 घंटे बिजली, 30 हजार से ज्यादा भर्ती, अंडरग्राउंड बिजली लाइन के सपने दिखाकर हर दिल में बसने की भी कोशिश की तो विधायकों से प्रस्ताव मानकर उनका भी दिल जीत लिया।
विज्ञापन
गन्ना भुगतान पर सीएम से नाउम्मीद हुए लोग
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कृषि प्रधान तराई के इस जिले में गन्ना भुगतान पर कुछ भी नहीं कहा। इससे लोग नाउम्मीद हुए, जिसकी जिले भर में चर्चा हुई।
विज्ञापन
नेता-अधिकारियों से कहा, विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाइए
भले ही अभी चुनावी रणक्षेत्र तैयार नहीं है, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रैली को चुनावी बिगुल का शंखनाद ही माना जा रहा है। हालांकि सीएम न तो कार्यकर्ताओं, नेताओं और जनता में कोई जोश भरते नजर आए और न ही भविष्य केे लिए कोई खास एलान ही किया। सीएम ने सरकार बनने के तत्काल बाद जिले में अपने पहले दौरे को याद दिलाया। साथ ही दवा, सिंचाई मुफ्ती करने, बेरोजगारी दूर करने और विकास योजनाओं को बताना नहीं भूले तो नेताओं से यह भी कहा, अभी हमारे पास समय है और पैसा भी है, इसलिए प्रस्ताव बना डालो, हर विधानसभा में विकास कार्य कराओ।
मुख्यमंत्री ने अपनी बात की शुरुआत बहुत सारे जिम्मेदार कार्यकर्ताओं से की और जनता का आभार जताया। उन्होंने सिख समाज के कारागार मंत्री रामू वालिया के कारण एक घंटे देर से आने पर भी अफसोस जताना नहीं भूले। इसके बाद घोषणा पत्र के सभी वादे पूरे करने की बात कही। लोग मौन रहे....लेकिन एक ओर से धरती पुत्र मुलायम सिंह की आवाज आई, फिर शांत हो गई। सीएम ने लोगों को याद दिलाया, इस जिले में सरकार बनने से पहले आने का मौका मिला था तो शारदा कैनाल से हर साल आने वाली बाढ़ से बर्बादी पता चली थी। सरकार बनीं तो रवि वर्मा ने सबसे पहले बुलाया था। हम आए, बंधे बने और ठोकरें बनीं, जिससे बाढ़ आनी बंद हो गई। सीएम ने उस दिन को भी याद किया जब वह दुधवा नेशनल पार्क आए थे तो सभी कैंटीन छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने दुधवा में ही रुकने की ठान ली थी और कार्यकर्ताओं की मदद से लकड़ी जुटाकर खाना बनाया था।
विज्ञापन
बोले, सरकार बनीं तो दुधवा के इंतजाम ठीक कर दिए। इंतजाम ऐसे हो गए कि वीआईपी को भी रुकने की जगह नहीं मिल पा रही है। इसी के चलते दुधवा कर्मचारियों और डीएम का भी झगड़ा हो गया था। फिर फोरलेन को दुधवा और सीमावर्ती जनपद पीलीभीत को भी जोड़ने का एलान किया। उन्होंने 45 से 55 लाख महिलाओं को पेंशन देने, नौकरियां निकालकर रोजगार देने और जल्द ही 30 हजार से ज्यादा भर्ती करने का भी एलान किया। बिजली उत्पादन बढ़ाकर 24 घंटे सप्लाई देने का काम करने की भी बात कही। अपने 22 मिनट के इस भाषण में मुख्यमंत्री ने कैराना के बहाने प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, ऐसा कहकर बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा तो यह भी कहना नहीं भूले कि समाजवादियों ने विकास का जो रास्ता अपनाया, उसमें खुशहाली का मार्ग नहीं छोड़ा है। फिलहाल आगामी विधानसभा चुनावी समर के सेनापति ने सिख समाज के रामू वालिया के बहाने उनकी बिरादरी से जुड़ने तो विकास योजनाओं, सौगातों के बहाने लोगों से जुड़ने की कोशिश की तो 24 घंटे बिजली, 30 हजार से ज्यादा भर्ती, अंडरग्राउंड बिजली लाइन के सपने दिखाकर हर दिल में बसने की भी कोशिश की तो विधायकों से प्रस्ताव मानकर उनका भी दिल जीत लिया।
विज्ञापन
गन्ना भुगतान पर सीएम से नाउम्मीद हुए लोग
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कृषि प्रधान तराई के इस जिले में गन्ना भुगतान पर कुछ भी नहीं कहा। इससे लोग नाउम्मीद हुए, जिसकी जिले भर में चर्चा हुई।